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प्रदेश का पहला बाल संगम केंद्र सिविल अस्पताल में शुरू, जल्द ही प्रदेश के अन्य जिलों में भी होगी शुरूआत
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:53 AM IST
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प्रदेश का पहला बाल संगम केंद्र सिविल अस्पताल में शुरू
राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने किया लोकार्पण
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। मुकंद लाल सिविल अस्पताल में मंगलवार को हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद चंडीगढ़ के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने ‘बाल संगम केंद्र’ का लोकार्पण किया। यमुनानगर के सिविल अस्पताल में ये हरियाणा का अपनी तरह का पहला केंद्र शुरू किया गया है। केंद्र के लोकार्पण करने के बाद ढुल ने अस्पताल में एसएनसीयू (नवजात शिशु) वार्ड का निरीक्षण किया।
ढुल ने कहा कि जल्द ही इसी शृंखला में हरियाणा के अन्य जिलों में भी बाल संगम की स्थापना की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा की इस बाल संगम को अस्पताल में बनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि अस्पताल में ज्यादातर मरीज होते हैं और एकल परिवार के कारण लोग अपने बच्चों को साथ ही रखते हैं। इससे बच्चों को संक्रमण होने का खतरा रहता है, परंतु अब बच्चे यदि बाल संगम में रहेंगे तो मरीजों के संपर्क में भी नहीं आएंगे और उन्हें भी संक्रमण नहीं होगा।
सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि सिविल अस्पतालों में इस प्रकार के क्रेच बनने से अस्पताल में कार्यरत स्टाफ को सहायता मिलेगी। जो स्टाफ पहले अपने बच्चों को कार्य के समय में घर छोड़ने में डरने लगता था, वह अब अपने बच्चों को क्रेच में रख कर अपनी ड्यूटी आराम से कर सकते हैं।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया ने बताया कि अस्पताल में स्टाफ व मरीजों की सुविधा के लिए क्रेच (बाल संगम) बनाया गया है, जहां स्टाफ मेंबर अपने बच्चों को कार्य समय पर क्रेच में छोड़कर मरीजों की सही तरीके से देखभाल कर सकेंगे। इसके अलावा ओपीडी में आने वाले व अस्पताल में भर्ती मरीजों के अभिभावक भी अपने बच्चों को कुछ समय के लिये अपने बच्चों को बाल-संगम में छोड़ सकेंगे। बाल संगम का समय गर्मियों में 8 से 2 और सर्दियों में 9 से 3 बजे तक रहेगा। मौके पर जिला बाल कल्याण अधिकारी मनीषा खन्ना, राम निवास गर्ग, डॉ. अय्यर, डॉ. संजना दुआ, डॉ. कुलजीत सिंह, डॉ. छवी मेहता, डॉ. मीनू कांबोज, डॉ. विकास अरोड़ा, डॉ. अश्वनी, डॉ. पारूल, डॉ. शिव कुमार, डॉ. हिमांशू सैनी, डॉ. आकाशदीप, मामचंद, रीतू, आरती, मंजीत कौर, संदीप, मोहित आदि रहे।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है केंद्र
डॉ. दहिया ने बताया कि बच्चे खेलकूद के साथ-साथ प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में जीवन कौशल तथा प्रारंभिक शिक्षा भी प्राप्त कर सकेंगे। आधुनिक सुविधाओं से यह केंद्र सुसज्जित है। इसमें वातानुकूलित वातावरण में बच्चों के लिए टीवी की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। इसमें बच्चे लगातार स्टाफ की देखरेख में रहेंगे। स्टाफ में एक टीचर व एक सहायक की नियुक्ति की गई है और बच्चों के लिए खिलौनों व किताबों की व्यवस्था भी की गई है।
फोटो : 33
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राज्य बाल कल्याण परिषद के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने किया लोकार्पण
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। मुकंद लाल सिविल अस्पताल में मंगलवार को हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद चंडीगढ़ के मानद महासचिव कृष्ण ढुल ने ‘बाल संगम केंद्र’ का लोकार्पण किया। यमुनानगर के सिविल अस्पताल में ये हरियाणा का अपनी तरह का पहला केंद्र शुरू किया गया है। केंद्र के लोकार्पण करने के बाद ढुल ने अस्पताल में एसएनसीयू (नवजात शिशु) वार्ड का निरीक्षण किया।
ढुल ने कहा कि जल्द ही इसी शृंखला में हरियाणा के अन्य जिलों में भी बाल संगम की स्थापना की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा की इस बाल संगम को अस्पताल में बनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि अस्पताल में ज्यादातर मरीज होते हैं और एकल परिवार के कारण लोग अपने बच्चों को साथ ही रखते हैं। इससे बच्चों को संक्रमण होने का खतरा रहता है, परंतु अब बच्चे यदि बाल संगम में रहेंगे तो मरीजों के संपर्क में भी नहीं आएंगे और उन्हें भी संक्रमण नहीं होगा।
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सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने कहा कि सिविल अस्पतालों में इस प्रकार के क्रेच बनने से अस्पताल में कार्यरत स्टाफ को सहायता मिलेगी। जो स्टाफ पहले अपने बच्चों को कार्य के समय में घर छोड़ने में डरने लगता था, वह अब अपने बच्चों को क्रेच में रख कर अपनी ड्यूटी आराम से कर सकते हैं।
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चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विजय दहिया ने बताया कि अस्पताल में स्टाफ व मरीजों की सुविधा के लिए क्रेच (बाल संगम) बनाया गया है, जहां स्टाफ मेंबर अपने बच्चों को कार्य समय पर क्रेच में छोड़कर मरीजों की सही तरीके से देखभाल कर सकेंगे। इसके अलावा ओपीडी में आने वाले व अस्पताल में भर्ती मरीजों के अभिभावक भी अपने बच्चों को कुछ समय के लिये अपने बच्चों को बाल-संगम में छोड़ सकेंगे। बाल संगम का समय गर्मियों में 8 से 2 और सर्दियों में 9 से 3 बजे तक रहेगा। मौके पर जिला बाल कल्याण अधिकारी मनीषा खन्ना, राम निवास गर्ग, डॉ. अय्यर, डॉ. संजना दुआ, डॉ. कुलजीत सिंह, डॉ. छवी मेहता, डॉ. मीनू कांबोज, डॉ. विकास अरोड़ा, डॉ. अश्वनी, डॉ. पारूल, डॉ. शिव कुमार, डॉ. हिमांशू सैनी, डॉ. आकाशदीप, मामचंद, रीतू, आरती, मंजीत कौर, संदीप, मोहित आदि रहे।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है केंद्र
डॉ. दहिया ने बताया कि बच्चे खेलकूद के साथ-साथ प्रशिक्षित स्टाफ की देखरेख में जीवन कौशल तथा प्रारंभिक शिक्षा भी प्राप्त कर सकेंगे। आधुनिक सुविधाओं से यह केंद्र सुसज्जित है। इसमें वातानुकूलित वातावरण में बच्चों के लिए टीवी की सुविधा भी उपलब्ध करवाई गई है। इसमें बच्चे लगातार स्टाफ की देखरेख में रहेंगे। स्टाफ में एक टीचर व एक सहायक की नियुक्ति की गई है और बच्चों के लिए खिलौनों व किताबों की व्यवस्था भी की गई है।
फोटो : 33