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Yamuna Nagar News: कड़ाके की ठंड में 50 फीसदी बच्चे पहुंचे स्कूल
Wed, 17 Jan 2024 03:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 17 Jan 2024 03:40 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शीतकालीन अवकाश के बाद मंगलवार को पहले दिन स्कूल खुले। कड़ाके की सर्दी के बीच विद्यार्थी ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। पहले दिन जिले में स्कूलों में विद्यार्थियों की औसतन उपस्थिति करीब 50 प्रतिशत रही।
सरकारी आदेशों पर 15 दिन के शीतकालीन अवकाश के बाद मंगलवार से स्कूल खोल दिए गए। इस दौरान छठी से 12वीं के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया गया।पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी रही। मंगलवार को शहर सहित पूरे जिले में घना कोहरा रहा। हालांकि स्कूल सुबह 10 बजे लगे, लेकिन इस दौरान दोपहर करीब एक बजे तक घना कोहरा छाया रहा।
इस बीच विद्यार्थियों को स्कूल आने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी दूर से आने वाले विद्यार्थियों को हुई। साइकिल व अन्य साधनों पर स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को कोहरे के कारण रास्ता तय करने में परेशानी हुई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को ऑटो, ई-रिक्शा न मिलने के कारण स्कूल पहुंचने में देरी हुई।
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वहीं दूसरी तरफ कड़ाके की सर्दी के कारण अध्यापकों की उपस्थिति भी कम रही। इस दौरान तमाम स्कूलों में अध्यापकों की उपस्थिति कुल से करीब 20 फीसदी रही। पहले दिन स्कूलाें में नाममात्र पढ़ाई हुई। इस दौरान अधिकांश अध्यापकों ने विद्यार्थियों के शीतकालीन अवकाश में किए काम की समीक्षा की। वहीं अवकाश में उनकी दिनचर्या इत्यादि के बारे जानकारी ली।
जिले में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। वहीं तीन सप्ताह से धूप न निकलने के कारण ठंड अपना प्रचंड रूप धारण किए हुए है। जिले में मंगलवार को भी यही हालात रहे। अभिभावक नरेश कुमार, रजनीश, रामकुमार, हिमांशु, अशोक ने कहा कि इन दिनों सर्दी बहुत ज्यादा पड़ रही है। 20 दिन से धूप नहीं निकल रही है। सर्दी को देखते हुए करीब एक सप्ताह का अवकाश और दिया जाना चाहिए था। इसका बच्चों की सेहत पर विपरीत असर पड़ेगा।
निरीक्षण के लिए टीमों का गठन
सरकारी आदेशों की अनदेखी कर छोटे बच्चों को स्कूल बुलाने वालों पर शिक्षा विभाग नजर बनाए हुए हैं। इसे लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से टीम का गठन किया गया है। सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्रों के स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान छोटे बच्चों को बुलाने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी सरकारी आदेशों के बावजूद शहर सहित ग्रामाीण क्षेत्रों में कई स्कूल खुले मिले थे। जिन्हें शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने रेड कर बंद करवा दिया था। वहीं दो पब्लिक स्कूलों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
सरकार के आदेशों के बाद छठी से 12वीं कक्षा के लिए मंगलवार से स्कूल खोल दिए गए हैं। कड़ाके की ठंड व पहला दिन होने के कारण स्कूलों में उपस्थिति कम रही। यह एक दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। स्कूलों में सर्दी से बचाव के लिए तमाम प्रबंध किए गए हैं। वहीं छोटे बच्चों को स्कूल न बुलाया जाए, इसके लिए निरीक्षण टीम बनाई गई है। इसके लिए अभिभावक भी शिकायत कर सकते हैं। - शिव कुमार धीमान, उपजिला शिक्षा अधिकारी।
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जगाधरी। शीतकालीन अवकाश के बाद मंगलवार को पहले दिन स्कूल खुले। कड़ाके की सर्दी के बीच विद्यार्थी ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। पहले दिन जिले में स्कूलों में विद्यार्थियों की औसतन उपस्थिति करीब 50 प्रतिशत रही।
सरकारी आदेशों पर 15 दिन के शीतकालीन अवकाश के बाद मंगलवार से स्कूल खोल दिए गए। इस दौरान छठी से 12वीं के विद्यार्थियों को स्कूल बुलाया गया।पहली से पांचवीं तक के विद्यार्थियों की छुट्टी रही। मंगलवार को शहर सहित पूरे जिले में घना कोहरा रहा। हालांकि स्कूल सुबह 10 बजे लगे, लेकिन इस दौरान दोपहर करीब एक बजे तक घना कोहरा छाया रहा।
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इस बीच विद्यार्थियों को स्कूल आने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी दूर से आने वाले विद्यार्थियों को हुई। साइकिल व अन्य साधनों पर स्कूल आने वाले विद्यार्थियों को कोहरे के कारण रास्ता तय करने में परेशानी हुई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले विद्यार्थियों को ऑटो, ई-रिक्शा न मिलने के कारण स्कूल पहुंचने में देरी हुई।
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वहीं दूसरी तरफ कड़ाके की सर्दी के कारण अध्यापकों की उपस्थिति भी कम रही। इस दौरान तमाम स्कूलों में अध्यापकों की उपस्थिति कुल से करीब 20 फीसदी रही। पहले दिन स्कूलाें में नाममात्र पढ़ाई हुई। इस दौरान अधिकांश अध्यापकों ने विद्यार्थियों के शीतकालीन अवकाश में किए काम की समीक्षा की। वहीं अवकाश में उनकी दिनचर्या इत्यादि के बारे जानकारी ली।
जिले में कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। वहीं तीन सप्ताह से धूप न निकलने के कारण ठंड अपना प्रचंड रूप धारण किए हुए है। जिले में मंगलवार को भी यही हालात रहे। अभिभावक नरेश कुमार, रजनीश, रामकुमार, हिमांशु, अशोक ने कहा कि इन दिनों सर्दी बहुत ज्यादा पड़ रही है। 20 दिन से धूप नहीं निकल रही है। सर्दी को देखते हुए करीब एक सप्ताह का अवकाश और दिया जाना चाहिए था। इसका बच्चों की सेहत पर विपरीत असर पड़ेगा।
निरीक्षण के लिए टीमों का गठन
सरकारी आदेशों की अनदेखी कर छोटे बच्चों को स्कूल बुलाने वालों पर शिक्षा विभाग नजर बनाए हुए हैं। इसे लेकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से टीम का गठन किया गया है। सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्रों के स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान छोटे बच्चों को बुलाने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी सरकारी आदेशों के बावजूद शहर सहित ग्रामाीण क्षेत्रों में कई स्कूल खुले मिले थे। जिन्हें शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने रेड कर बंद करवा दिया था। वहीं दो पब्लिक स्कूलों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया है।
सरकार के आदेशों के बाद छठी से 12वीं कक्षा के लिए मंगलवार से स्कूल खोल दिए गए हैं। कड़ाके की ठंड व पहला दिन होने के कारण स्कूलों में उपस्थिति कम रही। यह एक दो दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी। स्कूलों में सर्दी से बचाव के लिए तमाम प्रबंध किए गए हैं। वहीं छोटे बच्चों को स्कूल न बुलाया जाए, इसके लिए निरीक्षण टीम बनाई गई है। इसके लिए अभिभावक भी शिकायत कर सकते हैं। - शिव कुमार धीमान, उपजिला शिक्षा अधिकारी।