{"_id":"5cab920abdec221402336083","slug":"1554747990181-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, आठ से दस एमएम के पड़े ओले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश, आठ से दस एमएम के पड़े ओले
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बिलासपुर, साढौरा, छछरौली, प्रतापनगर व मुस्तफाबाद में भारी ओलावृष्टि, जमी परत
जिले में 89 हजार हेक्टेयर पर खड़ी है गेहूं की फसल, कृषि विशेषज्ञ 70 से 80 प्रतिशत का बता रहे नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। चंडीगढ़ मौसम विशेषज्ञों की सोमवार को सूचना सही निकली। जिले के कस्बा खिजराबाद, साढौरा, सरस्वती नगर, बिलासपुर और छछरौली में जमकर ओलावृष्टि हुई। करीब आठ से दस एमएम के ओले जमकर पड़े। ओलावृष्टि थमने के बाद परत फसलों पर जम गई। वहीं हुई इस ओलावृष्टि ने किसानों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से जमीं पर बिछ गई। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। किसान की चिंताएं बढ़ गई हैं। चूंकि इस बार उन्हें गेहूं की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन आंधी, ओलावृष्टि और बारिश ने उन्हें मायूस कर दिया है। किसानों ने हुए नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग की है।
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70 से 80 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान
कृषि विभाग के अनुसार जमकर हुई ओलावृष्टि से 70 से 80 प्रतिशत गेहूं की फसल को नुकसान होने का अनुमान है। चूंकि गेहूं की फसल तकरीबन पूरी तरह से पक चुकी है। कई जगहों पर तो कटाई का कार्य भी शुरू हो चुका है। ऐसे में कटी फसल को ओर ज्यादा नुकसान है। जिला में इस बार 89 हजार हेक्टेयर पर गेहूं की फसल है और एक अप्रैल से अनाज मंडियों में सरकारी खरीद भी शुरू हो गई। ऐसे में कटी गेहूं को पूरी तरह से सूखा कर ही मंडी में लाना होगा, तभी फसल का दाम लगेगा।
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आंधी से पेड़ टूट कर गिरे सड़क पर, लगा जाम
दोपहर आई तेज आंधी ने पूरा कहर बरसाया। बिलासपुर व साढ़ौरा एरिया में तो पेड़ टूट कर सड़क पर गिर गए। ऐसे में रोड जाम हो गया। जाम होने से वाहनों की कतारें लग गई। यातायात को सुचारू करने के लिए मौके पर पुलिस पहुंची। पेड़ों की टहानियों को कटवाकर जाम को खोला गया।
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आंधी आने से टूटे बिजली के खंभे
जिले में आई आंधी पानी ने बिजली निगम का फ्यूज उड़ा दिया। जगह-जगह बिजली के तार और पोल टूटने से निगम को पांच लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान बिलासपुर एरिया में हुआ है। कपालमोचन के पास खेतों व गलियों में लगे बिजली के खंभे टूट गए। जिसके चलते बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। यही नहीं कई घरों के शॉट सर्किट होने से ट्यूब व बल्ब फ्यूज हो गए। जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है।
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फसल के साथ-साथ चारा को भी हुआ नुकसान
साढौरा। तेज आंधी व ओलावृष्टि से गेहूं की फसल खेत में नीचे चादर की भांति बिछ गई। पक कर तैयार खड़ी गेहूं की फसल की बालियों से गेहूं के दाने छड़ गए। किसानों के मुताबिक उनकी फसल को 90 प्रतिशत से
ज्यादा का नुकसान हुआ है। शिवालिक तहलटी के साथ के गांवों के किसानों की फसल समेत अन्य चारे की फसल को भी नुकसान पुहंचा। अच्छी फसल के लिए जाने जाने वाले गांव लाहड़पुर, सादिकपुर, मिर्जापुर, सरावां महमदपुर, बकाला, पहाड़ीपुर, सेदू पुर, कनिपला, पांडो, रसूलपुर, असगरपुर एवं सालेहपुर स्थित गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुुंचा है। मिर्जापुर के किसान मलकीत सिंह, नानक सिंह एवम निर्मल सिंह ने बताया अचानक आयी तेज बरसात एवं ओलावृष्टि से उनको लहलाती गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई।
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एक घंटा चली बारिश ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी
बिलासपुर। सोमवार की सुबह लगभग दस बजकर चौदह मिनट पर शुरू हुई ओलावृष्टि की सफेद चादर ने लगभग चौबीस मिंटों में घाड़ क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसानों की हजारों एकड़ गेहूं की फसल पूरी तरह से अपनी चपेट में लेकर खत्म कर दिया। लगभग एक घंटा चली बारिश व लगभग आधा घंटा की ओलावृष्टि व तेज आंधी ने किसानों के गेहूं, गन्ने व पशुओं के चारे की फसल बरसीन को खत्म कर दिया। गांव बनकट निवासी किसान गगन ,गांव बिहटा निवासी दर्शन कुमार ने बताया कि बारिश से खराब हुई फसल ने किसानों को दाने दाने के लिए मोहतजा कर दिया । इसके साथ साथ पशुओं के चारे की समस्या भी आन खड़ी हुई है। घाड़ क्षेत्र के गांव बनकट, रामपुर, चौली, काटरवाली, सलेम पुर, नगली, बिहटा, फाजिलपुर, रणजीत पुर, धनौरा सहित दर्जनों गांवों के किसानों की हजारों एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई। वहीं बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसल को देखने के लिए हल्का साढौरा विधायक बलवंत सिंह, मार्केट कमेटी चेयरमैन विपिन सिंगला, ब्लॉक समिति चेयरमैन महिपाल संधाए, अश्वनी मंगला,जिला महामंत्री सुरेन्द्र गुर्जर, दीपक भारद्ववाज ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ख्राब हुई फसल का निरीक्षण किया।
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किसान करें मुआवजे के लिए आवेदन
कृषि विभाग ने बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अगले 72 घंटों में आवेदन की एडवाइजरी जारी कर दी है। हालांकि अभी बेमौसमी बरसात से हुए नुकसान की भरपाई भी कृषि विभाग और बीमा कंपनी द्वारा जारी नहीं की गई है। कई किसानों के खेतों में गेहूं की कटाई लगी हुई थी और मूसलाधार बरसात की वजह से कटी कटाई फसल खेत में ही पड़ी रह गई।
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पिछली फसल का अब तक नहीं मिला मुआवजा
पिछले वर्ष अधिक बरसात के कारण जीरी की फसल को जो नुकसान हुआ था उसमें 3635 किसानों का पंजीकरण हुआ था और तब तक 1594 किसानों को बीमित किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। जबकि पिछले वर्ष का लगभग साठ प्रतिशत पीड़ित किसानों को बीमे का मुआवजा नही मिला तो ऐसे में किसानों की हालत पहले ही दयनीय बनी हुई ऊपर से कुदरत की मार फिर किसानों पर पड़ गई।
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भारतीय किसान यूनियन की मुआवजे की मांग
ओलावृष्टि से हुए नुकसान को लेकर भारतीय किसान यूनियन रत्नमान गुट के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने सरकार से 40 हजार रुपये प्रति एकड़ के तहत मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस आपदा से गेहूं की फसल को कोई नुकसान पहुंचा है।
वर्जन
तेज आंधी से जिला में कई एरिया से बिजली के खंभे व तारें टूट चुकी हैं। इससे विभाग को पांच लाख से अधिक का नुुकसान हुआ है। क्योंकि इन्हें दोबारा से लगाया जाएगा।
-योगराज, एसई, बिजली निगम।
वर्जन
तेज आंधी के साथ आई बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसलों को 70 से 80 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो सकता है। क्योंकि उनकी मेहनत की फसल पूरी तरह से पक चुकी है।
-डॉ. सुरेंद्र यादव, डीडीए, कृषि विभाग।
वर्जन
सोमवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि से 13600 एकड़ फसल नष्ट होने का अनुमान है। वास्तविक स्थिति जानने के लिए पटवारी, तहसीलदार व संबंधित अधिकारियों से गिरदावरी करवाई जाएगी। बारिश रुकने के बाद 25 गांवों को सर्वे करवा दिया गया है। 18 गांवों का सर्वे मंगलवार को होगा। इसके अलावा किसानों को मुआवजा मिले, इस बारे में सरकार को लिख दिया गया है। जिन किसानों की फसलों का बीमा है, वे कृषि विभाग में आवेदन कर दे। ताकि उन्हें समय से मुआवजा मिल सके।
-आमना तस्नीम, डीसी।
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जिले में 89 हजार हेक्टेयर पर खड़ी है गेहूं की फसल, कृषि विशेषज्ञ 70 से 80 प्रतिशत का बता रहे नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। चंडीगढ़ मौसम विशेषज्ञों की सोमवार को सूचना सही निकली। जिले के कस्बा खिजराबाद, साढौरा, सरस्वती नगर, बिलासपुर और छछरौली में जमकर ओलावृष्टि हुई। करीब आठ से दस एमएम के ओले जमकर पड़े। ओलावृष्टि थमने के बाद परत फसलों पर जम गई। वहीं हुई इस ओलावृष्टि ने किसानों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल पूरी तरह से जमीं पर बिछ गई। जिससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है। किसान की चिंताएं बढ़ गई हैं। चूंकि इस बार उन्हें गेहूं की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन आंधी, ओलावृष्टि और बारिश ने उन्हें मायूस कर दिया है। किसानों ने हुए नुकसान को लेकर मुआवजे की मांग की है।
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70 से 80 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान
कृषि विभाग के अनुसार जमकर हुई ओलावृष्टि से 70 से 80 प्रतिशत गेहूं की फसल को नुकसान होने का अनुमान है। चूंकि गेहूं की फसल तकरीबन पूरी तरह से पक चुकी है। कई जगहों पर तो कटाई का कार्य भी शुरू हो चुका है। ऐसे में कटी फसल को ओर ज्यादा नुकसान है। जिला में इस बार 89 हजार हेक्टेयर पर गेहूं की फसल है और एक अप्रैल से अनाज मंडियों में सरकारी खरीद भी शुरू हो गई। ऐसे में कटी गेहूं को पूरी तरह से सूखा कर ही मंडी में लाना होगा, तभी फसल का दाम लगेगा।
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आंधी से पेड़ टूट कर गिरे सड़क पर, लगा जाम
दोपहर आई तेज आंधी ने पूरा कहर बरसाया। बिलासपुर व साढ़ौरा एरिया में तो पेड़ टूट कर सड़क पर गिर गए। ऐसे में रोड जाम हो गया। जाम होने से वाहनों की कतारें लग गई। यातायात को सुचारू करने के लिए मौके पर पुलिस पहुंची। पेड़ों की टहानियों को कटवाकर जाम को खोला गया।
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आंधी आने से टूटे बिजली के खंभे
जिले में आई आंधी पानी ने बिजली निगम का फ्यूज उड़ा दिया। जगह-जगह बिजली के तार और पोल टूटने से निगम को पांच लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा नुकसान बिलासपुर एरिया में हुआ है। कपालमोचन के पास खेतों व गलियों में लगे बिजली के खंभे टूट गए। जिसके चलते बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बाधित हो गई। यही नहीं कई घरों के शॉट सर्किट होने से ट्यूब व बल्ब फ्यूज हो गए। जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है।
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फसल के साथ-साथ चारा को भी हुआ नुकसान
साढौरा। तेज आंधी व ओलावृष्टि से गेहूं की फसल खेत में नीचे चादर की भांति बिछ गई। पक कर तैयार खड़ी गेहूं की फसल की बालियों से गेहूं के दाने छड़ गए। किसानों के मुताबिक उनकी फसल को 90 प्रतिशत से
ज्यादा का नुकसान हुआ है। शिवालिक तहलटी के साथ के गांवों के किसानों की फसल समेत अन्य चारे की फसल को भी नुकसान पुहंचा। अच्छी फसल के लिए जाने जाने वाले गांव लाहड़पुर, सादिकपुर, मिर्जापुर, सरावां महमदपुर, बकाला, पहाड़ीपुर, सेदू पुर, कनिपला, पांडो, रसूलपुर, असगरपुर एवं सालेहपुर स्थित गेहूं की फसल को काफी नुकसान पहुुंचा है। मिर्जापुर के किसान मलकीत सिंह, नानक सिंह एवम निर्मल सिंह ने बताया अचानक आयी तेज बरसात एवं ओलावृष्टि से उनको लहलाती गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई।
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एक घंटा चली बारिश ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी
बिलासपुर। सोमवार की सुबह लगभग दस बजकर चौदह मिनट पर शुरू हुई ओलावृष्टि की सफेद चादर ने लगभग चौबीस मिंटों में घाड़ क्षेत्र के दर्जनों गांवों के किसानों की हजारों एकड़ गेहूं की फसल पूरी तरह से अपनी चपेट में लेकर खत्म कर दिया। लगभग एक घंटा चली बारिश व लगभग आधा घंटा की ओलावृष्टि व तेज आंधी ने किसानों के गेहूं, गन्ने व पशुओं के चारे की फसल बरसीन को खत्म कर दिया। गांव बनकट निवासी किसान गगन ,गांव बिहटा निवासी दर्शन कुमार ने बताया कि बारिश से खराब हुई फसल ने किसानों को दाने दाने के लिए मोहतजा कर दिया । इसके साथ साथ पशुओं के चारे की समस्या भी आन खड़ी हुई है। घाड़ क्षेत्र के गांव बनकट, रामपुर, चौली, काटरवाली, सलेम पुर, नगली, बिहटा, फाजिलपुर, रणजीत पुर, धनौरा सहित दर्जनों गांवों के किसानों की हजारों एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल ओलावृष्टि की भेंट चढ़ गई। वहीं बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसल को देखने के लिए हल्का साढौरा विधायक बलवंत सिंह, मार्केट कमेटी चेयरमैन विपिन सिंगला, ब्लॉक समिति चेयरमैन महिपाल संधाए, अश्वनी मंगला,जिला महामंत्री सुरेन्द्र गुर्जर, दीपक भारद्ववाज ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर ख्राब हुई फसल का निरीक्षण किया।
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किसान करें मुआवजे के लिए आवेदन
कृषि विभाग ने बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अगले 72 घंटों में आवेदन की एडवाइजरी जारी कर दी है। हालांकि अभी बेमौसमी बरसात से हुए नुकसान की भरपाई भी कृषि विभाग और बीमा कंपनी द्वारा जारी नहीं की गई है। कई किसानों के खेतों में गेहूं की कटाई लगी हुई थी और मूसलाधार बरसात की वजह से कटी कटाई फसल खेत में ही पड़ी रह गई।
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पिछली फसल का अब तक नहीं मिला मुआवजा
पिछले वर्ष अधिक बरसात के कारण जीरी की फसल को जो नुकसान हुआ था उसमें 3635 किसानों का पंजीकरण हुआ था और तब तक 1594 किसानों को बीमित किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है। जबकि पिछले वर्ष का लगभग साठ प्रतिशत पीड़ित किसानों को बीमे का मुआवजा नही मिला तो ऐसे में किसानों की हालत पहले ही दयनीय बनी हुई ऊपर से कुदरत की मार फिर किसानों पर पड़ गई।
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भारतीय किसान यूनियन की मुआवजे की मांग
ओलावृष्टि से हुए नुकसान को लेकर भारतीय किसान यूनियन रत्नमान गुट के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने सरकार से 40 हजार रुपये प्रति एकड़ के तहत मुआवजा देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस आपदा से गेहूं की फसल को कोई नुकसान पहुंचा है।
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तेज आंधी से जिला में कई एरिया से बिजली के खंभे व तारें टूट चुकी हैं। इससे विभाग को पांच लाख से अधिक का नुुकसान हुआ है। क्योंकि इन्हें दोबारा से लगाया जाएगा।
-योगराज, एसई, बिजली निगम।
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तेज आंधी के साथ आई बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसलों को 70 से 80 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो सकता है। क्योंकि उनकी मेहनत की फसल पूरी तरह से पक चुकी है।
-डॉ. सुरेंद्र यादव, डीडीए, कृषि विभाग।
वर्जन
सोमवार को तेज हवाओं के साथ हुई बारिश व ओलावृष्टि से 13600 एकड़ फसल नष्ट होने का अनुमान है। वास्तविक स्थिति जानने के लिए पटवारी, तहसीलदार व संबंधित अधिकारियों से गिरदावरी करवाई जाएगी। बारिश रुकने के बाद 25 गांवों को सर्वे करवा दिया गया है। 18 गांवों का सर्वे मंगलवार को होगा। इसके अलावा किसानों को मुआवजा मिले, इस बारे में सरकार को लिख दिया गया है। जिन किसानों की फसलों का बीमा है, वे कृषि विभाग में आवेदन कर दे। ताकि उन्हें समय से मुआवजा मिल सके।
-आमना तस्नीम, डीसी।