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खंड शिक्षाधिकारी के द्वारा प्रमाण पत्रों को गलत सत्यापित करने की शिकायत सीबीआई तक पहुंची
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खंड शिक्षाधिकारी के द्वारा प्रमाण पत्रों को गलत सत्यापित करने की शिकायत पहुंची सीबीआई तक
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। मुजाफ्त निवासी संजीव कुमार ने वार्ड-3 से जिला परिषद का चुनाव लड़ने वाले मामचंद भागवाली के दस्तावेजों को जाली बताते हुए उसकी जांच संबंधित बोर्ड से सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी। जिसमें बोर्ड से सर्टिफिकेट जारी हुआ उस नाम का बोर्ड नहीं होने पर मामले को पुलिस व कोर्ट में दायर किया था। जिला शिक्षा अधिकारी यमुनानगर व खंड शिक्षा अधिकारी सरस्वती नगर मुस्तफाबाद द्वारा प्रमाण पत्रों को सत्यापित करवाया गया। इन अधिकारियों ने मामचंद के प्रमाण पत्रों की जांच कर सही बताया था। जिसकी जांच की गुहार संजीव कुमार ने एसडीएम बिलासपुर, डीसी, सीएम विंडो, शिक्षा विभाग व विजिलेंस विंग से कराने को लेकर पिछले कई माह से चक्कर काट रहा है। जबकि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त सूचना के आधार पर ग्वालियर में इस नाम का कोई बोर्ड ही नहीं है। जिस नाम का सर्टिफिकेट चुनाव आयोग में पेश किया गया था। संजीव कुमार ने चड़ीगढ़ में सीबीआई के कार्यालय पहुंचकर जांच की मांग की
इस प्रकार है मामला
मामचंद पुत्र नाथूराम वासी भागवाली सुलतानपुर ने जिला परिषद का चुनाव लड़ने के समय बतौर उम्मीदवार शैक्षणिक दस्तावेज एडीसी के समक्ष 10वीं पास बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन मध्य प्रदेश ग्वालियर दिखाया था। संजीव कुमार वासी मुजाफ्त ने सूचना के अधिकार के तहत ग्वालियर बोर्ड के पते से सूचना मांगी तो यह बोर्ड ही फर्जी निकला। इस बारे में हाई कोर्ट इलाहाबाद द्वारा सीबीआई जांच के आदेश दिए गए। जांच में यह बोर्ड फर्जी पाया गया। जिसकी शिकायत संजीव कुमार ने थाना बिलासपुर, डीजीपी हरियाणा से की पर कोई जांच नहीं हुई। उसके बाद संजीव कुमार ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया कोर्ट ने भी आरोपी के खिलाफ मामला दर्जकर जांच करने के आदेश दिए। पुलिस भी मामले में कोई ठोस जांच अमल में नहीं लाई। थक हार कर संजीव कुमार ने सीबीआई से मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने व फर्जी तरीके से दस्तावेजों का सत्यापन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
अमर उजाला ब्यूरो
बिलासपुर। मुजाफ्त निवासी संजीव कुमार ने वार्ड-3 से जिला परिषद का चुनाव लड़ने वाले मामचंद भागवाली के दस्तावेजों को जाली बताते हुए उसकी जांच संबंधित बोर्ड से सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी। जिसमें बोर्ड से सर्टिफिकेट जारी हुआ उस नाम का बोर्ड नहीं होने पर मामले को पुलिस व कोर्ट में दायर किया था। जिला शिक्षा अधिकारी यमुनानगर व खंड शिक्षा अधिकारी सरस्वती नगर मुस्तफाबाद द्वारा प्रमाण पत्रों को सत्यापित करवाया गया। इन अधिकारियों ने मामचंद के प्रमाण पत्रों की जांच कर सही बताया था। जिसकी जांच की गुहार संजीव कुमार ने एसडीएम बिलासपुर, डीसी, सीएम विंडो, शिक्षा विभाग व विजिलेंस विंग से कराने को लेकर पिछले कई माह से चक्कर काट रहा है। जबकि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त सूचना के आधार पर ग्वालियर में इस नाम का कोई बोर्ड ही नहीं है। जिस नाम का सर्टिफिकेट चुनाव आयोग में पेश किया गया था। संजीव कुमार ने चड़ीगढ़ में सीबीआई के कार्यालय पहुंचकर जांच की मांग की
इस प्रकार है मामला
मामचंद पुत्र नाथूराम वासी भागवाली सुलतानपुर ने जिला परिषद का चुनाव लड़ने के समय बतौर उम्मीदवार शैक्षणिक दस्तावेज एडीसी के समक्ष 10वीं पास बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन मध्य प्रदेश ग्वालियर दिखाया था। संजीव कुमार वासी मुजाफ्त ने सूचना के अधिकार के तहत ग्वालियर बोर्ड के पते से सूचना मांगी तो यह बोर्ड ही फर्जी निकला। इस बारे में हाई कोर्ट इलाहाबाद द्वारा सीबीआई जांच के आदेश दिए गए। जांच में यह बोर्ड फर्जी पाया गया। जिसकी शिकायत संजीव कुमार ने थाना बिलासपुर, डीजीपी हरियाणा से की पर कोई जांच नहीं हुई। उसके बाद संजीव कुमार ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया कोर्ट ने भी आरोपी के खिलाफ मामला दर्जकर जांच करने के आदेश दिए। पुलिस भी मामले में कोई ठोस जांच अमल में नहीं लाई। थक हार कर संजीव कुमार ने सीबीआई से मामले की जांच कर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने व फर्जी तरीके से दस्तावेजों का सत्यापन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
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