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बढ़ाते हैं ज्यादा, घटाते हैं कम
Yamuna Nagar
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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जगाधरी। पेट्रोल के दाम करीब एक रुपया कम होने से यमुनानगर के लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। लोगों का कहना है कि सरकार पट्रोल के दाम बढ़ाती तो ज्यादा है, लेकिन घटाती कम है। ऐसे में उन्हें महंगाई की मार झेलनी पड़ रही है। वहीं, डिस्ट्रिक यमुनानगर पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के सचिव अनिल गुप्ता का कहना है कि पेट्रोल के दाम कम होने के संदर्भ में उन्हें कंपनी की ओर से कोई संदेश नहीं मिला है। अगर पेट्रोल के दाम 95 पैसे कम होते हैं, तो उस पर 20 प्रतिशत वैट लग जाएगा, इस लिहाज से 1 रुपया 14 पैसे पेट्रोल के दाम कम हो जाएंगे।
जगाधरी निवासी प्रवीन कुमार व रवि कुमार का कहना है कि सरकार जब पेट्रोल के दाम बढ़ाती है, तो एकाएक सभी चीजों के दाम बढ़ जाते हैं, लेकिन जब दाम कम करती है, तो उसके विपरीत बढ़ी हुई वस्तुओं के दाम कम नहीं होते। ऐसे में आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने के बाद जो महंगाई बढ़ी है, उसने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। सेक्टर-17 निवासी विक्रांत और रोहन का कहना है कि सरकार ने करीब एक रुपया पेट्रोल का दाम कम करके लोगों के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है। हर वर्ग महंगाई की मार से त्रस्त है। ऐसे में गरीब लोगों को मुश्किल से दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो रही है। विष्णु गार्डन निवासी सुमित्रा व अनुभूति का कहना है कि भले ही सरकार ने पेट्रोल के दाम करीब एक रुपया कम करने का निर्णय लिया हो, लेकिन इससे आम जन को कोई राहत नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले चुनाव के लिए जमीन तैयार कर रही है, लेकिन जब तक महंगाई पर अंकुश नहीं लेगा, भले ही सरकार पेट्रोल के कितने ही दाम कम कर ले, उसका कोई औचित्य नहीं है।
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जगाधरी निवासी प्रवीन कुमार व रवि कुमार का कहना है कि सरकार जब पेट्रोल के दाम बढ़ाती है, तो एकाएक सभी चीजों के दाम बढ़ जाते हैं, लेकिन जब दाम कम करती है, तो उसके विपरीत बढ़ी हुई वस्तुओं के दाम कम नहीं होते। ऐसे में आमजन को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ने के बाद जो महंगाई बढ़ी है, उसने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। सेक्टर-17 निवासी विक्रांत और रोहन का कहना है कि सरकार ने करीब एक रुपया पेट्रोल का दाम कम करके लोगों के घावों पर नमक छिड़कने का काम किया है। हर वर्ग महंगाई की मार से त्रस्त है। ऐसे में गरीब लोगों को मुश्किल से दो वक्त की रोटी भी नसीब नहीं हो रही है। विष्णु गार्डन निवासी सुमित्रा व अनुभूति का कहना है कि भले ही सरकार ने पेट्रोल के दाम करीब एक रुपया कम करने का निर्णय लिया हो, लेकिन इससे आम जन को कोई राहत नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले चुनाव के लिए जमीन तैयार कर रही है, लेकिन जब तक महंगाई पर अंकुश नहीं लेगा, भले ही सरकार पेट्रोल के कितने ही दाम कम कर ले, उसका कोई औचित्य नहीं है।
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