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Yamuna Nagar News: अंकल, मम्मी-पापा डांटते हैं, इन्हें पकड़कर ले जाओ
Sun, 30 Aug 2026 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 30 Aug 2026 01:17 AM IST
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चाइल्ड हेल्पलाइन व बाल कल्याण समिति का कार्यालय। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अंकल, मम्मी-पापा मुझे डांटते हैं, इन्हें पकड़कर ले जाओ। चाइल्ड हेल्पलाइन पर इस तरह की शिकायतें इन दिनों बच्चों की ओर से लगातार पहुंच रही हैं। कई बच्चे शिकायत करते हैं कि माता-पिता उन्हें हर समय डांटते रहते हैं, जबकि कुछ बच्चों की नाराजगी मोबाइल को लेकर है। मोबाइल देखने से रोकने या छीनने पर बच्चे हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
बाल कल्याण समिति के पास पहुंचने वाली शिकायतों में बच्चों के बदलते व्यवहार और मोबाइल को लेकर बढ़ती जिद का असर भी सामने आ रहा है। कई मामलों में बच्चे छोटी-छोटी बातों पर नाराज होकर घर छोड़ने या माता-पिता के खिलाफ शिकायत करने की बात तक कह देते हैं। ऐसे मामलों में बच्चों और अभिभावकों दोनों की काउंसलिंग की जा रही है। एक बच्चे ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन कर शिकायत की कि वह मोबाइल देख रहा था।
इसी दौरान उसकी मां मोबाइल छीनने लगी। बच्चे ने फोन देने से मना किया तो मां ने उसे डांट दिया। इससे नाराज बच्चे ने हेल्पलाइन 1098 पर फोन कर शिकायत कर दी। काउंसलिंग के दौरान बच्चे को समझाया गया कि माता-पिता की बात मानना जरूरी है और मोबाइल को लेकर जिद करना उचित नहीं है।
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एक अन्य बच्चे ने हेल्पलाइन पर फोन कर कहा कि उसके मम्मी-पापा उसे बार-बार डांटते हैं। बच्चे ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उसे घर में कोई समझता नहीं है। उसने हेल्पलाइन कर्मियों से माता-पिता को पकड़कर ले जाने तक की बात कही। मामले की जानकारी मिलने के बाद परिजनों से बातचीत की गई और बच्चे की काउंसलिंग कर उसे समझाया गया कि अनुशासन के लिए डांट और मारपीट में अंतर होता है।
बाल कल्याण समिति के समक्ष ऐसा मामला भी आया, जिनमें बच्चे आईफोन दिलाने की जिद कर रहे हैं। एक 16 वर्षीय बच्चे ने अपनी मां से आईफोन दिलाने की मांग की। मां ने उसे बताया कि वह अपने पति से अलग रह रही है और फिलहाल महंगा फोन खरीदना संभव नहीं है। उसने बेटे को समझाते हुए कहा कि यदि वह 10वीं कक्षा में अच्छे अंक हासिल करेगा तो उसे आईफोन दिला देगी। इस पर बेटे ने उल्टा मां से कहा कि पहले आईफोन दिलाओ, उसके बाद वह अच्छे नंबर लेकर आएगा। बेटे की जिद से मां की चिंता बढ़ गई।
काउंसलिंग से बच्चों को समझाने का प्रयास : अशोक
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि इस तरह की शिकायतों के बाद बच्चों की काउंसलिंग की जाती है। उन्हें उनकी उम्र और परिस्थिति के अनुसार समझाया जाता है। काउंसलिंग के लिए विशेषज्ञों का पैनल बना हुआ है। इसमें कुछ बच्चे समझ जाते हैं, जबकि कुछ बच्चों को समझाने में समय लगता है। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने की अपील की।
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यमुनानगर। अंकल, मम्मी-पापा मुझे डांटते हैं, इन्हें पकड़कर ले जाओ। चाइल्ड हेल्पलाइन पर इस तरह की शिकायतें इन दिनों बच्चों की ओर से लगातार पहुंच रही हैं। कई बच्चे शिकायत करते हैं कि माता-पिता उन्हें हर समय डांटते रहते हैं, जबकि कुछ बच्चों की नाराजगी मोबाइल को लेकर है। मोबाइल देखने से रोकने या छीनने पर बच्चे हेल्पलाइन नंबर पर फोन कर अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं।
बाल कल्याण समिति के पास पहुंचने वाली शिकायतों में बच्चों के बदलते व्यवहार और मोबाइल को लेकर बढ़ती जिद का असर भी सामने आ रहा है। कई मामलों में बच्चे छोटी-छोटी बातों पर नाराज होकर घर छोड़ने या माता-पिता के खिलाफ शिकायत करने की बात तक कह देते हैं। ऐसे मामलों में बच्चों और अभिभावकों दोनों की काउंसलिंग की जा रही है। एक बच्चे ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर फोन कर शिकायत की कि वह मोबाइल देख रहा था।
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इसी दौरान उसकी मां मोबाइल छीनने लगी। बच्चे ने फोन देने से मना किया तो मां ने उसे डांट दिया। इससे नाराज बच्चे ने हेल्पलाइन 1098 पर फोन कर शिकायत कर दी। काउंसलिंग के दौरान बच्चे को समझाया गया कि माता-पिता की बात मानना जरूरी है और मोबाइल को लेकर जिद करना उचित नहीं है।
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एक अन्य बच्चे ने हेल्पलाइन पर फोन कर कहा कि उसके मम्मी-पापा उसे बार-बार डांटते हैं। बच्चे ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उसे घर में कोई समझता नहीं है। उसने हेल्पलाइन कर्मियों से माता-पिता को पकड़कर ले जाने तक की बात कही। मामले की जानकारी मिलने के बाद परिजनों से बातचीत की गई और बच्चे की काउंसलिंग कर उसे समझाया गया कि अनुशासन के लिए डांट और मारपीट में अंतर होता है।
बाल कल्याण समिति के समक्ष ऐसा मामला भी आया, जिनमें बच्चे आईफोन दिलाने की जिद कर रहे हैं। एक 16 वर्षीय बच्चे ने अपनी मां से आईफोन दिलाने की मांग की। मां ने उसे बताया कि वह अपने पति से अलग रह रही है और फिलहाल महंगा फोन खरीदना संभव नहीं है। उसने बेटे को समझाते हुए कहा कि यदि वह 10वीं कक्षा में अच्छे अंक हासिल करेगा तो उसे आईफोन दिला देगी। इस पर बेटे ने उल्टा मां से कहा कि पहले आईफोन दिलाओ, उसके बाद वह अच्छे नंबर लेकर आएगा। बेटे की जिद से मां की चिंता बढ़ गई।
काउंसलिंग से बच्चों को समझाने का प्रयास : अशोक
बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि इस तरह की शिकायतों के बाद बच्चों की काउंसलिंग की जाती है। उन्हें उनकी उम्र और परिस्थिति के अनुसार समझाया जाता है। काउंसलिंग के लिए विशेषज्ञों का पैनल बना हुआ है। इसमें कुछ बच्चे समझ जाते हैं, जबकि कुछ बच्चों को समझाने में समय लगता है। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों के साथ संवाद बनाए रखने की अपील की।