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आज जरा संभल कर करें विश्वास

Mon, 01 Apr 2013 05:30 AM IST
Yamuna Nagar
Yamuna Nagar Updated Mon, 01 Apr 2013 05:30 AM IST
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जगाधरी। अप्रैल फूल के दिन जरा संभल कर एक दूसरे पर विश्वास करें। कहीं कोई आपको अप्रैल फूल न बनाकर हंसी का पात्र न बना दे। ट्विन सिटी के लोगों ने अप्रैल फूल पर एक दूसरे को मूर्ख बनाने की योजनाएं बनाई है। लोगों का कहना है कि जिंदगी की छोटी-छोटी शरारतें कब एक यादगार लम्हा बनकर हमें जीवन भर गुदगुदाती रहती है, पता ही नहीं चलता। बचपन की वो शरारतें, कभी किसी को चिढ़ाना, तो कभी किसी के साथ लड़ना झगड़ना और कभी अप्रैल फूल बनाकर किसी की हंसी ठिठौली करना। शहर के लोगोें ने अप्रैल फूल से पहले दिल की बात साझा की।
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मॉडल टाउन निवासी विजय कुमार का कहना है अप्रैल फूल के दिन उसने अपने दोस्त को मूर्ख बनाने की योजना बनाई है। वह दोस्त के घर पर मिठाई का डिब्बा भेजेगा, जिसमें मिठाई की बजाए मिट्टी के लड्डुओं पर चांदी का वर्क चढ़ा होगा। जब दोस्त डिब्बे को खोलेगा, तो उसके क्षणों को मोबाइल फोन के जरिए कैमरे में कैद करने का निर्णय लिया है। प्रियंका का कहना है कि उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर सहेली आशा को अप्रैल फूल बनाने का निर्णय लिया है। योजना के मुताबिक सभी सहेलियां आशा को फोन करके पार्टी के लिए रेस्टोरेंट में बुलाएंगी और फिर स्वयं नहीं जाएगी। जब काफी देर तक रेंस्टोरेंट में इंतजार करने के बाद आशा बाहर आएगी, तो वे उसे अप्रैल फूल बनाकर चिड़ाएंगी। इन सारे पलों को उन्होंने कैमरे में कैद करने का निर्णय लिया है।
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अप्रैल फूल बन होना पड़ा शर्मिंदा
जगाधरी निवासी शालू ने बताया कि पिछले साल अप्रैल फूल के दिन मूर्ख बनकर शर्मिंदा होना पड़ा। हुआ यूं कि उसके पति ने शाम को एक बंद डिब्बे में गिफ्ट दिया और कहा कि इसमें तुम्हारे लिए साड़ी है। इसके बाद उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। लेकिन जब उसने डिब्बा खोला तो उसमें से खिलौने के कपडे़ निकले। जिसे देखकर वह हैरान रह गई और सोचने लगी कि साड़ी एक दम से छोटे कपड़ों में तब्दील कैसे हो गई। परिवार के लोग यह सब देखकर खूब हंसे। मुझे बाद में पता चला कि मेरे पति एक ही तरह के दो डिब्बे लेकर आए थे। इसमें से एक में साड़ी व दूसरे में छोटे कपडे़ थे। उन्होंने जिस डिब्बे में साड़ी दिखाई थी, उसे चालाकी से दूसरे डिब्बे के साथ बदल दिया है। उस दिन की घटना के बारे में सोचकर मैं आज भी गुदगुदाना शुरू कर देती हूं।
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