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ओवरलोड वाहन बने यमदूत, जिंदगी की रफ्तार हो रही कम
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अमर उजाला अभियान
ओवरलोड वाहन बने यमदूत, जिंदगी की रफ्तार हो रही कम
-बिना रिफ्लेक्टर व रेडियम टेप के फर्राटा भर रहे वाहन, अधिकारी मौन
यमुनानगर। जिला की सड़कों पर फर्राटा भर रहे ओवरलोड वाहन यमदूत बने हुए हैं। इन्होंने कईयों को मौत के घाट उतार दिया, तो कईयों को अपनी चपेट में लेकर घायल कर दिया। हर दूसरे-तीसरे दिन इनके कारण हादसे हो रहे हैं। इनके कारण जिंदगी की रफ्तार कम हो गई। डर से लोग भी सड़कों पर वाहन लेकर चलने से कतराने लगे हैं। उधर, प्रशासन इस तरह के वाहनों पर कार्रवाई करने का दावा कर रहा है, जबकि हकीकत में अधिकतर ओवर लोड व बिना रिफ्लेक्टर के वाहन शहर से गुजर रहे हैं।
बॉक्स
प्लाई से ढकी होती है ट्रॉली
लक्कड़ मंडी व शुगर मिल के अलावा ट्रैक्टर ट्रॉलियों को फैक्ट्रियों में व्यवसायिक प्रयोग भी होता है। इन ट्रॉलियों के चारों तरफ की बॉडी को उतार कर उनमें प्लाई पत्ता भरा जाता है। यह प्लाई पत्ता ऐसे भरा जाता है, जिससे ट्रौली की पूरी बॉडी नहीं दिखाई देती। रिफ्लेक्टर तो दूर की बात है ऐसे में इनका धुंध व कोहरे की सीजन में कोई लाभर नहीं हो पाता है। रिफ्लेक्टर लगाने के साथ प्रशासन को ट्रक व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सामान को लोड करने के तरीके में भी जागरूक करने की जरूरत है।
बॉक्स
इसलिए जरूरी है रिफ्लेक्टर
बता दें कि कोहरे का सीजन चल रहा है। ऐसे में वाहनों पर रेडियम टेप लगाना जरूरी है। इससे हेडलाइट पड़ने से वह चमकने लगती है जिससे दूसरा वाहन चालक सचेत हो जाता है। वहीं कम दृश्यता में भी दिखाई देती है। यानी पीछे आ रहे वाहन को 30 से 100 मीटर पहले रोका जा सकता है और वाहन आपस में टकराने से बच जाते हैं।
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प्रशासन कर रहा कार्रवाई का दावा
उधर, प्रशासन ओवरलोड व बिना रिफ्लेक्टर वाहनों पर कार्रवाई करने का दावा कर रहा है। दावा है कि आए दिन इस प्रकार के वाहनों के चालान किए जा रहे और रिफ्लेक्टर व रेडियम टेप लगाई जा रही है। लेकिन देखा जाए तो अब भी अधिकतर वाहन इस प्रकार के सड़कों पर घूम रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक सालभर में 160 लोग इनकी चपेट में आकर जान गवां चुके और 300 से अधिक लोग ऐसे हैं जो घायल हो चुके हैं। उधर, शहरवासियों का कहना है यदि ओवरलोड वाहनों का पूरी तरह से कंट्रोल हो जाए तो हादसों पर लगाम लग सकती है। इन वाहनों के कारण अब सड़क पर व्हीकल लेकर चलना डर से सताने लगा है।
वर्जन
ओवरलोड व बिला रिफ्लेक्टर के चल रहे वाहनों पर लगातार कार्रवाई कर चालान काटे जा रहे हैं। इसके अलावा टीम का भी गठन किया है जोकि इस तरह के वाहनों को पकड़ रही है। दूसरा 16 जनवरी तक विभाग की तरफ से रिफ्लेक्टर व रेडियम टेप लगाने का अभियान चलाया जाएगा।
-केके भादू, आरटीए।
फोटो-36
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ओवरलोड वाहन बने यमदूत, जिंदगी की रफ्तार हो रही कम
-बिना रिफ्लेक्टर व रेडियम टेप के फर्राटा भर रहे वाहन, अधिकारी मौन
यमुनानगर। जिला की सड़कों पर फर्राटा भर रहे ओवरलोड वाहन यमदूत बने हुए हैं। इन्होंने कईयों को मौत के घाट उतार दिया, तो कईयों को अपनी चपेट में लेकर घायल कर दिया। हर दूसरे-तीसरे दिन इनके कारण हादसे हो रहे हैं। इनके कारण जिंदगी की रफ्तार कम हो गई। डर से लोग भी सड़कों पर वाहन लेकर चलने से कतराने लगे हैं। उधर, प्रशासन इस तरह के वाहनों पर कार्रवाई करने का दावा कर रहा है, जबकि हकीकत में अधिकतर ओवर लोड व बिना रिफ्लेक्टर के वाहन शहर से गुजर रहे हैं।
बॉक्स
प्लाई से ढकी होती है ट्रॉली
लक्कड़ मंडी व शुगर मिल के अलावा ट्रैक्टर ट्रॉलियों को फैक्ट्रियों में व्यवसायिक प्रयोग भी होता है। इन ट्रॉलियों के चारों तरफ की बॉडी को उतार कर उनमें प्लाई पत्ता भरा जाता है। यह प्लाई पत्ता ऐसे भरा जाता है, जिससे ट्रौली की पूरी बॉडी नहीं दिखाई देती। रिफ्लेक्टर तो दूर की बात है ऐसे में इनका धुंध व कोहरे की सीजन में कोई लाभर नहीं हो पाता है। रिफ्लेक्टर लगाने के साथ प्रशासन को ट्रक व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में सामान को लोड करने के तरीके में भी जागरूक करने की जरूरत है।
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इसलिए जरूरी है रिफ्लेक्टर
बता दें कि कोहरे का सीजन चल रहा है। ऐसे में वाहनों पर रेडियम टेप लगाना जरूरी है। इससे हेडलाइट पड़ने से वह चमकने लगती है जिससे दूसरा वाहन चालक सचेत हो जाता है। वहीं कम दृश्यता में भी दिखाई देती है। यानी पीछे आ रहे वाहन को 30 से 100 मीटर पहले रोका जा सकता है और वाहन आपस में टकराने से बच जाते हैं।
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प्रशासन कर रहा कार्रवाई का दावा
उधर, प्रशासन ओवरलोड व बिना रिफ्लेक्टर वाहनों पर कार्रवाई करने का दावा कर रहा है। दावा है कि आए दिन इस प्रकार के वाहनों के चालान किए जा रहे और रिफ्लेक्टर व रेडियम टेप लगाई जा रही है। लेकिन देखा जाए तो अब भी अधिकतर वाहन इस प्रकार के सड़कों पर घूम रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक सालभर में 160 लोग इनकी चपेट में आकर जान गवां चुके और 300 से अधिक लोग ऐसे हैं जो घायल हो चुके हैं। उधर, शहरवासियों का कहना है यदि ओवरलोड वाहनों का पूरी तरह से कंट्रोल हो जाए तो हादसों पर लगाम लग सकती है। इन वाहनों के कारण अब सड़क पर व्हीकल लेकर चलना डर से सताने लगा है।
वर्जन
ओवरलोड व बिला रिफ्लेक्टर के चल रहे वाहनों पर लगातार कार्रवाई कर चालान काटे जा रहे हैं। इसके अलावा टीम का भी गठन किया है जोकि इस तरह के वाहनों को पकड़ रही है। दूसरा 16 जनवरी तक विभाग की तरफ से रिफ्लेक्टर व रेडियम टेप लगाने का अभियान चलाया जाएगा।
-केके भादू, आरटीए।
फोटो-36