{"_id":"6aaee69019a0dc4e8805cc98","slug":"a-glimpse-of-brotherhood-visible-at-the-ganpati-pandal-in-sarni-chowk-yamuna-nagar-news-c-246-1-ymn1001-163199-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: सरनी चौक के गणपति पंडाल में दिख रही भाईचारे की झलक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: सरनी चौक के गणपति पंडाल में दिख रही भाईचारे की झलक
Sun, 20 Sep 2026 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 20 Sep 2026 01:16 AM IST
विज्ञापन
सरनी चौक पर लगे गणपति पंडाल में मौजूद ग्रुप के पदाधिकारी। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सरनी चौक पर पिछले छह साल से लगाए जा रहे गणपति पंडाल में इस बार भी सांझी आस्था और भाईचारे की मिसाल देखने को मिल रही है। वैष्णवी ग्रुप की ओर से आयोजित गणपति पंडाल में मुस्लिम समाज के लोग भी धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
वैष्णवी ग्रुप के संचालक जयंत 77, रामशीष राजभर, राजन गुप्ता, हरिंद्र राजभर, राजू गाबा, राहुल राजभर, शिवम, विशाल, मोहित, राजू यादव, चिंटू नाई राजभर, इस्तखार अहमद उर्फ चिंटू, मयंक आदि ने बताया कि सरनी चौक पर लगातार छह साल से गणपति पंडाल सजाया जा रहा है। हर वर्ष गणपति की प्रतिमा का आकार बढ़ाया जाता है। इस बार करीब साढ़े चार फीट ऊंची गणपति की प्रतिमा स्थापित की गई है।
आयोजकों ने बताया कि गणपति पंडाल की व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्रुप के सदस्यों की सुबह और शाम के समय ड्यूटी लगाई जाती है। कोशिश रहती है कि पंडाल खाली न रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। शाम के समय कॉलोनी की महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंचती हैं और भजन-कीर्तन में हिस्सा लेती हैं। महिलाएं भजनों पर नृत्य कर गणपति के प्रति अपनी आस्था प्रकट करती हैं।
विज्ञापन
शाम को गणपति की आरती की जाती है। इसके बाद भगवान गणेश को लड्डुओं का भोग लगाया जाता है और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाता है। आयोजकों के अनुसार 22 सितंबर को विशेष आयोजन किया जाएगा। इस दिन 1500 से अधिक लोगों के लिए पूरी-छोले, हलवा और पेठे का भंडारा लगाया जाएगा। शाम को माता की चौकी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें कॉलोनी के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
धर्म से पहले इंसानियत जरूरी : इस्तखार अहमद
गणपति पंडाल में मौजूद इस्तखार अहमद उर्फ चिंटू पिछले कई वर्षों से कॉलोनी में होने वाले गणपति आयोजन में शामिल होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जाति और धर्म से बढ़कर इंसानियत जरूरी है। सभी लोगों को एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए और धार्मिक आयोजनों में मिल-जुलकर हिस्सा लेना चाहिए। उनके अनुसार जब लोग धर्म और जाति की सीमाओं से ऊपर उठकर एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होंगे, तभी समाज में आपसी भाईचारा मजबूत होगा और जाति-धर्म के नाम पर बनी दूरियां कम होंगी। आयोजकों का कहना है कि गणपति उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कॉलोनी के लोगों को एक साथ जोड़ने का माध्यम भी बन रहा है। पंडाल में हर वर्ग के लोग पहुंच रहे हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार आयोजन में सहयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
यमुनानगर। सरनी चौक पर पिछले छह साल से लगाए जा रहे गणपति पंडाल में इस बार भी सांझी आस्था और भाईचारे की मिसाल देखने को मिल रही है। वैष्णवी ग्रुप की ओर से आयोजित गणपति पंडाल में मुस्लिम समाज के लोग भी धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
वैष्णवी ग्रुप के संचालक जयंत 77, रामशीष राजभर, राजन गुप्ता, हरिंद्र राजभर, राजू गाबा, राहुल राजभर, शिवम, विशाल, मोहित, राजू यादव, चिंटू नाई राजभर, इस्तखार अहमद उर्फ चिंटू, मयंक आदि ने बताया कि सरनी चौक पर लगातार छह साल से गणपति पंडाल सजाया जा रहा है। हर वर्ष गणपति की प्रतिमा का आकार बढ़ाया जाता है। इस बार करीब साढ़े चार फीट ऊंची गणपति की प्रतिमा स्थापित की गई है।
विज्ञापन
आयोजकों ने बताया कि गणपति पंडाल की व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्रुप के सदस्यों की सुबह और शाम के समय ड्यूटी लगाई जाती है। कोशिश रहती है कि पंडाल खाली न रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। शाम के समय कॉलोनी की महिलाएं भी बड़ी संख्या में पहुंचती हैं और भजन-कीर्तन में हिस्सा लेती हैं। महिलाएं भजनों पर नृत्य कर गणपति के प्रति अपनी आस्था प्रकट करती हैं।
विज्ञापन
शाम को गणपति की आरती की जाती है। इसके बाद भगवान गणेश को लड्डुओं का भोग लगाया जाता है और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाता है। आयोजकों के अनुसार 22 सितंबर को विशेष आयोजन किया जाएगा। इस दिन 1500 से अधिक लोगों के लिए पूरी-छोले, हलवा और पेठे का भंडारा लगाया जाएगा। शाम को माता की चौकी का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें कॉलोनी के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे।
धर्म से पहले इंसानियत जरूरी : इस्तखार अहमद
गणपति पंडाल में मौजूद इस्तखार अहमद उर्फ चिंटू पिछले कई वर्षों से कॉलोनी में होने वाले गणपति आयोजन में शामिल होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जाति और धर्म से बढ़कर इंसानियत जरूरी है। सभी लोगों को एक-दूसरे के धर्म का सम्मान करना चाहिए और धार्मिक आयोजनों में मिल-जुलकर हिस्सा लेना चाहिए। उनके अनुसार जब लोग धर्म और जाति की सीमाओं से ऊपर उठकर एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होंगे, तभी समाज में आपसी भाईचारा मजबूत होगा और जाति-धर्म के नाम पर बनी दूरियां कम होंगी। आयोजकों का कहना है कि गणपति उत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि कॉलोनी के लोगों को एक साथ जोड़ने का माध्यम भी बन रहा है। पंडाल में हर वर्ग के लोग पहुंच रहे हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार आयोजन में सहयोग कर रहे हैं।

सरनी चौक पर लगे गणपति पंडाल में मौजूद ग्रुप के पदाधिकारी। संवाद