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Yamuna Nagar News: सरकारी स्कूलों में तैयार होगी खिलाड़ियों की पौध
Tue, 30 Jun 2026 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 30 Jun 2026 11:59 PM IST
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खेल नर्सरी में अभ्यास करते खिलाड़ी। आर्काइव
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। वर्ष 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने खेल व्यवस्था में बदलाव किया है। शिक्षा विभाग ने दस वर्ष में विश्व स्तरीय खिलाड़ी तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसकी शुरुआत विद्यालय स्तर पर की जाएगी। सरकार का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें शुरुआत से ही प्रशिक्षण, सुविधाएं और बेहतर संसाधन उपलब्ध करवाना है।
शिक्षा विभाग की योजना के तहत हर विद्यालय का खेल कैलेंडर समय पर तैयार किया जाएगा, ताकि सभी खेल प्रतियोगिताएं निर्धारित समय पर हों और खिलाड़ियों को पूरे वर्ष अभ्यास व प्रतियोगिताओं का स्पष्ट कार्यक्रम मिल सके। इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नियमित अवसर मिलने के साथ उनकी तैयारी भी व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी।
प्रतियोगिताओं से पहले कम से कम दस दिन के विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में खिलाड़ियों को खेल तकनीक, फिटनेस, मानसिक मजबूती और प्रतियोगी माहौल के अनुरूप अभ्यास करवाया जाएगा। शुरुआती स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलने से खिलाड़ी बड़े मंचों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। खेलों के लिए उपलब्ध बजट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के साथ स्कूलों में आधुनिक खेल सामग्री, आवश्यक उपकरण और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी जोर रहेगा।
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खिलाड़ियों को मिलने वाला डाइट मनी समय पर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पोषण और अभ्यास दोनों प्रभावित न हों। शिक्षा के साथ खेलों में भी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्कूल आधारित यह मॉडल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर देने के साथ भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की मजबूत नींव तैयार करने में सहायक साबित हो सकता है।
दुरुस्त किए जाएंगे स्कूलों के खेल मैदान
विद्यालयों में खेल प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत सभी विद्यालयों में खेल मैदान दुरुस्त किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को खेल और अभ्यास के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं, जिन स्कूलों में खेल नर्सरियां चल रही हैं, वहां विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
सरकार के निर्देशों के अनुरूप विद्यालयों में खेल गतिविधियों को सुदृढ़ बनाया जाएगा। खेल कैलेंडर का समय पर क्रियान्वयन, प्रशिक्षण शिविर, खिलाड़ियों को खेल सामग्री व खुराक भत्ता समय पर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान रहेगा। - अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। वर्ष 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने खेल व्यवस्था में बदलाव किया है। शिक्षा विभाग ने दस वर्ष में विश्व स्तरीय खिलाड़ी तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसकी शुरुआत विद्यालय स्तर पर की जाएगी। सरकार का उद्देश्य विद्यालय स्तर पर छिपी खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें शुरुआत से ही प्रशिक्षण, सुविधाएं और बेहतर संसाधन उपलब्ध करवाना है।
शिक्षा विभाग की योजना के तहत हर विद्यालय का खेल कैलेंडर समय पर तैयार किया जाएगा, ताकि सभी खेल प्रतियोगिताएं निर्धारित समय पर हों और खिलाड़ियों को पूरे वर्ष अभ्यास व प्रतियोगिताओं का स्पष्ट कार्यक्रम मिल सके। इससे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को नियमित अवसर मिलने के साथ उनकी तैयारी भी व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी।
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प्रतियोगिताओं से पहले कम से कम दस दिन के विशेष प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे। शिविरों में खिलाड़ियों को खेल तकनीक, फिटनेस, मानसिक मजबूती और प्रतियोगी माहौल के अनुरूप अभ्यास करवाया जाएगा। शुरुआती स्तर पर गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलने से खिलाड़ी बड़े मंचों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे। खेलों के लिए उपलब्ध बजट का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के साथ स्कूलों में आधुनिक खेल सामग्री, आवश्यक उपकरण और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर भी जोर रहेगा।
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खिलाड़ियों को मिलने वाला डाइट मनी समय पर जारी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पोषण और अभ्यास दोनों प्रभावित न हों। शिक्षा के साथ खेलों में भी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट बनाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्कूल आधारित यह मॉडल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के खिलाड़ियों को समान अवसर देने के साथ भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की मजबूत नींव तैयार करने में सहायक साबित हो सकता है।
दुरुस्त किए जाएंगे स्कूलों के खेल मैदान
विद्यालयों में खेल प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके तहत सभी विद्यालयों में खेल मैदान दुरुस्त किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों को खेल और अभ्यास के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। वहीं, जिन स्कूलों में खेल नर्सरियां चल रही हैं, वहां विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
सरकार के निर्देशों के अनुरूप विद्यालयों में खेल गतिविधियों को सुदृढ़ बनाया जाएगा। खेल कैलेंडर का समय पर क्रियान्वयन, प्रशिक्षण शिविर, खिलाड़ियों को खेल सामग्री व खुराक भत्ता समय पर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान रहेगा। - अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।