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दुराचारी को दस साल की कैद
Yamuna Nagar
Updated Wed, 11 Sep 2013 05:38 AM IST
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जगाधरी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश बंसल की कोर्ट ने नाबालिग से दुराचार करने के आरोपी गोबिंदपुरी कॉलोनी निवासी आशीष त्यागी को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। कोर्ट में इस केस की सुनवाई एक साल और तीन महीने तक चली। सुनवाई के दौरान कोर्ट में नौ लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जज ने आशीष त्यागी को दुराचार का दोषी करार दिया और उसे आईपीसी की धारा 376 के तहत दस साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना लगाया।
यह है मामला
फर्कपुर पुलिस को 13 जून 2012 को दी शिकायत में पीड़ित की मां ने बताया कि उसकी बेटी शहर के एक निजी स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। जब वह स्कूल आती जाती थी तो रास्ते में गोबिंदपुरी निवासी आशीष त्यागी उसके साथ छेड़छाड़ करता था। एक दिन आरोपी उसे जबदस्ती अपने घर ले गया और वहां पर उसके साथ दुराचार किया। घटना को किसी को बताने पर उसने उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद उसकी बेटी डरी सहमी रहने लगी। जब उसने बेटी से इस संदर्भ में पूछताछ की तो उसने बताया कि आशीष उसे तंग करता है। हालांकि फरवरी 2012 में उन्होंने गांधी नगर पुलिस को आशीष के खिलाफ शिकायत भी दी थी। आरोप है कि 25 फरवरी 2012 को आशीष और उसकी मां, पुलिस की सहायता से उसकी बेटी को शादी की नियत से अपने घर ले गए। लेकिन छह-सात दिन बाद उन्होंने उसकी बेटी को घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसकी बेटी घर आ गई। कुछ दिन बाद उसने अपनी बेटी की शहर के एक अन्य स्कूल में एडमिशन करवाई। इसके बाद आशीष ने फिर से उसकी बेटी को तंग करना शुरू कर दिया। हालांकि मामले को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने उन्हें आश्वासन दिया कि आशीष फिर से उसकी बेटी को तंग नहीं करेगा, लेकिन आशीष अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और एक दिन उसने नाबालिग लड़की को उठाया और अपने घर ले जाकर उसके साथ दुराचार किया। 13 जून 2012 को मामले की शिकायत फर्कपुर पुलिस को दी गई। पुलिस ने नाबालिग की मां की शिकायत पर आशीष और उसकी बहन निशा के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने निशा को निर्दोष पाया, इसलिए तफ्तीश के दौरान उसे केस से बाहर कर दिया गया।
घर में घुसकर किया था हंगामा
पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित की मां ने बताया कि 21 मई 2012 की रात को आशीष जबरन उसके घर में घुस आया। उसने जबरदस्ती उसकी बेटी की बाजू को पकड़ लिया और घसीटता हुआ उसे बाहर ले गया। इसके बाद उसने बाहर गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी दी। पड़ोसियों की मदद से उसने अपनी बेटी को आशीष के चुंगल से छुड़वाया। इसके बाद आशीष उनके घर के बाहर अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया।
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यह है मामला
फर्कपुर पुलिस को 13 जून 2012 को दी शिकायत में पीड़ित की मां ने बताया कि उसकी बेटी शहर के एक निजी स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ती थी। जब वह स्कूल आती जाती थी तो रास्ते में गोबिंदपुरी निवासी आशीष त्यागी उसके साथ छेड़छाड़ करता था। एक दिन आरोपी उसे जबदस्ती अपने घर ले गया और वहां पर उसके साथ दुराचार किया। घटना को किसी को बताने पर उसने उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी दी। जिसके बाद उसकी बेटी डरी सहमी रहने लगी। जब उसने बेटी से इस संदर्भ में पूछताछ की तो उसने बताया कि आशीष उसे तंग करता है। हालांकि फरवरी 2012 में उन्होंने गांधी नगर पुलिस को आशीष के खिलाफ शिकायत भी दी थी। आरोप है कि 25 फरवरी 2012 को आशीष और उसकी मां, पुलिस की सहायता से उसकी बेटी को शादी की नियत से अपने घर ले गए। लेकिन छह-सात दिन बाद उन्होंने उसकी बेटी को घर से बाहर निकाल दिया। इसके बाद उसकी बेटी घर आ गई। कुछ दिन बाद उसने अपनी बेटी की शहर के एक अन्य स्कूल में एडमिशन करवाई। इसके बाद आशीष ने फिर से उसकी बेटी को तंग करना शुरू कर दिया। हालांकि मामले को सुलझाने के लिए पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने उन्हें आश्वासन दिया कि आशीष फिर से उसकी बेटी को तंग नहीं करेगा, लेकिन आशीष अपनी हरकतों से बाज नहीं आया और एक दिन उसने नाबालिग लड़की को उठाया और अपने घर ले जाकर उसके साथ दुराचार किया। 13 जून 2012 को मामले की शिकायत फर्कपुर पुलिस को दी गई। पुलिस ने नाबालिग की मां की शिकायत पर आशीष और उसकी बहन निशा के खिलाफ केस दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस ने निशा को निर्दोष पाया, इसलिए तफ्तीश के दौरान उसे केस से बाहर कर दिया गया।
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घर में घुसकर किया था हंगामा
पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित की मां ने बताया कि 21 मई 2012 की रात को आशीष जबरन उसके घर में घुस आया। उसने जबरदस्ती उसकी बेटी की बाजू को पकड़ लिया और घसीटता हुआ उसे बाहर ले गया। इसके बाद उसने बाहर गाली-गलौच और जान से मारने की धमकी दी। पड़ोसियों की मदद से उसने अपनी बेटी को आशीष के चुंगल से छुड़वाया। इसके बाद आशीष उनके घर के बाहर अपना वाहन छोड़कर फरार हो गया।
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