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Yamuna Nagar News: ईएसआई अस्पताल में 27 बेड पर लगे 9 पंखें

Fri, 29 May 2026 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 29 May 2026 12:17 AM IST
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9 Fans Installed for 27 Beds at ESI Hospital
ईएसआई अस्पताल में मरीज के बेड पर लगा खराब कूलर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। कई दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। गर्मी ऐसी है कि कूलर की हवा भी राहत नहीं दे रही है। वहीं कर्मचारियों व उनके परिजनों के उपचार के लिए बनाए गए ईएसआई अस्पताल में मरीज भीषण गर्मी में तपने को मजबूर हैं। यहां मरीजों को गर्मी से बचाने की व्यवस्था का जायजा लिया गया तो वार्ड के दृश्य हैरान कर देने वाले थे।
अस्पताल में बनाए गए फैमिली प पुरुष वार्ड में चार-चार बेड पर केवल एक पंखा लगाया गया है। इतनी भी हवा मरीजों नहीं लगती। दोनों ही वार्डों में एक भी कूलर नहीं है। मेल वार्ड में दो कूलर हैं, लेकिन दोनों ही खराब हैं। कूलरों में कबूतरों ने बसेरा बना रखा है। इतनी गर्मी में मरीज बिना कूलर के परेशान है।
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ईएसआई अस्पताल में मुख्य रूप से कर्मचारी राज्य बीमा योजना के अंतर्गत पंजीकृत औद्योगिक व निजी कर्मचारियों (जिनका वेतन निर्धारित सीमा के अंतर्गत हो) और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों का उपचार होता है। इसके लिए हर महीने बकायदा कर्मचारी के वेतन से निर्धारित अंशदान भी कटता है। खास बात यह है कि कर्मचारी को वेतन जारी होते ही ईएसआई का अंशदान एडवांस में कट जाता है।
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हजारों कर्मचारी ऐसे हैं जो अंशदान तो दे रहे हैं फिर भी छोटी-मोटी बीमारी की दवा यहां से नहीं लेते। फिर भी ईएसआई अस्पताल में भर्ती मरीजों को दवाई तो बाद में मिलेगी लेकिन उन्हें गर्मी से बचाव के लिए ठंडी हवा तक नसीब नहीं हो रही है। ईएसआई अस्पताल में बने पुरुष वार्ड में कुल 27 बेड लगे हैं, लेकिन पंखे केवल नौ हैं।
वार्ड में चार बेड आगे-पीछे करके लगाए गए हैं। दोनों के बीच में दीवार है। दीवार होने से किसी भी बेड पर पंखे की हवा नहीं लगती। ऐसे में यह पंखे केवल दिखावा बनकर रह गए हैं। यहां वार्ड में दो कूलर भी लगे हैं। इनका न तो बिजली कनेक्शन है और न ही इनमें पानी। इन दिनों यह कबूतरों का आशियाना बने हुए हैं।
इनमें कबूतरों के बच्चे पल रहे हैं और उधर मरीज ठंडी हवा को तरस रहे हैं। इसी तरह ईएसआई के फैमिली वार्ड में 19 बेड लगे हैं लेकिन पंखे केवल 10 हैं। यहां पर भी चार बेड के बीच में दीवार है, जिस कारण हवा किसी भी बेड पर लेटे मरीज तक नहीं आती। मरीजों ने बताया कि पंखों की गर्म हवा लगती है। रात में मच्छर चैन से सोने नहीं देते है।



अस्पताल में नए पंखें व कूलर लगाने के लिए कई बार मुख्यालय लिखा जा चुका है। नए पंखे व कूलर खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। - डॉ. सुमन चौहान, एमएस, ईएसआई अस्पताल।

ईएसआई अस्पताल में मरीज के बेड पर लगा खराब कूलर। संवाद

ईएसआई अस्पताल में मरीज के बेड पर लगा खराब कूलर। संवाद

ईएसआई अस्पताल में मरीज के बेड पर लगा खराब कूलर। संवाद

ईएसआई अस्पताल में मरीज के बेड पर लगा खराब कूलर। संवाद

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