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फुलवारी स्किम के तहत गोद ले सकते है आंगनबाडी
Updated Mon, 23 Jul 2018 12:17 AM IST
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फुलवारी स्कीम के तहत गोद ले सकते है आंगनबाड़ी: प्रवीण
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रवीण छाबड़ा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा हमारी फुलवारी स्कीम शुरू की गई है। जिसका उद्देश्य आंगनबाड़ी वर्कर्स, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिले। कोई भी व्यक्ति, संस्था व इंडस्ट्रीज आंगनबाड़ी को गोद ले सकता है। इस स्कीम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों का रख रखाव, खेल का सामान, स्टेशनरी, सोलर सिस्टम, वाटर हार्वेस्टिंग, वाटर प्यूरीफायर, आरओ, कूलर, वेट मशीन, समान रखने के लिए रैक व ड्रम जैसे सामान भेंट कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में 1281 आंगनबाड़ी केंद्र चलाए जा रहे हैं। इन आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 57317 लाभपात्रों को लाभ मिल रहा हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं व छह माह से छह साल के बच्चों को पूरक पोषाहार देना आंगनबाड़ी केंद्रों की जिम्मेदारी हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क प्री स्कूल एजुकेशन भी दी जाती हैं। इसके साथ साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण बालिका पुरस्कार, ग्रामीण महिलाओं के लिए खेल प्रतियोगिता, सर्वोत्तम माता पुरस्कार, सबला योजना, पीएमएमवीवाई, सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ भी योग्य पात्रों को दिया जा रहा हैं।
फोटो नंबर 1, 2
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी प्रवीण छाबड़ा ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा हमारी फुलवारी स्कीम शुरू की गई है। जिसका उद्देश्य आंगनबाड़ी वर्कर्स, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिले। कोई भी व्यक्ति, संस्था व इंडस्ट्रीज आंगनबाड़ी को गोद ले सकता है। इस स्कीम के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों का रख रखाव, खेल का सामान, स्टेशनरी, सोलर सिस्टम, वाटर हार्वेस्टिंग, वाटर प्यूरीफायर, आरओ, कूलर, वेट मशीन, समान रखने के लिए रैक व ड्रम जैसे सामान भेंट कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में 1281 आंगनबाड़ी केंद्र चलाए जा रहे हैं। इन आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 57317 लाभपात्रों को लाभ मिल रहा हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं व छह माह से छह साल के बच्चों को पूरक पोषाहार देना आंगनबाड़ी केंद्रों की जिम्मेदारी हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों को निशुल्क प्री स्कूल एजुकेशन भी दी जाती हैं। इसके साथ साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण बालिका पुरस्कार, ग्रामीण महिलाओं के लिए खेल प्रतियोगिता, सर्वोत्तम माता पुरस्कार, सबला योजना, पीएमएमवीवाई, सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ भी योग्य पात्रों को दिया जा रहा हैं।
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