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सावित्री बाई फूले की 122वीं पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आज
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सावित्री बाई फूले की 122वीं पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आज
रादौर
राष्ट्रीय सैनी समाज एकता संगठन की ओर से रविवार 10 मार्च को खेड़ा मोहल्ला में सावित्री बाई फूले की 122वीं पुण्यतिथि मनाई जाएगी। संगठन के ब्लॉक प्रधान संदीप सैनी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने सावित्री बाई के चित्र पर फूलमालाएं अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि भेंट करेंगे। उन्होंने बताया कि सावित्री बाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों को भाईचारे की शिक्षा दी थी। सावित्रीबाई फुले का विवाह 1840 में ज्योतिबाई फुले से हुआ था। उस समय उनकी आयु मात्र 9 वर्ष की थी। देश की महिलाओं को शिक्षा का अधिकार नहीं मिला था। 1848 में सावित्रीबाई फुले ने शिक्षित होकर बुधवारा पेठ में तांत्या साहेब भिंडे की हवेली में पाठशाला खोली थी। सावित्रीबाई फुले प्रथम शिक्षित नारी थी। जिन्होंने उस समय के शिक्षित पुरूषों व ब्राहमणों ने प्रताडित किया। इसके बावजूद वह विचलित नहीं हुई। इस अवसर पर संदीप सैनी, राजेश कुशवाहा, विशाखा, वैष्णवी, पर्व बकाना, प्रवेश बकाना, सागर बकाना, मोहन सैनी, नरेन्द्र सैनी, धर्मेन्द्र फतेहगढ, सुरेश सैनी नाचरौन, प्रवीण, सतीश सैनी आदि मौजूद रहे।
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रादौर
राष्ट्रीय सैनी समाज एकता संगठन की ओर से रविवार 10 मार्च को खेड़ा मोहल्ला में सावित्री बाई फूले की 122वीं पुण्यतिथि मनाई जाएगी। संगठन के ब्लॉक प्रधान संदीप सैनी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने सावित्री बाई के चित्र पर फूलमालाएं अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि भेंट करेंगे। उन्होंने बताया कि सावित्री बाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 को हुआ था। उन्होंने सभी धर्मों के लोगों को भाईचारे की शिक्षा दी थी। सावित्रीबाई फुले का विवाह 1840 में ज्योतिबाई फुले से हुआ था। उस समय उनकी आयु मात्र 9 वर्ष की थी। देश की महिलाओं को शिक्षा का अधिकार नहीं मिला था। 1848 में सावित्रीबाई फुले ने शिक्षित होकर बुधवारा पेठ में तांत्या साहेब भिंडे की हवेली में पाठशाला खोली थी। सावित्रीबाई फुले प्रथम शिक्षित नारी थी। जिन्होंने उस समय के शिक्षित पुरूषों व ब्राहमणों ने प्रताडित किया। इसके बावजूद वह विचलित नहीं हुई। इस अवसर पर संदीप सैनी, राजेश कुशवाहा, विशाखा, वैष्णवी, पर्व बकाना, प्रवेश बकाना, सागर बकाना, मोहन सैनी, नरेन्द्र सैनी, धर्मेन्द्र फतेहगढ, सुरेश सैनी नाचरौन, प्रवीण, सतीश सैनी आदि मौजूद रहे।