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ट्रांसफर सर्टिफिकेट और इनरोलमेंट नंबर नहीं दिए जाने से गुस्साएं अभिभावकों ने स्प्रिंग डेल्स स्कूल में किया हंगामा

Sun, 17 Mar 2019 12:41 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 17 Mar 2019 12:41 AM IST
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ट्रांसफर सर्टिफिकेट और इनरोलमेंट नंबर नहीं दिए जाने से गुस्साएं  अभिभावकों ने स्प्रिंग डेल्स स्कूल में किया हंगामा
ट्रांसफर सर्टिफिकेट और इनरोलमेंट नंबर नहीं दिए जाने से गुस्साएं अभिभावकों ने स्प्रिंग डेल्स स्कूल में किया हंगामा
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परिजन बोले-35 बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ कर चुके हैं, अब अन्य बच्चों को नहीं दे रहे ट्रांसफर सर्टिफिकेट
हंगामा कर रहे कुछ लोगों ने प्रबंधक के भांजे के साथ मारपीट की, भाई को दौड़ाया
-स्कूल पर पथराव से टूटे शीशे, पुलिस मूकदर्शक बनी रही
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
स्प्रिंग डेल्स पब्लिक स्कूल प्रबंधन की तरफ से 9वीं से 10वीं में हुए विद्यार्थियों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट नहीं दिए जाने से गुस्साएं अभिभावकों ने शनिवार को खेड़ी रांगडान स्थित स्कूल परिसर में जमकर हंगामा किया। कुछ लोगों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि स्कूल की तरफ से सफाई दे रहे प्रबंधक के भांजे के साथ मारपीट शुरू कर दी। कुछ अभिभावकों ने बीच बचाव कर उन्हें छुड़वाया। इसके बाद प्रबंधक के भाई को लोगों ने घेर लिया और उसे धक्का देते हुए पुलिस की मौजूदगी में पैदल ही दो किमी दूर दूसरे स्कूल में लेकर गए। इसी बीच कुछ शरारती लोगों ने स्कूल पर पथराव शुरू कर दिया। जिससे खिड़कियों के शीशे टूट गए। इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। हंगामे की सूचना मिलने पर डीएसपी सुभाष चंद फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने चार घंटे से चल रहे इस हंगामे को किसी तरह से शांत करवाया।
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परेशान कर रहे हैं स्कूल प्रबंधक
अभिभावक चरणजीत कौर, उमा, गुड्डी, लवप्रीत कौर, बलजीत कौर, निशा, जरनैल सिंह आदि ने बताया कि स्प्रिंग डेल्स स्कूल के प्रबंधकों ने मान्यता नहीं होने के बावजूद बच्चों को नौवीं और दसवीं में एडमिशन दिया। दसवीं के 35 बच्चों के भविष्य से वे खिलवाड़ कर चुके हैं। ऐसे में अन्य अभिभावक भी अपने बच्चों को यहां नहीं पढ़ाना चाहते। क्योंकि धोखाधड़ी के मामले में स्कूल के खिलाफ शिक्षा विभाग एफआईआर दर्ज करवा चुका है। अब स्कूल प्रबंधक से ट्रांसफर सर्टिफिकेट लेने जाते हैं, तो वे कहते हैं कि विश्वभारती स्कूल से दसवीं करनी पड़ेगी। जबकि विश्व भारती स्कूल के खिलाफ भी इसी मामले में एफआईआर दर्ज है। वे अन्य स्कूल में अपने बच्चों का एडमिशन करवाना चाहते हैं, लेकिन स्कूल वाले तानाशाही अपना रहे हैं।
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बातचीत के लिए बुलाया था
अभिभावकों का कहना है कि विद्यार्थियों को बिना इनरोलमेंट व ट्रांसफर सर्टिफिकेट के किसी भी स्कूल में एडमिशन नहीं हो रहा है। जिसे लेने के लिए अभिभावक स्कूल मालिकों के चक्कर काट रहे हैं। स्कूल प्रबंधन ने शानिवार को गांव खेड़ी रांगड़ान स्थित दूसरे स्प्रिंग डेल्स स्कूल में बुलाया था। अभिभावक अपने बच्चों के साथ सुबह दस बजे पहुंच गए थे, लेकिन यहां आकर उन्हें मैनेजमेंट का कोई भी सदस्य नहीं मिला। जिससे वे भड़क गए और स्कूल के खिलाफ नारेबाजी करने शुरू कर दी।
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प्रबंधक के भांजे पर बदसलूकी का आरोप
स्कूल में नारेबाजी कर रहे अभिभावकों को देखकर वहां स्कूल मालिक का भांजा सिद्धार्थ मौके पर पहुंचा। उसने अभिभावकों को शांत करवाने की बजाय अभिभावकों के साथ बदसलूकी से पेश आना शुरू कर दिया। जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग तैश में आ गए और उसे थप्पड़ जडऩे शुरू कर दिए। वहां खड़े लोगों ने किसी तरह से उसे छुड़ाया। इतने में वहां स्कूल मालिक का भाई भी पहुंच गया।
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भाई को धक्का देते ले गए दूसरे स्कूल में
अभिभावकों ने मालिक के भाई को घेर लिया और उसे धक्के देने शुरू कर दिए। लोग उसे पैदल ही दो किमी दूर पैदल ही स्कूल की दूसरी बिल्डिंग में ले गए। इस दौरान काफी संख्या में पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे, लेकिन लोगों के गुस्से के सामने वे भी असहाय नजर आएं।
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जगाधरी वर्कशॉप आकर भी किया हंगामा
जगाधरी वर्कशॉप स्थित स्प्रिंग डेल्स स्कूल में आने पर अभिभावकों ने यहां भी जमकर हंगामा किया। लोगों ने स्कूल का ताला खुलवाया और स्कूल मालिकों को मौके पर बुलाने की बात पर अड़ गए। उधर, हंगामें की सूचना मिलते ही डीएसपी सुभाष चंद आ गए। उन्होंने काफी देर तक लोगों को समझाया, तब जाकर वे शांत हुए।
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बच्चों का दर्द- नहीं मिल पा रहा दूसरे स्कूलों में दाखिला
दस दौरान विद्यार्थियों का दर्द भी छलक गया। उन्होंने बताया कि 40 बच्चों ने 9वीं की परीक्षा पास करने के बाद 10वीं में दूसरे स्कूलों में एडमिशन लेना है, लेकिन बिना इनरोलमेंट नंबर व टीसी के दाखिला मिल नहीं पा रहा है। दूसरे स्कूल वाले बोल रहे हैं कि पहले इनरोलमेंट नंबर व टीसी लेकर आए, उसके बाद ही दाखिला होगा। ऐसे में अब उनका भविष्य भी अंधकारमय होने की कगार पर है। जबकि 35 बच्चे पहले ही रेगुलर परीक्षा देने से वंचित हो चुके हैं।
वर्जन
-इस मामले में मेरी कोई गलती नहीं है। मेरे साथ बिना वजह के बदसलूकी की गई है। मैं स्कूल का मालिक नहीं हूं, इस पूरे मामले में स्कूल मालिक ही कुछ बता सकते हैं।

-गिरीश सरदाना, मालिक का भाई।
वर्जा
-अभिभावकों का दर्द मैं समझ सकता हूं। क्योंकि इस समय बच्चों के भविष्य का सवाल है। बातचीत के लिए स्कूल प्रबंधक को पूरे रिकॉर्ड के साथ रविवार को थाना में बुलाया है। मंगलवार को दोबारा से पेरेंट्स को बातचीत के लिए स्कूल में बुलाया जाएगा।
-सुभाष चंद, डीएसपी।
फोटो- 8 से 17 और 19 से 21
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