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इंस्पेक्टर सतपाल से मारपीट मामले में रोडवेज की दो यूनियन आमने सामने
Updated Wed, 11 Jul 2018 12:53 AM IST
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इंस्पेक्टर सतपाल से मारपीट मामले में रोडवेज की दो यूनियन आमने-सामने
पक्ष- गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर बैठेंगे भूख हड़ताल पर
विपक्ष- बेकसूर को गिरफ्तार किया तो करेंगे चक्का जाम
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर भूख हड़ताल पर बैठते ही एसपी ने दोनों पक्षों को बुलाया
एसपी ने जांच के लिए मांगा कुछ समय, कर्मचारियों ने एसपी को 22 जुलाई तक का दिया अल्टीमेटम
सतपाल का पक्ष बोला, गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर बैठेंगे भूख हड़ताल पर, विपक्ष बोला, बेकसूर को गिरफ्तार किया तो करेंगे चक्का जाम
- 12 जून कुछ लोगों ने दुकान में घुसकर किया था इंस्पेक्टर पर हमला, सस्पेंड किए गए परिचालक व चालक पर लगा था आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हरियाणा रोडवेज इंस्पेक्टर सतपाल सिंह पर उनकी दुकान में घुसकर हमला करने के मामले में हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति व आल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन आमने सामने हो गई। इंस्पेक्टर सतपाल सिंह पर हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन से जुड़े कर्मचारी मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उधर, आल हरियाणा रोडवेज यूनियन के नेताओं ने मामले में नामजद रोडवेज चालक व परिचालक की गिरफ्तारी होने पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी। पुलिस की फजीहत होते देख एसपी ने दोनों पक्षों को अपने कार्यालय बुलाया। एसपी राजेश कालिया की मौजूदगी में हुई बैठक में दोनों पक्षों को समझाया गया। एसपी कालिया ने जल्द ही मामला सुलझाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद कर्मचारियों ने भूखहड़ताल करने का अपना फैसला वापस लिया। वहीं पुलिस को 22 जुलाई तक को अल्टीमेटम दिया। चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तारी न हुई तो फिर से भूखहड़ताल पर बैठेंगे। उधर, दूसरी यूनियन के पदाधिकारियों ने भी बिना जांच के चालक व परिचालक को गिरफ्तार करने पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
12 बजे तक भूख हड़ताल पर बैठ पुलिस के खिलाफ गरजे कर्मी : इंस्पेक्टर सतपाल से मारपीट करने के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के नंद लाल, ईश्वर लाल, करनैल सिंह, सुभाष चंद व सुरेंद्र कुमार मंगलवार सुबह बस स्टैंड परिसर में टेंट लगाकर भूख हड़ताल पर बैठ गए। दोपहर 12 बजे तक वे भूख हड़ताल पर बैठकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक सतपाल से मारपीट करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे चेन से नहीं बैठेंगे।
एसपी बोले, निष्पक्ष जांच कर रही पुलिस, धरने प्रदर्शन से बेवजह क्यों बदनाम किया जा रहा : दोपहर एक बजे पुलिस ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए एसपी ऑफिस बुलाया। यहां एसपी राजेश कालिया की मौजूदगी में दोनों पक्षों को समझाया गया। एसपी राजेश कालिया ने उन्हें कहा कि इस मामले मेें पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है। धरने प्रदर्शन से पुलिस को बेवजह बदनाम किया जा रहा है। पुलिस को कुछ समय और दिया जाए। जांच कर जल्द ही इसमें पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी। बेकसूर लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। जो वास्तविक आरोपी है, उन्हें ही गिरफ्तार किया जाएगा। इस बात पर दोनों पक्ष मान गए और 22 जुलाई का अल्टीमेटम देख भूख हड़ताल व धरना प्रदर्शन समाप्त करने की बात कहीं।
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मीटिंग में दोनों यूनियन नेताओं ने ये दिए तर्क : आरोपी चालक व परिचालक के पक्ष में ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा, आरोपी कर्मचारी शिवकुमार व राजकुमार सहित दर्जनों कर्मचारी एसपी कार्यालय पहुंचे। वहीं पीड़ित इंस्पेक्टर सतपाल के पक्ष में हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के महीपाल सोढ़े, रतन सिंह कलानौर, वरयाम सिंह, अमर सिंह बातचीत में शामिल हुए। एसपी के सामने दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। हरिनारायण शर्मा ने तर्क रखा कि वह किसी भी प्रकार का धरना प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। वहीं मामले की पूरी तरह जांच कर जो वास्तविक आरोपी है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रहे है। आरोपी चालक व परिचालक को मामले में रंजिशन फंसाया गया है। जिसके जवाब में दूसरी यूनियन के नेताओं ने कहा कि हमला हम पर हुआ है। इसलिए हम धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोपी चालक व परिचालक ने ही हमला करवाया है।
यह था मामला : छछरौली निवासी सतपाल सिंह हरियाणा रोडवेज में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है। बीते दिनों वे बसों में जांच करने वाली इंस्पेक्टरों की टीम का फ्लाइंग इंचार्ज थे। 24 मई को उन्होंने इंद्री के नजदीक दिल्ली यमुनानगर रूट पर चल रही यमुनानगर डिपो की गाड़ी को रोककर जांच की। जांच के दौरान बस कंडक्टर शिव कुमार छह यात्रियों को बिना टिकट के ले जा रहे थे। जांच करने पर कंडक्टर का 740 रुपये का गबन मिला। आरोप है कि इसमें बस चालक की भी मिलीभगत थी। उनकी शिकायत पर रोडवेज जीएम द्वारा उसी समय आरोपी कंडक्टर को सस्पेंड कर दिया गया था। जबकि रोडवेज चालक राजकुमार को मामले में चार्जशीट किया गया था। सतपाल का आरोप है कि उनके द्वारा करवाई गई कार्रवाई के चलते दोनों आरोपी उससे रंजिश रखते है। 12 जून की अलसुबह वह घर के पास ही स्थित बेटे अरुण कुमार की परचून की दुकान पर बैठा हुआ था और ऑफिस चलने की तैयारी में था। तभी रोडवेज चालक राजकुमार व कंडक्टर शिवकुमार ने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर पर उसपर डंडों व बिंडो से हमला कर घायल कर दिया। पुलिस ने 14 जून को मामले में दोनों आरोपियों को नामजद करते हुए तीन अन्य पर केस दर्ज किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीआईए टू को सौंपी गई है। जो हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। मौके पर लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। किसी बेकसूर की गिरफ्तारी नहीं होगी।
- राजेश कालिया, एसपी, यमुनानगर।
फोटो : 25, 26 व 27
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पक्ष- गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर बैठेंगे भूख हड़ताल पर
विपक्ष- बेकसूर को गिरफ्तार किया तो करेंगे चक्का जाम
आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर भूख हड़ताल पर बैठते ही एसपी ने दोनों पक्षों को बुलाया
एसपी ने जांच के लिए मांगा कुछ समय, कर्मचारियों ने एसपी को 22 जुलाई तक का दिया अल्टीमेटम
सतपाल का पक्ष बोला, गिरफ्तारी नहीं हुई तो फिर बैठेंगे भूख हड़ताल पर, विपक्ष बोला, बेकसूर को गिरफ्तार किया तो करेंगे चक्का जाम
- 12 जून कुछ लोगों ने दुकान में घुसकर किया था इंस्पेक्टर पर हमला, सस्पेंड किए गए परिचालक व चालक पर लगा था आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हरियाणा रोडवेज इंस्पेक्टर सतपाल सिंह पर उनकी दुकान में घुसकर हमला करने के मामले में हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति व आल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन आमने सामने हो गई। इंस्पेक्टर सतपाल सिंह पर हमला करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर हरियाणा रोडवेज कर्मचारी यूनियन से जुड़े कर्मचारी मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उधर, आल हरियाणा रोडवेज यूनियन के नेताओं ने मामले में नामजद रोडवेज चालक व परिचालक की गिरफ्तारी होने पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी। पुलिस की फजीहत होते देख एसपी ने दोनों पक्षों को अपने कार्यालय बुलाया। एसपी राजेश कालिया की मौजूदगी में हुई बैठक में दोनों पक्षों को समझाया गया। एसपी कालिया ने जल्द ही मामला सुलझाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद कर्मचारियों ने भूखहड़ताल करने का अपना फैसला वापस लिया। वहीं पुलिस को 22 जुलाई तक को अल्टीमेटम दिया। चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तारी न हुई तो फिर से भूखहड़ताल पर बैठेंगे। उधर, दूसरी यूनियन के पदाधिकारियों ने भी बिना जांच के चालक व परिचालक को गिरफ्तार करने पर चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।
12 बजे तक भूख हड़ताल पर बैठ पुलिस के खिलाफ गरजे कर्मी : इंस्पेक्टर सतपाल से मारपीट करने के आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के नंद लाल, ईश्वर लाल, करनैल सिंह, सुभाष चंद व सुरेंद्र कुमार मंगलवार सुबह बस स्टैंड परिसर में टेंट लगाकर भूख हड़ताल पर बैठ गए। दोपहर 12 बजे तक वे भूख हड़ताल पर बैठकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक सतपाल से मारपीट करने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक वे चेन से नहीं बैठेंगे।
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एसपी बोले, निष्पक्ष जांच कर रही पुलिस, धरने प्रदर्शन से बेवजह क्यों बदनाम किया जा रहा : दोपहर एक बजे पुलिस ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए एसपी ऑफिस बुलाया। यहां एसपी राजेश कालिया की मौजूदगी में दोनों पक्षों को समझाया गया। एसपी राजेश कालिया ने उन्हें कहा कि इस मामले मेें पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है। धरने प्रदर्शन से पुलिस को बेवजह बदनाम किया जा रहा है। पुलिस को कुछ समय और दिया जाए। जांच कर जल्द ही इसमें पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर लेगी। बेकसूर लोगों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। जो वास्तविक आरोपी है, उन्हें ही गिरफ्तार किया जाएगा। इस बात पर दोनों पक्ष मान गए और 22 जुलाई का अल्टीमेटम देख भूख हड़ताल व धरना प्रदर्शन समाप्त करने की बात कहीं।
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मीटिंग में दोनों यूनियन नेताओं ने ये दिए तर्क : आरोपी चालक व परिचालक के पक्ष में ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान हरिनारायण शर्मा, आरोपी कर्मचारी शिवकुमार व राजकुमार सहित दर्जनों कर्मचारी एसपी कार्यालय पहुंचे। वहीं पीड़ित इंस्पेक्टर सतपाल के पक्ष में हरियाणा रोडवेज संयुक्त संघर्ष समिति के महीपाल सोढ़े, रतन सिंह कलानौर, वरयाम सिंह, अमर सिंह बातचीत में शामिल हुए। एसपी के सामने दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। हरिनारायण शर्मा ने तर्क रखा कि वह किसी भी प्रकार का धरना प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। वहीं मामले की पूरी तरह जांच कर जो वास्तविक आरोपी है, उनके खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रहे है। आरोपी चालक व परिचालक को मामले में रंजिशन फंसाया गया है। जिसके जवाब में दूसरी यूनियन के नेताओं ने कहा कि हमला हम पर हुआ है। इसलिए हम धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। आरोपी चालक व परिचालक ने ही हमला करवाया है।
यह था मामला : छछरौली निवासी सतपाल सिंह हरियाणा रोडवेज में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत है। बीते दिनों वे बसों में जांच करने वाली इंस्पेक्टरों की टीम का फ्लाइंग इंचार्ज थे। 24 मई को उन्होंने इंद्री के नजदीक दिल्ली यमुनानगर रूट पर चल रही यमुनानगर डिपो की गाड़ी को रोककर जांच की। जांच के दौरान बस कंडक्टर शिव कुमार छह यात्रियों को बिना टिकट के ले जा रहे थे। जांच करने पर कंडक्टर का 740 रुपये का गबन मिला। आरोप है कि इसमें बस चालक की भी मिलीभगत थी। उनकी शिकायत पर रोडवेज जीएम द्वारा उसी समय आरोपी कंडक्टर को सस्पेंड कर दिया गया था। जबकि रोडवेज चालक राजकुमार को मामले में चार्जशीट किया गया था। सतपाल का आरोप है कि उनके द्वारा करवाई गई कार्रवाई के चलते दोनों आरोपी उससे रंजिश रखते है। 12 जून की अलसुबह वह घर के पास ही स्थित बेटे अरुण कुमार की परचून की दुकान पर बैठा हुआ था और ऑफिस चलने की तैयारी में था। तभी रोडवेज चालक राजकुमार व कंडक्टर शिवकुमार ने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर पर उसपर डंडों व बिंडो से हमला कर घायल कर दिया। पुलिस ने 14 जून को मामले में दोनों आरोपियों को नामजद करते हुए तीन अन्य पर केस दर्ज किया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच सीआईए टू को सौंपी गई है। जो हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। मौके पर लगे सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। किसी बेकसूर की गिरफ्तारी नहीं होगी।
- राजेश कालिया, एसपी, यमुनानगर।
फोटो : 25, 26 व 27