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अध्यापकों को पढ़ाने के साथ विद्यार्थियों की संख्या पर भी देना होगा ध्यान
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अध्यापकों को पढ़ाने के साथ विद्यार्थियों की संख्या पर भी देना होगा ध्यान
यमुनानगर। सरकारी स्कूलों में अध्यापकों को पढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों की संख्या भी ध्यान देना होगा। ऐसा करने पर उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। दरअसल, पिछले काफी समय से सरकारी स्कूलों से विद्यार्थियों की संख्या का ग्राफ गिर रहा है। गिरती संख्या को रोकने व पारदर्शिता लाने के लिए ऐसे निर्देश जारी किए गए हैं। यही नहीं नहीं इस कार्य में स्कूल कमेटी के साथ-साथ पंच व सरपंच का भी सहयोग लिया जाएगा। जोकि दूसरे लोगों को सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवाने के लिए जागरूक करेंगे।
संख्या कम होने पर देना होगा जवाब
शिक्षक नेता महेंद्र सिंह कलेर ने बताया कि सरकारी स्कूलों में 5वीं से 8वीं कक्षा, दसवीं, 11वीं व अन्य कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या पिछले साल से 5 फीसदी से अधिक कम होती है। इसके लिए स्कूल सीधे तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के पात्र होंगे। क्योंकि एक बार विद्यालय में दाखिल हुए विद्यार्थी शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार आठवीं कक्षा तक शिक्षा पूरी करने का अधिकार रखता है। यही नहीं स्कूलों में पिछले साल से विद्यार्थियों की संख्या कम होने पर मुखिया से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। शिक्षा विभाग स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी।
नामांकन बढ़ने पर मिलेगा स्वर्ण प्रशंसा पत्र
उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने स्कूल जाने वाली आयु वर्ग के बच्चों का सौ फीसद नामांकन करना 30 मई तक लक्ष्य रखा गया है। स्कूलों में अगर विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती है। इस पर प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किए जाएंगे। इस दौरान विद्यालय में वर्ष 2018-19 की छात्र संख्या में कम से कम 30 फीसदी तक बढ़ने पर स्वर्ण प्रशंसा पत्र दिया जाएगा।
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ड्रॉप आउट विद्यार्थियों पर रखी जाएगी नजर
स्कूलों में ड्राप आउट होने वाले विद्यार्थियों पर भी नजर रखी जाएगी। ताकि स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या न घटे। बल्कि विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाने का कार्य किया जाए। स्कूलों में आठवीं कक्षा के बाद सबसे ज्यादा विद्यार्थी ड्रॉप आउट होते हैं। स्कूलों में छात्रों के ड्रॉप आउट रोकने के लिए स्कूल प्रबंधन कमेटी सदस्य का भी सहयोग लिया जाएगा।
सरकारी स्कूलों में अध्यापकों को पढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों की संख्या भी ध्यान देना होगा। ऐसा करने पर उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ने के लिए अभियान चलाया हुआ है। वहीं सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए स्कूल कमेटी के साथ-साथ पंचायत की मदद ली जाएगी।
-पृथ्वी सिंह सैनी, डिप्टी डीईओ।
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यमुनानगर। सरकारी स्कूलों में अध्यापकों को पढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों की संख्या भी ध्यान देना होगा। ऐसा करने पर उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। दरअसल, पिछले काफी समय से सरकारी स्कूलों से विद्यार्थियों की संख्या का ग्राफ गिर रहा है। गिरती संख्या को रोकने व पारदर्शिता लाने के लिए ऐसे निर्देश जारी किए गए हैं। यही नहीं नहीं इस कार्य में स्कूल कमेटी के साथ-साथ पंच व सरपंच का भी सहयोग लिया जाएगा। जोकि दूसरे लोगों को सरकारी स्कूलों में अपने बच्चों का दाखिला करवाने के लिए जागरूक करेंगे।
संख्या कम होने पर देना होगा जवाब
शिक्षक नेता महेंद्र सिंह कलेर ने बताया कि सरकारी स्कूलों में 5वीं से 8वीं कक्षा, दसवीं, 11वीं व अन्य कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या पिछले साल से 5 फीसदी से अधिक कम होती है। इसके लिए स्कूल सीधे तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई के पात्र होंगे। क्योंकि एक बार विद्यालय में दाखिल हुए विद्यार्थी शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 के अनुसार आठवीं कक्षा तक शिक्षा पूरी करने का अधिकार रखता है। यही नहीं स्कूलों में पिछले साल से विद्यार्थियों की संख्या कम होने पर मुखिया से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। शिक्षा विभाग स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम रहने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी होगी।
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नामांकन बढ़ने पर मिलेगा स्वर्ण प्रशंसा पत्र
उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग ने स्कूल जाने वाली आयु वर्ग के बच्चों का सौ फीसद नामांकन करना 30 मई तक लक्ष्य रखा गया है। स्कूलों में अगर विद्यार्थियों की संख्या बढ़ती है। इस पर प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किए जाएंगे। इस दौरान विद्यालय में वर्ष 2018-19 की छात्र संख्या में कम से कम 30 फीसदी तक बढ़ने पर स्वर्ण प्रशंसा पत्र दिया जाएगा।
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ड्रॉप आउट विद्यार्थियों पर रखी जाएगी नजर
स्कूलों में ड्राप आउट होने वाले विद्यार्थियों पर भी नजर रखी जाएगी। ताकि स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या न घटे। बल्कि विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाने का कार्य किया जाए। स्कूलों में आठवीं कक्षा के बाद सबसे ज्यादा विद्यार्थी ड्रॉप आउट होते हैं। स्कूलों में छात्रों के ड्रॉप आउट रोकने के लिए स्कूल प्रबंधन कमेटी सदस्य का भी सहयोग लिया जाएगा।
सरकारी स्कूलों में अध्यापकों को पढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों की संख्या भी ध्यान देना होगा। ऐसा करने पर उन्हें प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। विद्यार्थियों का नामांकन बढ़ने के लिए अभियान चलाया हुआ है। वहीं सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए स्कूल कमेटी के साथ-साथ पंचायत की मदद ली जाएगी।
-पृथ्वी सिंह सैनी, डिप्टी डीईओ।