{"_id":"6ab034a76ce6c220b1068cc5","slug":"34-coach-posts-vacant-players-worried-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-163203-2026-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: कोच के 34 पद रिक्त, खिलाड़ी परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: कोच के 34 पद रिक्त, खिलाड़ी परेशान
Mon, 21 Sep 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 21 Sep 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
तेजली खेल परिसर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में अधिकांश खेलों के सरकारी कोच नहीं हैं। जिला खेल विभाग में कोच के कुल 44 पद स्वीकृत हैं। कोच सिर्फ दस ही हैं। कोच के 34 पद रिक्त हैं। ऐसे में खिलाड़ी प्रशिक्षण के लिए दूसरे जिलों या राज्यों में जाने के लिए मजबूर हैं।
खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से सरकारी स्तर पर तेजली खेल परिसर में बैडमिंटन, भारोत्तोलन, तलवारबाजी, कुश्ती, हॉकी, कबड्डी, बॉक्सिंग, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस के कोच हैं। प्रशिक्षण के लिए जिले के खिलाड़ियों के पास कोच ही नहीं हैं। हालांकि विभाग की ओर से जिले के तमाम सरकारी व निजी संस्थानों में खेल नर्सरियां भी शुरू की हैं।
खेल नर्सरियों में 12 ही खेलों के प्रशिक्षण की सुविधा हुई हैं, जिनके सरकारी स्तर पर कोच नहीं हैं। इसके अलावा आर्चरी, कराटे, क्रिकेट, क्रॉस कंट्री स्कीइंग, गोल्फ, घुड़सवारी, जूडो, ताइक्वांडो, बेसबॉल/सॉफ्टबॉल, रोइंग, साइकिलिंग, हैंडबॉल जैसे खेलों के प्रशिक्षण की सरकारी स्तर पर सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
इनके प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ी जिले की निजी अकादमियों या फिर दूसरे जिलों व राज्यों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी चिराग, राहुल, लक्ष्मण, सतेंद्र, राजकुमार, शुभम, कुलदीप, वासु, अर्पित ने बताया कि खेल के मैदान व सामान से लेकर स्टाफ के वेतन पर करोड़ों रुपये खर्च होता है। कोचों की कमी में यह सब व्यर्थ साबित हो रहा है। खेल मैदान, सामान पर खर्च का मकसद खेलों के लिए खिलाड़ी तैयार करना है, जो बिना कोच के संभव नहीं है।
कोच की कमी के लिए निदेशालय को सूचित किया गया है। प्रक्रिया चल रही है। निदेशालय ने जल्द ही कोच की कमी दूर करने का आश्वासन दिया है। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी।
विज्ञापन
जगाधरी। जिले में अधिकांश खेलों के सरकारी कोच नहीं हैं। जिला खेल विभाग में कोच के कुल 44 पद स्वीकृत हैं। कोच सिर्फ दस ही हैं। कोच के 34 पद रिक्त हैं। ऐसे में खिलाड़ी प्रशिक्षण के लिए दूसरे जिलों या राज्यों में जाने के लिए मजबूर हैं।
खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की ओर से सरकारी स्तर पर तेजली खेल परिसर में बैडमिंटन, भारोत्तोलन, तलवारबाजी, कुश्ती, हॉकी, कबड्डी, बॉक्सिंग, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस के कोच हैं। प्रशिक्षण के लिए जिले के खिलाड़ियों के पास कोच ही नहीं हैं। हालांकि विभाग की ओर से जिले के तमाम सरकारी व निजी संस्थानों में खेल नर्सरियां भी शुरू की हैं।
विज्ञापन
खेल नर्सरियों में 12 ही खेलों के प्रशिक्षण की सुविधा हुई हैं, जिनके सरकारी स्तर पर कोच नहीं हैं। इसके अलावा आर्चरी, कराटे, क्रिकेट, क्रॉस कंट्री स्कीइंग, गोल्फ, घुड़सवारी, जूडो, ताइक्वांडो, बेसबॉल/सॉफ्टबॉल, रोइंग, साइकिलिंग, हैंडबॉल जैसे खेलों के प्रशिक्षण की सरकारी स्तर पर सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
इनके प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ी जिले की निजी अकादमियों या फिर दूसरे जिलों व राज्यों की दौड़ लगाने के लिए मजबूर हैं। खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी चिराग, राहुल, लक्ष्मण, सतेंद्र, राजकुमार, शुभम, कुलदीप, वासु, अर्पित ने बताया कि खेल के मैदान व सामान से लेकर स्टाफ के वेतन पर करोड़ों रुपये खर्च होता है। कोचों की कमी में यह सब व्यर्थ साबित हो रहा है। खेल मैदान, सामान पर खर्च का मकसद खेलों के लिए खिलाड़ी तैयार करना है, जो बिना कोच के संभव नहीं है।
कोच की कमी के लिए निदेशालय को सूचित किया गया है। प्रक्रिया चल रही है। निदेशालय ने जल्द ही कोच की कमी दूर करने का आश्वासन दिया है। - शिल्पा गुप्ता, जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी।