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Yamuna Nagar News: अमेरिका भेजने के नाम पर 45 लाख रुपये हड़पे
Mon, 27 Oct 2025 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 27 Oct 2025 12:38 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। इंग्लैंड में रहते समय गांव भेड़थल के बलवंत सिंह को अमेरिका भेजने के नाम पर करनाल के दो एजेंटों ने 45 लाख रुपये हड़प लिए। एजेंटों ने सीधे अमेरिका भेजने के बजाय बलवंत को कई देशों में भेजा गया। अमेरिका से बलवंत को नौ माह बाद भारत डिपोर्ट किया गया। बलवंत ने घर लौट थाना सदर जगाधरी पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने दोनों एजेंटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव भेड़थल निवासी बलवंत सिंह ने बताया कि वह सितंबर-2022 में पत्नी कोमल के साथ इंग्लैंड गया था, जहां उसकी पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया। करनाल के मोनू व विनोद नाम के दो एजेंटों ने उन्हें अमेरिका जाने की सलाह दी। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में उनकी आमदनी दोगुनी हो सकती है।
साथ ही कहा कि वह उनकी फाइल इतनी मजबूत तैयार करेंगे कि अमेरिका का वीजा आसानी से मिल जाएगा। इसकी एवज में उन्होंने 60 लाख रुपये मांगे, जिस पर भारत में रह रहे परिजनों द्वारा उन्हें 21 अगस्त 2024 को 29 लाख रुपये दिए गए। एजेंटों ने तीन दिन में अमेरिका भेजने का वादा किया, पर 40 दिन तक इंग्लैंड में रोकने के बाद स्पेन भेज दिया। स्पेन पहुंचने पर बताया कि अमेरिका का वीजा मिलने में छह माह लग सकते हैं, इसलिए उसे पहले एल सल्वाडोर जाना होगा। अक्टूबर-2024 में एजेंटों ने उन्हें एल सल्वाडोर भेजा दिया, जहां एयरपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में ले गया और एक रात जेल में रखा। इसके बाद वापस स्पेन भेज दिया, वहां से एजेंटों की ओर से उन्हें निकारागुआ फिर होंडुरास और ग्वाटेमाला ले जाया गया।
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ग्वाटेमाला में दो दिन तक अकेले रखा गया और बाद में तीन लोग आए, जिन्होंने उसे गैरकानूनी तरीके से मैक्सिको ले जाकर एक होटल में छोड़ दिया। मैक्सिको में तस्करों ने उसका अपहरण कर लिया और 30,000 डॉलर (लगभग 25 लाख रुपये) की फिरौती मांगी।
तस्करों से छुड़ाने के नाम पर भारत में एजेंट ने उसके पिता सुदेश से 25 लाख रुपये लिए। इसके बाद तस्करों ने गैरकानूनी तरीके से अमेरिका भेजा। 13 नवंबर 2024 को अमेरिका पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और एक कैंप में डाल दिया। यहां 15-20 दिनों तक परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया। भारत में आरोपियों ने परिवार को बताया कि बलवंत को पुलिस ने पकड़ लिया और छुड़ाने के नाम पर पांच लाख रुपये मांगे, जो पिता ने मजबूरी में दे दिए। करीब नौ माह तक अमेरिका में रहने के बाद उसे एक अगस्त 2025 को भारत डिपोर्ट कर दिया गया।
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यमुनानगर। इंग्लैंड में रहते समय गांव भेड़थल के बलवंत सिंह को अमेरिका भेजने के नाम पर करनाल के दो एजेंटों ने 45 लाख रुपये हड़प लिए। एजेंटों ने सीधे अमेरिका भेजने के बजाय बलवंत को कई देशों में भेजा गया। अमेरिका से बलवंत को नौ माह बाद भारत डिपोर्ट किया गया। बलवंत ने घर लौट थाना सदर जगाधरी पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने दोनों एजेंटों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव भेड़थल निवासी बलवंत सिंह ने बताया कि वह सितंबर-2022 में पत्नी कोमल के साथ इंग्लैंड गया था, जहां उसकी पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया। करनाल के मोनू व विनोद नाम के दो एजेंटों ने उन्हें अमेरिका जाने की सलाह दी। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में उनकी आमदनी दोगुनी हो सकती है।
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साथ ही कहा कि वह उनकी फाइल इतनी मजबूत तैयार करेंगे कि अमेरिका का वीजा आसानी से मिल जाएगा। इसकी एवज में उन्होंने 60 लाख रुपये मांगे, जिस पर भारत में रह रहे परिजनों द्वारा उन्हें 21 अगस्त 2024 को 29 लाख रुपये दिए गए। एजेंटों ने तीन दिन में अमेरिका भेजने का वादा किया, पर 40 दिन तक इंग्लैंड में रोकने के बाद स्पेन भेज दिया। स्पेन पहुंचने पर बताया कि अमेरिका का वीजा मिलने में छह माह लग सकते हैं, इसलिए उसे पहले एल सल्वाडोर जाना होगा। अक्टूबर-2024 में एजेंटों ने उन्हें एल सल्वाडोर भेजा दिया, जहां एयरपोर्ट पर पुलिस ने हिरासत में ले गया और एक रात जेल में रखा। इसके बाद वापस स्पेन भेज दिया, वहां से एजेंटों की ओर से उन्हें निकारागुआ फिर होंडुरास और ग्वाटेमाला ले जाया गया।
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ग्वाटेमाला में दो दिन तक अकेले रखा गया और बाद में तीन लोग आए, जिन्होंने उसे गैरकानूनी तरीके से मैक्सिको ले जाकर एक होटल में छोड़ दिया। मैक्सिको में तस्करों ने उसका अपहरण कर लिया और 30,000 डॉलर (लगभग 25 लाख रुपये) की फिरौती मांगी।
तस्करों से छुड़ाने के नाम पर भारत में एजेंट ने उसके पिता सुदेश से 25 लाख रुपये लिए। इसके बाद तस्करों ने गैरकानूनी तरीके से अमेरिका भेजा। 13 नवंबर 2024 को अमेरिका पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया और एक कैंप में डाल दिया। यहां 15-20 दिनों तक परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया। भारत में आरोपियों ने परिवार को बताया कि बलवंत को पुलिस ने पकड़ लिया और छुड़ाने के नाम पर पांच लाख रुपये मांगे, जो पिता ने मजबूरी में दे दिए। करीब नौ माह तक अमेरिका में रहने के बाद उसे एक अगस्त 2025 को भारत डिपोर्ट कर दिया गया।