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112 करोड रुपये की लागत से बनने वाले पुल का महीनों बाद भी नहीं हो पाया शिलान्यास
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:09 AM IST
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112 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले पुल का महीनों बाद भी नहीं हो पाया शिलान्यास
रादौर। तीन महीने पहले यमुनानदी के नगली घाट पर लगभग 112 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एक किलोमीटर लंबे पुल को बनाने की सरकार की ओर से घोषणा की गई थी, लेकिन यहां पुल बनने का कार्य शुरू न होने से खादर क्षेत्र के लोग निराश है। हरियाणा व यूपी को जोड़ने वाला यह पुल रादौर क्षेत्र की लाइफ लाइन बताया गया था और जल्द पुल बनवाने के लिए मुख्यमंत्री से इसका शिलान्यास करवाने तक की बातें क्षेत्र में चली थी।
लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। पुल बनवाने के नाम पर खानापूर्ति हो रही है और अभी तक पुल का दूर दूर तक कहीं शिलान्यास तक होता नजर नहीं आ रहा है। जबकि क्षेत्र के लोगों की पुल बनाने की मांग पर सरकार को जल्द से जल्द कार्य करना चाहिए था। रादौर क्षेत्र निवासी संदीप सैनी, नरेश कुमार, रामकुमार, धीरपाल, बीर सिंह पूर्व सरपंच जठलाना, सुदेश बंसल, सर्वजीत सिंह व राजकुमार संधू आदि ने बताया कि लंबे समय से खादर क्षेत्र के लोग यमुनानदी पर पुल बनाने की मांग करते आ रहे थे। जिसे सरकार ने पूरा करने को लेकर मार्च महीने में घोषणा की थी। घोषणा के बाद तीन महीने बीत चुके है, आज तक पुल बनने को लेकर कोई कार्य नहीं हुआ। अब मानसून का सीजन आने वाला है। जिसके बाद यमुनानदी में कई महीने पानी बहेगा। अब तक यमुना नदी सूखी पडी थी। सरकार यदि मामले को लेकर गंभीर होती तो अब तक पुल बनने का कार्य शुरू हो जाता। लेकिन क्षेत्र के लोगों को पुल बनने में शंका नजर आ रही है।
25 लाख रुपये भेजे थे : मार्च महीने में सरकार की ओर से यमुनानदी के नगली घाट पर 112 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनाने की घोषणा की गई थी। जिसके बाद 25 लाख रुपये की राशि पुल के निर्माण को लेकर शुरूआती कार्यों के लिए भेजी गई थी। पुल बनाए जाने की घोषणा का न केवल रादौर क्षेत्र के लोगों ने स्वागत किया था, बल्कि यमुनानदी पार उत्तरप्रदेश के लगभग 30 से अधिक गांवों के लोगों ने विधायक श्याम सिंह राणा का धन्यवाद किया था। अब पुल बनने में हो रही देरी को लेकर हरियाणा व उत्तरप्रदेश के किसानों में चर्चा जोरों पर है।
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इस बारे में पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन ऋषि सचदेवा ने बताया कि यमुना नदी पर पुल बनाने को लेकर सरकार के पास 112 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार से अभी मंजूरी नहीं मिली है। मंजूरी मिलने के बाद पुल बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। पुल बनाने के लिए 50 से 60 एकड़ भूमि अधिग्रहण की जानी है। 40 से 50 किसानों ने पुल बनाने के लिए मुफ्त में भूमि देने को लेकर शपथ पत्र दिए है। जो किसान भूमि अधिग्रहण को लेकर विभाग से मुआवजे की मांग करेगा तो उसे मुआवजा दिया जाएगा।
विधायक का पक्ष : विधायक श्याम सिंह राणा ने बताया कि पुल बनाने को लेकर अभी कागजी कार्रवाई चल रही है। पुल बनाने के लिए केंद्र से ग्रांट राशि आनी है। जिसको लेकर संपर्क किया जा रहा है। मानसून के बाद सितंबर तक पुल बनाने का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। इससे पहले सीएम से पुल का शिलान्यास करवाया जाएगा।
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रादौर। तीन महीने पहले यमुनानदी के नगली घाट पर लगभग 112 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एक किलोमीटर लंबे पुल को बनाने की सरकार की ओर से घोषणा की गई थी, लेकिन यहां पुल बनने का कार्य शुरू न होने से खादर क्षेत्र के लोग निराश है। हरियाणा व यूपी को जोड़ने वाला यह पुल रादौर क्षेत्र की लाइफ लाइन बताया गया था और जल्द पुल बनवाने के लिए मुख्यमंत्री से इसका शिलान्यास करवाने तक की बातें क्षेत्र में चली थी।
लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ है। पुल बनवाने के नाम पर खानापूर्ति हो रही है और अभी तक पुल का दूर दूर तक कहीं शिलान्यास तक होता नजर नहीं आ रहा है। जबकि क्षेत्र के लोगों की पुल बनाने की मांग पर सरकार को जल्द से जल्द कार्य करना चाहिए था। रादौर क्षेत्र निवासी संदीप सैनी, नरेश कुमार, रामकुमार, धीरपाल, बीर सिंह पूर्व सरपंच जठलाना, सुदेश बंसल, सर्वजीत सिंह व राजकुमार संधू आदि ने बताया कि लंबे समय से खादर क्षेत्र के लोग यमुनानदी पर पुल बनाने की मांग करते आ रहे थे। जिसे सरकार ने पूरा करने को लेकर मार्च महीने में घोषणा की थी। घोषणा के बाद तीन महीने बीत चुके है, आज तक पुल बनने को लेकर कोई कार्य नहीं हुआ। अब मानसून का सीजन आने वाला है। जिसके बाद यमुनानदी में कई महीने पानी बहेगा। अब तक यमुना नदी सूखी पडी थी। सरकार यदि मामले को लेकर गंभीर होती तो अब तक पुल बनने का कार्य शुरू हो जाता। लेकिन क्षेत्र के लोगों को पुल बनने में शंका नजर आ रही है।
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25 लाख रुपये भेजे थे : मार्च महीने में सरकार की ओर से यमुनानदी के नगली घाट पर 112 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनाने की घोषणा की गई थी। जिसके बाद 25 लाख रुपये की राशि पुल के निर्माण को लेकर शुरूआती कार्यों के लिए भेजी गई थी। पुल बनाए जाने की घोषणा का न केवल रादौर क्षेत्र के लोगों ने स्वागत किया था, बल्कि यमुनानदी पार उत्तरप्रदेश के लगभग 30 से अधिक गांवों के लोगों ने विधायक श्याम सिंह राणा का धन्यवाद किया था। अब पुल बनने में हो रही देरी को लेकर हरियाणा व उत्तरप्रदेश के किसानों में चर्चा जोरों पर है।
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इस बारे में पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन ऋषि सचदेवा ने बताया कि यमुना नदी पर पुल बनाने को लेकर सरकार के पास 112 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार से अभी मंजूरी नहीं मिली है। मंजूरी मिलने के बाद पुल बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। पुल बनाने के लिए 50 से 60 एकड़ भूमि अधिग्रहण की जानी है। 40 से 50 किसानों ने पुल बनाने के लिए मुफ्त में भूमि देने को लेकर शपथ पत्र दिए है। जो किसान भूमि अधिग्रहण को लेकर विभाग से मुआवजे की मांग करेगा तो उसे मुआवजा दिया जाएगा।
विधायक का पक्ष : विधायक श्याम सिंह राणा ने बताया कि पुल बनाने को लेकर अभी कागजी कार्रवाई चल रही है। पुल बनाने के लिए केंद्र से ग्रांट राशि आनी है। जिसको लेकर संपर्क किया जा रहा है। मानसून के बाद सितंबर तक पुल बनाने का कार्य शुरू करवा दिया जाएगा। इससे पहले सीएम से पुल का शिलान्यास करवाया जाएगा।