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एक माह में जारी किया जाएगा कानून में संशोधन का गजट नोटिफिकेशन
Updated Thu, 31 May 2018 12:53 AM IST
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किसान बोले, जारी रहेगा धरना
- दादूपुर नलवी नहर को डिनोटिफाई करने का मामला
एक माह में जारी किया जाएगा कानून में संशोधन का गजट नोटिफिकेशन
नौ जुलाई को होगी अगली सुनवाई,
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। दादूपुर नलवी नहर को डिनोटिफाई करने के लिए कानून में संशोधन करने की राष्ट्रपति से मंजूरी मिल गई है। इससे 22 अगस्त से धरने पर बैठे किसानों को झटका लगा है। इधर, सिंचाई विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी आरएस वर्मा ने एडीजे नरेश कत्याल की कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए बताया कि अब करीब एक माह में कानून में संशोधन कर गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। इस पक्ष को सुनने के बाद अब इस मामले में अगली सुनवाई नौ जुलाई को होगी। इस सुनवाई के बाद धरनारत किसानों ने मीटिंग की। जिसमें दादूपुर नलवी नहर संघर्ष समिति ने धरना जारी रखने पर सहमति जताई।
बतां दे कि सरकार द्वारा दादूपुर नलवी नहर को डिनोटिफाई करने के बाद नहर के लिए अधिग्रहित जमीन को लेकर किसान मुआवजे को लेकर हाईकोर्ट गए थे। हाईकोर्ट ने किसानों के हक में फैसला सुनाते हुए 1.16 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजे देने के आदेश दिए। यह फैसला अधिग्रहित 256 एकड़ जमीन को लेकर आया था, लेकिन सरकार ने किसानों को पेमेंट नहीं की। इसके चलते ही किसान 22 अगस्त 2017 को धरने पर बैठ गए। तब से धरने पर बैठे हैं। दादूपुर नलवी नहर के मुआवजे को लेकर सतीश कुमार प्रजापत, गुरनाम, रमेश कुमार व अन्य का सरकार के साथ हाईकोर्ट में केस चल रहा है। जिसमें 20 दिसंबर 2017 को हाईकोर्ट ने छह माह के अंदर किसानों को उनका मुआवजा दिए जाने के आदेश दिए थे।
अधिसूचना जारी होते ही हाईकोर्ट जाएंगे : समिति के प्रधान कश्मीर ढिल्लो, राजेश दहिया व अर्जुन सुढैल का कहना है कि किसानों का धरना चालू रहेगा। हम सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। नहर के डिनोटिफाई होने की अधिसूचना जारी होते ही हम हाईकोर्ट जाएंगे। हाईकोर्ट में 2005 का ऑर्डर भी रखा जाएगा। किसानों ने कहा कि राष्ट्रपति ने दिल्ली के विधायकों को भी अयोग्य ठहराया था। लेकिन हाईकोर्ट से उनकी सुनवाई की। इसी तरह से हम भी हाईकोर्ट जाएंगे।
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फोटो : 45
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- दादूपुर नलवी नहर को डिनोटिफाई करने का मामला
एक माह में जारी किया जाएगा कानून में संशोधन का गजट नोटिफिकेशन
नौ जुलाई को होगी अगली सुनवाई,
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। दादूपुर नलवी नहर को डिनोटिफाई करने के लिए कानून में संशोधन करने की राष्ट्रपति से मंजूरी मिल गई है। इससे 22 अगस्त से धरने पर बैठे किसानों को झटका लगा है। इधर, सिंचाई विभाग के स्पेशल सेक्रेटरी आरएस वर्मा ने एडीजे नरेश कत्याल की कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए बताया कि अब करीब एक माह में कानून में संशोधन कर गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। इस पक्ष को सुनने के बाद अब इस मामले में अगली सुनवाई नौ जुलाई को होगी। इस सुनवाई के बाद धरनारत किसानों ने मीटिंग की। जिसमें दादूपुर नलवी नहर संघर्ष समिति ने धरना जारी रखने पर सहमति जताई।
बतां दे कि सरकार द्वारा दादूपुर नलवी नहर को डिनोटिफाई करने के बाद नहर के लिए अधिग्रहित जमीन को लेकर किसान मुआवजे को लेकर हाईकोर्ट गए थे। हाईकोर्ट ने किसानों के हक में फैसला सुनाते हुए 1.16 करोड़ रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजे देने के आदेश दिए। यह फैसला अधिग्रहित 256 एकड़ जमीन को लेकर आया था, लेकिन सरकार ने किसानों को पेमेंट नहीं की। इसके चलते ही किसान 22 अगस्त 2017 को धरने पर बैठ गए। तब से धरने पर बैठे हैं। दादूपुर नलवी नहर के मुआवजे को लेकर सतीश कुमार प्रजापत, गुरनाम, रमेश कुमार व अन्य का सरकार के साथ हाईकोर्ट में केस चल रहा है। जिसमें 20 दिसंबर 2017 को हाईकोर्ट ने छह माह के अंदर किसानों को उनका मुआवजा दिए जाने के आदेश दिए थे।
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अधिसूचना जारी होते ही हाईकोर्ट जाएंगे : समिति के प्रधान कश्मीर ढिल्लो, राजेश दहिया व अर्जुन सुढैल का कहना है कि किसानों का धरना चालू रहेगा। हम सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। नहर के डिनोटिफाई होने की अधिसूचना जारी होते ही हम हाईकोर्ट जाएंगे। हाईकोर्ट में 2005 का ऑर्डर भी रखा जाएगा। किसानों ने कहा कि राष्ट्रपति ने दिल्ली के विधायकों को भी अयोग्य ठहराया था। लेकिन हाईकोर्ट से उनकी सुनवाई की। इसी तरह से हम भी हाईकोर्ट जाएंगे।
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