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917 हाई रिस्क क्षेत्रों में पोलियो रोधी अभियान शुरू
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संवाद न्यू एजेंसी
यमुनानगर। जिले में हाई रिस्क क्षेत्रों में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को डीसी गिरीश अरोड़ा ने बच्चे को पोलियो ड्राप्स पिलाकर किया। तीन दिन तक चलने वाले अभियान के दौरान जिले के 917 हाई रिस्क क्षेत्रों में शून्य से पांच वर्ष तक लगभग 24837 बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाई जाएगी। पहले दिन लगभग 12 हजार बच्चों का दवाई पिलाई गई।
डीसी गिरीश अरोड़ा ने बताया कि जिले में पोलियो सब-नेशनल इम्युनाइजेशन डे (एसएनएलडी) रविवार को केवल हाई रिस्क क्षेेत्रों में किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2014 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो वैक्सीन की डोज पिलवाना सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया पल्स पोलियो अभियान में 548 वैक्सीनेटर और 220 हेल्थ टीमों का गठन किया गया है, जिनका सुपरविजन 57 सुपरवाइजर कर रहे हैं। टीम के सभी सदस्य कोरोना गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं। इस दौरान उप सिविल सर्जन डॉ. विजय परमार, डॉ. वागीश गुटैन, डॉ. राजेश परमार, डॉ. पुनित कालड़ा, डॉ. अश्वनी, डॉ. शुभम, एआईपीआरओ मनोज पांडेय आदि मौजूद रहे।
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पड़ोसी देशों में मिले थे विषाणु
सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि पोलियो का खतरनाक विषाणु हमारे दो पड़ोसी देश पाकिस्तान व अफगानिस्तान को छोड़ कर पूरे विश्व से खत्म हो गया है। पाकिस्तान में जनवरी 21 तक 84 केस और जून 21 तक पोलियो का एक केस मिला। अफगानिस्तान में जनवरी 21 तक 56 केस और जून 21 तक एक केस रिपोर्ट हो चुके हैं। यह हमारे देश के लिए एक गंभीर बात है, क्योंकि इन देशों से हमारे देश की बड़ी सीमा लगती है। इस कारण पोलियो संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है। कोरोना महामारी के चलते केवल उच्च जोखिम वाले क्षेत्र ईंटों के भट्टे, मुर्गी फार्म, फैक्टरियों, कंसट्रक्शन साइट, स्टोन क्रशर, माइनिंग एरिया, झुग्गी झोपड़ियों व शहरी स्लम एरिया में ही अभियान चलाया जाएगा।
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यमुनानगर। जिले में हाई रिस्क क्षेत्रों में पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को डीसी गिरीश अरोड़ा ने बच्चे को पोलियो ड्राप्स पिलाकर किया। तीन दिन तक चलने वाले अभियान के दौरान जिले के 917 हाई रिस्क क्षेत्रों में शून्य से पांच वर्ष तक लगभग 24837 बच्चों को दो बूंद जिंदगी की पिलाई जाएगी। पहले दिन लगभग 12 हजार बच्चों का दवाई पिलाई गई।
डीसी गिरीश अरोड़ा ने बताया कि जिले में पोलियो सब-नेशनल इम्युनाइजेशन डे (एसएनएलडी) रविवार को केवल हाई रिस्क क्षेेत्रों में किया जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2014 में भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की है कि उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो वैक्सीन की डोज पिलवाना सुनिश्चित करें।
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उन्होंने बताया पल्स पोलियो अभियान में 548 वैक्सीनेटर और 220 हेल्थ टीमों का गठन किया गया है, जिनका सुपरविजन 57 सुपरवाइजर कर रहे हैं। टीम के सभी सदस्य कोरोना गाइडलाइन का पालन कर रहे हैं। इस दौरान उप सिविल सर्जन डॉ. विजय परमार, डॉ. वागीश गुटैन, डॉ. राजेश परमार, डॉ. पुनित कालड़ा, डॉ. अश्वनी, डॉ. शुभम, एआईपीआरओ मनोज पांडेय आदि मौजूद रहे।
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पड़ोसी देशों में मिले थे विषाणु
सिविल सर्जन डॉ. विजय दहिया ने बताया कि पोलियो का खतरनाक विषाणु हमारे दो पड़ोसी देश पाकिस्तान व अफगानिस्तान को छोड़ कर पूरे विश्व से खत्म हो गया है। पाकिस्तान में जनवरी 21 तक 84 केस और जून 21 तक पोलियो का एक केस मिला। अफगानिस्तान में जनवरी 21 तक 56 केस और जून 21 तक एक केस रिपोर्ट हो चुके हैं। यह हमारे देश के लिए एक गंभीर बात है, क्योंकि इन देशों से हमारे देश की बड़ी सीमा लगती है। इस कारण पोलियो संक्रमण का खतरा हमेशा बना रहता है। कोरोना महामारी के चलते केवल उच्च जोखिम वाले क्षेत्र ईंटों के भट्टे, मुर्गी फार्म, फैक्टरियों, कंसट्रक्शन साइट, स्टोन क्रशर, माइनिंग एरिया, झुग्गी झोपड़ियों व शहरी स्लम एरिया में ही अभियान चलाया जाएगा।