फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   ये हैं शहर के पांच रियल हीरो, नए साल पर इनसे लें प्ररेणा

ये हैं शहर के पांच रियल हीरो, नए साल पर इनसे लें प्ररेणा

Wed, 02 Jan 2019 12:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 02 Jan 2019 12:48 AM IST
विज्ञापन
ये हैं शहर के पांच रियल हीरो, नए साल पर इनसे लें प्ररेणा
ये हैं शहर के पांच हीरो, नए साल पर इनसे लें प्ररेणा
विज्ञापन


यमुनानगर। शहर और समाज को सुंदर, स्वच्छ और अग्रणी बनाने के लिए कुछ चेहरे निस्वार्थ भाव से काम कर रहे हैं। नए साल पर अमर उजाला उन चेहरों को आपके सामने लेकर आया है तो जमीनी स्तर पर अपनी मुहिम से किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे समाज का भला करने में जुटे हैं। नए साल पर शहरवासियों को इनसे प्रेरणा लेकर कोई ऐसा काम करने का प्रण लेना होगा, जिससे हम अपने शहर और समाज को बेहतर बना सकें।
1.
ये हैं ट्री मैन एसएल सैनी
-तीस साल में दो लाख पौधे लगाएं, 50 हजार से ज्यादा लोगों को पौधों के प्रति मोटिवेट करने वाले गणित के प्रो. एसएल सैनी किसी परिचय के मोहताज नहीं है। प्रदेश के प्रदूषित शहरों में से एक यमुनानगर-जगाधरी में सड़कों के डिवाइडर, पार्क और अन्य खाली स्थानों पर पेड़-पौधे लगाना उनकी दिनचर्या का हिस्सा हैं। प्रो. सैनी का जुनून देखकर बड़ी संख्या में लोग उनके साथ जुड़ने लगे हैं। इस पूरे काम में एक पैसे की भी सरकारी मदद उन्होंने नहीं ली है। पहले उन्होंने यमुनानगर एनवायरनमेंट सोसाइटी बनाई और बाद में पूरे प्रदेश को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने का लक्ष्य लेकर हरियाणा एनवायरनमेंट सोसाइटी (एचईएस) का गठन किया।
विज्ञापन

बॉक्स
इराक से मिला आइडिया
साल 1991 में वे इराक की अल अनबर यूनिवर्सिटी में डेपुटेशन पर पढ़ाने गए थे। वहां रेगिस्तान में हरा भरा पार्क देखा था। वापस लौटने पर उन्होंने पौधरोपण की मुहिम शुरू की। शुरू में अपनी पॉकेट मनी और कुछ दोस्तों से उधार लेकर 1994 में 15,000 रुपये में उन्होंने अपना काम शुरू किया। शौकिया तौर पर शुरू किया गया यह कार्य बाद में मिशन बना और अब जुनून बन चुका है। फिलहाल शहर की सभी मुख्य सड़कों के डिवाइडर, पार्कों और आम जगहों पर एचईएस के ट्री गार्ड्स के बीच हरे पेड़-पौधे झांकते मिलेंगे। एचईएस ने करीब 65 प्रजातियों के पेड़-पौधे लगाए हैं। उनका काम मात्र पौधे लगाने तक सीमित नहीं है बल्कि पानी देने सहित बड़े होने तक उनकी पूरी देखभाल की जाती है। प्रो. सैनी और उनकी टीम की बदौलत नगर-निगम क्षेत्र की 80 प्रतिशत से अधिक सार्वजनिक भूमि हरी-भरी हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

फोटो नंबर 05
2.
91 बार कर चुके हैं ब्लड डोनेशन, 10 हजार को मोटिवेट
-संजीव मेहता जो 91 बार ब्लड डोनेट कर चुके हैं। शहर के 10 हजार से ज्यादा लोगों को ब्लड डोनेट के प्रति मोटिवेट किया। दोस्तों के साथ मिलकर साल 2013 में श्रीब्लड डोनर्स एंड वेलफेयर फाउंडेशन खड़ी की। फाउंडेशन के बैनर तले पांच साल में 26 ब्लड डोनेशन कैंप लगाएं। इनकी टीम के सदस्य खुद अस्पताल में जाकर जरूरतमंदों को निस्वार्थ भाव से ब्लड डोनेट करते हैं। पांच साल में पांच हजार से ज्यादा यूनिट्स जरूरतमंदों को उपलब्ध करवा चुके हैं।
बॉक्स
हर ब्लड ग्रुप का व्हाट्सएप ग्रुप
-उनकी टीम ने हर ब्लड ग्रुप का व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है। यानि ओ पॉजिटिव के व्हाट्सएप ग्रुप में इसी ब्लड ग्रुप के डोनर्स होते हैं। जब भी किसी व्यक्ति को ब्लड की जरूरत होती है तो उसकी ग्रुप में अपडेट किया जाता है। ब्लड डोनेट होने के बाद केस डन का मैसेज किया जाता है। यानि पेशेंट तक ब्लड पहुंच गया है।
बॉक्स
हर रोज करते हैं डोनेट
-हरियाणा की यह एकमात्र टीम है, जिसके सदस्य प्रतिदिन एक या एक से अधिक यूनिट ब्लड डोनेट करते हैं। यानि इनका मिशन 365 दिन 365 यूनिट ब्लड डोनेट है। जिसे ये बखूबी निभा रहे हैं।
फोटो नंबर 07
3.-
शहर में कोई भूखा न हो, कोई बिना कपड़े के न रहे, कोई खुले आसमान के नीचे रात न गुजारे। सुबह से लेकर शाम तक ऐसे जरूरतमंद लोगों की तलाश में जुट जाते हैं पंकज अरोड़ा। रात-रात भर शहर की सड़कों पर घूमते रहते हैं और जरूरतमंदों को उनकी जरूरत का सामान पहुंचा देते हैं। इनकी सेवा भाव को देखते हुए अन्य लोग भी जुड़ते चले गए। 2010 में श्रीगणेश इंटरटेनमेंट एंड हयूमिनिटी सोसायटी का गठन किया। ये अपने सारे फेस्टिवल स्लम एरिया में मनाते हैं। खासकर बच्चों के साथ वे रफी नाइट भी मनाते हैं। उनकी इस सोशल एक्टिविटीज के मद्देनजर कई अवार्ड भी मिल चुके हैं। पंकज अरोड़ा का कहना है कि हमें जरूरत की हर चीज उपलब्ध है, लेकिन एक तबका ऐसा भी है, जिसे भरपेट भोजन नहीं मिल पाता। ऐसे लोगों की हमें मदद के लिए आगे आना होगा।
फोटो नंबर 06
4.
महज 18 साल की उम्र में भूखों को भोजन देने की मुहिम शुरू की। कॉलेज में रोटी एकत्र करने के लिए एक पेटी रखी। बच्चे अपने लंच बॉक्स से एक-एक रोटी निकाल कर पेटी में डालते हैं। फिर उस पेटी को स्कूटी के पीछे रखकर जरूरतमंदों को रोटियां बांटने निकल जाती हैं। चार महीने पहले रोटियां बांटने का काम शुरू किया, अब 1500 लोगों तक रोटियां पहुंचा रही है। हम बात कर रहे हैं जीएनजी कॉलेज की बीए फर्स्ट ईयर की स्टूडेंट प्रिया अरोड़ा की। प्रिया ने बताया कि बाहरवीं कक्षा का जब रिजल्ट आया तो इंग्लिश टीचर नीतू ग्रोवर ने पूछा कि आगे क्या करना है तो ने कह दिया कि मुझे कुछ अलग करना है। टीचर ने सलाह दी कि कुछ अलग करना है तो गरीब बच्चों की मदद करो। बस वहीं से प्रिया ने झुग्गी झोपड़ी में रह रहे बच्चों की मदद करने की ठान ली। सितंबर माह से अपने साथ एक टोकरी रखती है, जिसमें वो रोटियां इकट्ठी करती है और गरीब बच्चों को बांटती है। प्रिया ने एक शांति फाउंडेशन नाम की संस्था बनाई है। जिसमें इंग्लिश टीचर नीतू ग्रोवर भी अपना स्कूल छोड़ पूूूरा सहयोग कर रही है। साथ ही इसके लिए प्रिया की मां गीता अरोड़ा व पिता प्रेम अरोड़ा का सहयोग भी मिल रहा है।

फोटो नंबर 09
5.
गंदगी से लोगों को बीमार होते देखा तो स्वच्छता की मुहिम शुरू कर दी
-24 साल की उम्र में खुद श्रमदान करके स्वच्छता में जुटी है गांव अर्जुन माजरा की रहने वाली सोनिया सैनी। जो घर घर जाकर स्वच्छता का संदेश दे रही है। जिन घरों में शौचालय नहीं था, उन घरों में शौचालय बनवाने के लिए मोटिवेट करती है। अपनी पॉकेट मनी भी इस काम में खर्च कर देती है। इसके इलावा जरूरत मंद लड़कियों को निशुल्क सिलाई भी सिखाती है। अपने आस पास कजे वातावरण को साफ रखने के लिए घर घर जाकर जागरूक कर रही है। खुद भी गांव की गलियों को साफ सुथरा रखने अहम अपना पूरा सहयोग देती है। सोनिया ने बीए व फैशन डिजाइनिंग का कोर्स किया हुआ है। पिछले दो सालों से नेहरू युवा केंद्र संगठन में काम करती है। जहां उसने एक कैंप लगाया था। जिससे उन्हें अपने जीवन में कुछ कर गुजरने की चाह जगी। तब से लेकर अब तक काम के अलावा अपना अतिरिक्त समय वो समाजसेवा के कार्यों में लगाती है। जिसके लिए उनके परिवार के लोग सभी कुरूतियों को पीछे छोड़ अपना भरपूूर सहयोग दे रहे हैं। जोकि उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
फोटो नंबर 08
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed