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जिसकी रस्म क्रिया में आए थे, दस दिन पहले उसकी भी सड़क हादसे में हुई थी मौत
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:48 AM IST
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तचार फीट तक टैंकर के अंदर घुस गई जायलो, ट्रैक्टर से खींचकर बाहर निकाली, फिर गाड़ी काटकर निकाले लोग
-जिसकी रस्म क्रिया में शामिल होने आएं थे, उसकी भी सड़क हादसे में हुई थी मौत
-रसूलपुर गांव में कोहराम, जिसने हादसे के बारे में सुना वहीं पहुंचा मौके पर
-सड़क पर बिखरी पड़ी थी डेडबॉडी, देखने वालों की रूह कांप गई
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/साढौरा। वीरवार शाम करीब छह बजे तेल के टैंकर में जायलो कार के घुसने के बाद का मंजर बहुत ही डरावना और रौंगटे खड़े कर देने वाला था। कार का आगे का पूरा हिस्सा ट्रक में घुस गया था और स्टेयरिंग में फंसा ड्राइवर दम तोड़ चुका था। खून से सने लोग तड़प रहे थे। सभी ओर लाशें बिखरी पड़ी थीं। बीच में बैठे लोग सीट से चिपके हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के दौरान जायलो की स्पीड भी काफी ज्यादा थी और कैंटर भी ओवर स्पीड था। कार में आगे की सीट पर पुरुष बैठे हुए थे, जबकि महिलाएं पिछली सीट पर सवार थीं।
जिसकी रस्म क्रिया में आए थे, दस दिन पहले उसकी भी सड़क हादसे में हुई थी मौत : मृतक आढ़ती सुरेंद्र का परिवार जिसकी रस्म क्रिया में आया था। दस दिन पहले उनकी भी सहारनपुर रोड पर पश्चिमी यमुना पुल पर ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। मृतक नरेश कुमार सुरेंद्र की मासी का लड़का था। बीती 26 जून को जब वे सामान लेकर एक्टिवा पर आ रहे थे तो ट्रक ने उसे कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। अब दस दिन बाद उसकी क्रिया से लौट रहे सुरेंद्र सहित परिवार के सात सदस्यों की भी सड़क हादसे में मौत हो गई।
ट्रैक्टर से खींची, फिर कार काटकर निकाले लोग : कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस व राहगीरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पहले एक ट्रैक्टर से बांधकर टैंकर में फंसी जायलो को खींचकर बाहर निकाला। फिर गाड़ी को काटकर अंदर फंसे लोगों को निकाला गया। सभी घायलों और शवों को सड़क किनारे लिटाया गया। जो भी वहां से गुजर रहा था, वह खौफनाक मंजर देखकर घबरा गया।
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गांव में कोहराम, नहीं जला किसी के घर चूल्हा : गांव रसूलपुर में एक साथ छह लोगों की मौत होने से कोहराम मचा हुआ है। जिसने भी दुर्घटना के बारे में सुना, वही सब काम धंधे छोड़कर दुर्घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा। मृतकों के परिवार के सदस्यों को रो-रोक कर बुरा हाल है। बच्चों का कहना है कि सुबह वे यह कहकर निकले थे कि जल्दी ही लौट आएंगे, लेकिन उनकी मौत की खबर घर लौटी। पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। मृतकों से जुड़े परिवारों के घरों में चूल्हा तक नहीं जला। पूरा गांव परिवार के साथ उनके दुख में शामिल हो गया था।
जिंदगी से जंग लड़ते हुए बाद में तीन ने तोड़ा दम : साढौरा के दौसड़का चौक पर ईदगाह के पास हुए भयानक सड़क हादसे में सुरेंद्र, कृष्ण लाल व बिमला की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद हादसे में घायल हुई नीलम, चालक बलविंद्र व रमेश ने भी जिंदगी की जंग लड़ते हुए दम तोड़ दिया। हादसे में घायल तीन लोग अभी भी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे है।
आज होगा पोस्टमार्टम : साढौरा पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए मुलाना और यमुनानगर के सिविल अस्पताल में भिजवाया है। शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। वहीं पुलिस ने अज्ञात टैंकर चालक के खिलाफ लापरवाही से तेज रफ्तार व गफलत से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है। दुर्घटना के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों वाहन जब्त कर लिए हैं।
हर दूसरे दिन मौत : सड़कों पर बेलगाम और तेज रफ्तार गाड़ियां मौत बनकर दौड़ रही हैं। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद जिले में सड़क हादसे कम नहीं हुए। हादसों में कई परिवारों का चिराग उजड़ गये, तो सुरक्षा के तमाम दावे भी ध्वस्त हो गये। दो महीनों में सड़कों पर दुर्घटना में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 50 लोग घायल हुए है। सड़क सुरक्षा के नाम पर सामाजिक संस्था और स्कूलों की ओर से जागरूकता का अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके सार्थक परिणाम सामने नहीं आएं। पुलिस लगातार अभियान चलाकर जुर्माना वसूल रही है, बावजूद सड़क सुरक्षा कारगर नहीं हो पा रही।
तेज रफ्तार बड़ा कारण : तेज रफ्तार से वाहन चलाने से दुर्घटनाएं बढ़ी है। वाहनों की गति सीमा सुनिश्चित करने और अधिक तेज रफ्तार के लिए कार्रवाई सुनिश्चित करने में बड़ी बाधा यातायात पुलिस के पास स्पीडार का नहीं होना है। इस कारण पुलिस वाहनों की जांच नहीं कर पाती। वहीं ओवरलोड भी दुर्घटनाओं की एक खास वजह है। जिले में अवैध खनन से जुड़े अधिकतर ट्रक ओवरलोड होकर चलते हैं। जो अक्सर एक्सीडेंट का कारण बनते हैं।
बड़ा ही दर्दनाक हादसा है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई थी। काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। चार लोगों की ऑनस्पॉट मौत हुई है। जबकि तीन ने उपचार के दौरान दम तोड़ा। शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
-समय सिंह, जांच अधिकारी
फोटो नंबर 28 से 32और 34 से 38
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-जिसकी रस्म क्रिया में शामिल होने आएं थे, उसकी भी सड़क हादसे में हुई थी मौत
-रसूलपुर गांव में कोहराम, जिसने हादसे के बारे में सुना वहीं पहुंचा मौके पर
-सड़क पर बिखरी पड़ी थी डेडबॉडी, देखने वालों की रूह कांप गई
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर/साढौरा। वीरवार शाम करीब छह बजे तेल के टैंकर में जायलो कार के घुसने के बाद का मंजर बहुत ही डरावना और रौंगटे खड़े कर देने वाला था। कार का आगे का पूरा हिस्सा ट्रक में घुस गया था और स्टेयरिंग में फंसा ड्राइवर दम तोड़ चुका था। खून से सने लोग तड़प रहे थे। सभी ओर लाशें बिखरी पड़ी थीं। बीच में बैठे लोग सीट से चिपके हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के दौरान जायलो की स्पीड भी काफी ज्यादा थी और कैंटर भी ओवर स्पीड था। कार में आगे की सीट पर पुरुष बैठे हुए थे, जबकि महिलाएं पिछली सीट पर सवार थीं।
जिसकी रस्म क्रिया में आए थे, दस दिन पहले उसकी भी सड़क हादसे में हुई थी मौत : मृतक आढ़ती सुरेंद्र का परिवार जिसकी रस्म क्रिया में आया था। दस दिन पहले उनकी भी सहारनपुर रोड पर पश्चिमी यमुना पुल पर ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। मृतक नरेश कुमार सुरेंद्र की मासी का लड़का था। बीती 26 जून को जब वे सामान लेकर एक्टिवा पर आ रहे थे तो ट्रक ने उसे कुचल दिया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। अब दस दिन बाद उसकी क्रिया से लौट रहे सुरेंद्र सहित परिवार के सात सदस्यों की भी सड़क हादसे में मौत हो गई।
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ट्रैक्टर से खींची, फिर कार काटकर निकाले लोग : कार में फंसे लोगों को निकालने के लिए पुलिस व राहगीरों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। पहले एक ट्रैक्टर से बांधकर टैंकर में फंसी जायलो को खींचकर बाहर निकाला। फिर गाड़ी को काटकर अंदर फंसे लोगों को निकाला गया। सभी घायलों और शवों को सड़क किनारे लिटाया गया। जो भी वहां से गुजर रहा था, वह खौफनाक मंजर देखकर घबरा गया।
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गांव में कोहराम, नहीं जला किसी के घर चूल्हा : गांव रसूलपुर में एक साथ छह लोगों की मौत होने से कोहराम मचा हुआ है। जिसने भी दुर्घटना के बारे में सुना, वही सब काम धंधे छोड़कर दुर्घटनास्थल की तरफ दौड़ पड़ा। मृतकों के परिवार के सदस्यों को रो-रोक कर बुरा हाल है। बच्चों का कहना है कि सुबह वे यह कहकर निकले थे कि जल्दी ही लौट आएंगे, लेकिन उनकी मौत की खबर घर लौटी। पूरे गांव में मातम छाया हुआ है। मृतकों से जुड़े परिवारों के घरों में चूल्हा तक नहीं जला। पूरा गांव परिवार के साथ उनके दुख में शामिल हो गया था।
जिंदगी से जंग लड़ते हुए बाद में तीन ने तोड़ा दम : साढौरा के दौसड़का चौक पर ईदगाह के पास हुए भयानक सड़क हादसे में सुरेंद्र, कृष्ण लाल व बिमला की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद हादसे में घायल हुई नीलम, चालक बलविंद्र व रमेश ने भी जिंदगी की जंग लड़ते हुए दम तोड़ दिया। हादसे में घायल तीन लोग अभी भी जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे है।
आज होगा पोस्टमार्टम : साढौरा पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए मुलाना और यमुनानगर के सिविल अस्पताल में भिजवाया है। शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। वहीं पुलिस ने अज्ञात टैंकर चालक के खिलाफ लापरवाही से तेज रफ्तार व गफलत से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया है। दुर्घटना के बाद टैंकर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने दोनों वाहन जब्त कर लिए हैं।
हर दूसरे दिन मौत : सड़कों पर बेलगाम और तेज रफ्तार गाड़ियां मौत बनकर दौड़ रही हैं। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद जिले में सड़क हादसे कम नहीं हुए। हादसों में कई परिवारों का चिराग उजड़ गये, तो सुरक्षा के तमाम दावे भी ध्वस्त हो गये। दो महीनों में सड़कों पर दुर्घटना में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 50 लोग घायल हुए है। सड़क सुरक्षा के नाम पर सामाजिक संस्था और स्कूलों की ओर से जागरूकता का अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन इसके सार्थक परिणाम सामने नहीं आएं। पुलिस लगातार अभियान चलाकर जुर्माना वसूल रही है, बावजूद सड़क सुरक्षा कारगर नहीं हो पा रही।
तेज रफ्तार बड़ा कारण : तेज रफ्तार से वाहन चलाने से दुर्घटनाएं बढ़ी है। वाहनों की गति सीमा सुनिश्चित करने और अधिक तेज रफ्तार के लिए कार्रवाई सुनिश्चित करने में बड़ी बाधा यातायात पुलिस के पास स्पीडार का नहीं होना है। इस कारण पुलिस वाहनों की जांच नहीं कर पाती। वहीं ओवरलोड भी दुर्घटनाओं की एक खास वजह है। जिले में अवैध खनन से जुड़े अधिकतर ट्रक ओवरलोड होकर चलते हैं। जो अक्सर एक्सीडेंट का कारण बनते हैं।
बड़ा ही दर्दनाक हादसा है। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई थी। काफी मशक्कत के बाद कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। चार लोगों की ऑनस्पॉट मौत हुई है। जबकि तीन ने उपचार के दौरान दम तोड़ा। शुक्रवार को शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।
-समय सिंह, जांच अधिकारी
फोटो नंबर 28 से 32और 34 से 38