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Yamuna Nagar News: ऑस्ट्रेलिया भेजने के नाम पर 24 लाख की ठगी
Sat, 10 Jan 2026 12:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 10 Jan 2026 12:14 AM IST
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व्यासपुर। ऑस्ट्रेलिया भेजकर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 24 लाख रुपये की ठगी और रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपी रमनदीप सिंह, सुखविंद्र कौर, परविंद्र कौर, संदीप सिंह, नरेश कुमार, जसनीत कौर, अमनजीत सिंह संधू और गुरप्रीत सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गांव ढलौर निवासी सुरेंद्र कुमार ने पुलिस अधीक्षक यमुनानगर को दी शिकायत में बताया कि उसके दो बेटे निखिल कुमार और आदित्य कुमार 12वीं पास हैं और बेरोजगार हैं। दोनों विदेश जाकर नौकरी करना चाहते थे। इसी दौरान एक रिश्तेदार के माध्यम से उसकी मुलाकात छछरौली निवासी नरेश कुमार से हुई, जिसने उसे रमनदीप सिंह से मिलवाया। रमनदीप ने खुद को ऑस्ट्रेलिया का पीआर बताते हुए दावा किया कि उसने पहले भी कई युवाओं को ऑस्ट्रेलिया भेजा है और नौकरी दिलवाई है।
रमनदीप ने बताया कि उसकी बहन जसनीत कौर और जीजा गुरप्रीत सिंह ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं और दोनों बच्चों को स्पॉन्सर कर देंगे। डिलीवरी जॉब के लिए दो साल का वर्क वीजा लगवाने और प्रति व्यक्ति 20 लाख रुपये खर्च आने की बात कही गई। आरोपियों ने यह भी भरोसा दिलाया गया कि वीजा आने के बाद ही पूरी रकम देनी होगी और वहां अच्छा वेतन व रहने-खाने की व्यवस्था रहेगी।
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पीड़ित का आरोप है कि भरोसा दिलाकर अलग-अलग बहानों से उससे रुपये मंगवाए गए। अगस्त 2024 में पहले 6 लाख रुपये परविंद्र कौर के यूनियन बैंक खाते में आरटीजीएस के जरिए जमा करवाए गए। इसके बाद कोर्स फीस, मेडिकेयर सर्टिफिकेट, फेडरल पुलिस चेक और दस्तावेज पूरे कराने के नाम पर अलग-अलग तारीखों में लाखों रुपये और जमा करवाए गए। कुछ रकम नकद भी ली गई। इस दौरान आरोपियों ने स्पॉन्सरशिप समेत कई दस्तावेज भेजे, जो बाद में जांच करने पर फर्जी पाए गए।
पीड़ित का कहना है कि जब उसने रुपये वापस मांगे तो उसे धमकियां दी गईं। बाद में आरोपियों से संपर्क पूरी तरह टूट गया। जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी रमनदीप सिंह आपराधिक प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ पहले से मामला दर्ज है।
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गांव ढलौर निवासी सुरेंद्र कुमार ने पुलिस अधीक्षक यमुनानगर को दी शिकायत में बताया कि उसके दो बेटे निखिल कुमार और आदित्य कुमार 12वीं पास हैं और बेरोजगार हैं। दोनों विदेश जाकर नौकरी करना चाहते थे। इसी दौरान एक रिश्तेदार के माध्यम से उसकी मुलाकात छछरौली निवासी नरेश कुमार से हुई, जिसने उसे रमनदीप सिंह से मिलवाया। रमनदीप ने खुद को ऑस्ट्रेलिया का पीआर बताते हुए दावा किया कि उसने पहले भी कई युवाओं को ऑस्ट्रेलिया भेजा है और नौकरी दिलवाई है।
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रमनदीप ने बताया कि उसकी बहन जसनीत कौर और जीजा गुरप्रीत सिंह ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं और दोनों बच्चों को स्पॉन्सर कर देंगे। डिलीवरी जॉब के लिए दो साल का वर्क वीजा लगवाने और प्रति व्यक्ति 20 लाख रुपये खर्च आने की बात कही गई। आरोपियों ने यह भी भरोसा दिलाया गया कि वीजा आने के बाद ही पूरी रकम देनी होगी और वहां अच्छा वेतन व रहने-खाने की व्यवस्था रहेगी।
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पीड़ित का आरोप है कि भरोसा दिलाकर अलग-अलग बहानों से उससे रुपये मंगवाए गए। अगस्त 2024 में पहले 6 लाख रुपये परविंद्र कौर के यूनियन बैंक खाते में आरटीजीएस के जरिए जमा करवाए गए। इसके बाद कोर्स फीस, मेडिकेयर सर्टिफिकेट, फेडरल पुलिस चेक और दस्तावेज पूरे कराने के नाम पर अलग-अलग तारीखों में लाखों रुपये और जमा करवाए गए। कुछ रकम नकद भी ली गई। इस दौरान आरोपियों ने स्पॉन्सरशिप समेत कई दस्तावेज भेजे, जो बाद में जांच करने पर फर्जी पाए गए।
पीड़ित का कहना है कि जब उसने रुपये वापस मांगे तो उसे धमकियां दी गईं। बाद में आरोपियों से संपर्क पूरी तरह टूट गया। जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी रमनदीप सिंह आपराधिक प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ पहले से मामला दर्ज है।