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गर्मी व बारिश के मौसम में बरतें सावधानियां: अरोड़ा
Updated Tue, 17 Jul 2018 12:29 AM IST
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गर्मी और बारिश के मौसम में बरतें सावधानियां : अरोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। डीसी गिरीश अरोड़ा ने कहा कि गर्मी व बारिश के मौसम में अनेकों बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सावधानियां बरतना बहुत जरूरी है ताकि लोगों का स्वास्थ्य ठीक रह सके। उन्होंने जिला के लोगों से अपील की कि वे हमेशा स्वच्छ पानी का सेवन करें, पानी को उबाल कर पिये या क्लोरीन मिलाकर पानी प्रयोग करें, खाना खाने से पहले व बाद में तथा शौच जाने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं, पीने के पानी के स्रोतों के पास शौच न करें, सडे़, गले, कटे हुए फल व बासी खाद्य पदार्थों को न तो खरीदें तथा न ही प्रयोग में लाएं। सिविल सर्जन डा कुलदीप सिंह ने कहा कि वह खाने व पीने की चीजों को हमेशा ढक कर रखें, घरों में पानी की टंकियों की सफाई समय-समय पर अवश्य करें, उल्टी, दस्त लगने पर ओआरएस घोल व नमक का घोल पर्याप्त मात्रा में लें तथा नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर अपनी जांच एवं इलाज करवाएं। उन्होंने मलेरिया रोग बचाव बारे जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है, इसलिए बुखार होने पर खून की जांच करवाएं तथा रोगी को क्लोरोक्वीन की गोलियां खिलाएं जो दवाई वितरण केन्द्र व स्वास्थ्य संस्थाओं में मुफ्त दी जाती है। सिविल सर्जन ने लोगों को परामर्श दिया कि अधिक बुखार होने पर ठंडे पानी की पट्टियां रोगी के शरीर पर रखें तथा रक्त में मलेरिया जीवाणु पाए जाने पर स्वास्थ्य कर्मचारी या डाक्टर द्वारा सुझाया गया इलाज पूरा करवाएं।
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। डीसी गिरीश अरोड़ा ने कहा कि गर्मी व बारिश के मौसम में अनेकों बीमारियां फैलने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सावधानियां बरतना बहुत जरूरी है ताकि लोगों का स्वास्थ्य ठीक रह सके। उन्होंने जिला के लोगों से अपील की कि वे हमेशा स्वच्छ पानी का सेवन करें, पानी को उबाल कर पिये या क्लोरीन मिलाकर पानी प्रयोग करें, खाना खाने से पहले व बाद में तथा शौच जाने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं, पीने के पानी के स्रोतों के पास शौच न करें, सडे़, गले, कटे हुए फल व बासी खाद्य पदार्थों को न तो खरीदें तथा न ही प्रयोग में लाएं। सिविल सर्जन डा कुलदीप सिंह ने कहा कि वह खाने व पीने की चीजों को हमेशा ढक कर रखें, घरों में पानी की टंकियों की सफाई समय-समय पर अवश्य करें, उल्टी, दस्त लगने पर ओआरएस घोल व नमक का घोल पर्याप्त मात्रा में लें तथा नजदीकी सरकारी अस्पताल में जाकर अपनी जांच एवं इलाज करवाएं। उन्होंने मलेरिया रोग बचाव बारे जानकारी देते हुए बताया कि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है, इसलिए बुखार होने पर खून की जांच करवाएं तथा रोगी को क्लोरोक्वीन की गोलियां खिलाएं जो दवाई वितरण केन्द्र व स्वास्थ्य संस्थाओं में मुफ्त दी जाती है। सिविल सर्जन ने लोगों को परामर्श दिया कि अधिक बुखार होने पर ठंडे पानी की पट्टियां रोगी के शरीर पर रखें तथा रक्त में मलेरिया जीवाणु पाए जाने पर स्वास्थ्य कर्मचारी या डाक्टर द्वारा सुझाया गया इलाज पूरा करवाएं।