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कांग्रेस के पूर्व मंत्री ने दीवार खिंचवा कर बंद कर दिया भाजपा समर्थित स्क्रिनिंग प्लांटों का रास्ता
Updated Thu, 31 May 2018 12:53 AM IST
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कांग्रेस के पूर्व मंत्री ने दीवार खिंचवा बंद कर दिया भाजपा समर्थित स्क्रिनिंग प्लांटों का रास्ता
कहा, नहीं निकलने देंगे एक भी ट्रक, क्रशर संचालक बोले- हम भी लड़ेंगे कानूनी लड़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
जिले में माइनिंग और ओवरलोड अब कांग्रेस और बीजेपी के लोग आमने-सामने आ गए हैं। बेलगढ़ में पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने जेल से बाहर आने के बाद बीजेपी समर्थित स्क्रिनिंग प्लांट व क्रशर संचालकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को तयशुदा कार्यक्रम के तहत पूर्व मंत्री के बेटे सोनू व बेटी चित्रा की अगुवाई में उनके समर्थकों ने बेलगढ़ में माइनिंग माफिया के खिलाफ टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने स्क्रिनिंग प्लांट व क्रशर की तरफ वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए पहले जेसीबी से गड्ढा खोदा गया, फिर वहां ईंटों से पक्की दीवार बनवा दी गई।
नहीं निकलने देंगे एक भी ट्रक : पूर्व मंत्री के बेटे सोनू ने कहा कि बेलगढ़ में काफी स्क्रीनिंग प्लांट हैं और कुछ लोग यहां सत्ताधारी राजनीतिक आकाओं के दम पर गैरकानूनी खनन कर रहे हैं। ये लोग जबरदस्ती हमारी जमीन में घुसकर अवैध खनन करते हैं। सारी बातें प्रशासन के नोटिस में लाई गई, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण खनन माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई करोड़ रुपये की लागत से किसानों के खेतों और गांवों को बचाने के लिए बांध बनाया गया, लेकिन माफिया ने बांध के आसपास यमुना को खोद दिया। जिससे बांध के पास लगते गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बांध पर भारी वाहन की आवाजाही बंद है, लेकिन उसके बाद भी यहां से ओवरलोड वाहन गुजरते हैं। हमने विरोध किया तो सत्ता में बैठे लोगों ने पहले हम पर हमला करवाया, फिर हमें ही जेल में भिजवा दिया। ये हमारी जमीन है, हम एक भी ट्रक यहां से नहीं निकलने देंगे। मौके पर काका नंबरदार, जसबीर सिंह पूर्व सरपंच, मांगे राम नंबरदार, बलकार गुर्जर, ब्रह्मपाल राणा, विनीत वालिया आदि मौजूद रहे।
हम करेंगे कानूनी कार्रवाई : वहीं स्क्रिनिंग प्लांट बलेबाला जोन एसोसिएशन के प्रधान विजय चौधरी का कहना है कि एक दर्जन से ज्यादा स्क्रिनिंग प्लांट का रास्ता बंद हो गया है। सुबह से एक भी ट्रक नहीं निकला। वाहन बंद रहे तो रोजाना कई लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। हम चुप नहीं बैठेंगे और इस गुंडागर्दी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री ने कागजों में हेराफेरी करके रास्ते की जमीन में गोलमाल किया और प्रशासन को भी गुमराह किया जा रहा है।
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ये है मामला : यमुनानगर क्षेत्र में अवैध खनन होना कोई नई बात नही है। पूर्व की सरकारों में भी यहां अवैध खनन होता आया है। इनेलो सरकार में भी यहां बडे़ पैमाने पर अवैध खनन होता था। जिनकी जड़े अभी भी माइनिंग के काम में गहराई तक हैं। कांग्रेस की सरकार ने साल 2010 में यहां खनन पर रोक लगा दी गई थी। 2015 में भाजपा की सरकार बनने पर यहां फिर से खनन का काम शुरू करवाया गया और बीजेपी नेताओं ने भी खनन के क्षेत्र में अपना सिक्का जमाना शुरू कर दिया। जिसके चलते अब कांग्रेस और भाजपा के नेताओं में खींचतान बढ़ गई। बेलगढ़ में 24 अप्रैल को रास्ते को लेकर विवाद हो गया था। झगड़े के दौरान फायरिंग भी हुई थी। इसके आरोप में पूर्व मंत्री निर्मल सिंह को गिरफ्तार भी किया गया था। 21 दिन बाद पूर्व मंत्री को जमानत पर रिहा कर दिया गया। 29 मई को निर्मल सिंह डीसी कार्यालय के सामने अपने समर्थकों समेत धरने पर बैठे और डीसी के नाम अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन सौंपा।
फोटो नंबर 39, 40, 41, 42
कहा, नहीं निकलने देंगे एक भी ट्रक, क्रशर संचालक बोले- हम भी लड़ेंगे कानूनी लड़ाई
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
जिले में माइनिंग और ओवरलोड अब कांग्रेस और बीजेपी के लोग आमने-सामने आ गए हैं। बेलगढ़ में पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने जेल से बाहर आने के बाद बीजेपी समर्थित स्क्रिनिंग प्लांट व क्रशर संचालकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को तयशुदा कार्यक्रम के तहत पूर्व मंत्री के बेटे सोनू व बेटी चित्रा की अगुवाई में उनके समर्थकों ने बेलगढ़ में माइनिंग माफिया के खिलाफ टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं उन्होंने स्क्रिनिंग प्लांट व क्रशर की तरफ वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए पहले जेसीबी से गड्ढा खोदा गया, फिर वहां ईंटों से पक्की दीवार बनवा दी गई।
नहीं निकलने देंगे एक भी ट्रक : पूर्व मंत्री के बेटे सोनू ने कहा कि बेलगढ़ में काफी स्क्रीनिंग प्लांट हैं और कुछ लोग यहां सत्ताधारी राजनीतिक आकाओं के दम पर गैरकानूनी खनन कर रहे हैं। ये लोग जबरदस्ती हमारी जमीन में घुसकर अवैध खनन करते हैं। सारी बातें प्रशासन के नोटिस में लाई गई, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण खनन माफिया पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कई करोड़ रुपये की लागत से किसानों के खेतों और गांवों को बचाने के लिए बांध बनाया गया, लेकिन माफिया ने बांध के आसपास यमुना को खोद दिया। जिससे बांध के पास लगते गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने कहा कि इस बांध पर भारी वाहन की आवाजाही बंद है, लेकिन उसके बाद भी यहां से ओवरलोड वाहन गुजरते हैं। हमने विरोध किया तो सत्ता में बैठे लोगों ने पहले हम पर हमला करवाया, फिर हमें ही जेल में भिजवा दिया। ये हमारी जमीन है, हम एक भी ट्रक यहां से नहीं निकलने देंगे। मौके पर काका नंबरदार, जसबीर सिंह पूर्व सरपंच, मांगे राम नंबरदार, बलकार गुर्जर, ब्रह्मपाल राणा, विनीत वालिया आदि मौजूद रहे।
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हम करेंगे कानूनी कार्रवाई : वहीं स्क्रिनिंग प्लांट बलेबाला जोन एसोसिएशन के प्रधान विजय चौधरी का कहना है कि एक दर्जन से ज्यादा स्क्रिनिंग प्लांट का रास्ता बंद हो गया है। सुबह से एक भी ट्रक नहीं निकला। वाहन बंद रहे तो रोजाना कई लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। हम चुप नहीं बैठेंगे और इस गुंडागर्दी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री ने कागजों में हेराफेरी करके रास्ते की जमीन में गोलमाल किया और प्रशासन को भी गुमराह किया जा रहा है।
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ये है मामला : यमुनानगर क्षेत्र में अवैध खनन होना कोई नई बात नही है। पूर्व की सरकारों में भी यहां अवैध खनन होता आया है। इनेलो सरकार में भी यहां बडे़ पैमाने पर अवैध खनन होता था। जिनकी जड़े अभी भी माइनिंग के काम में गहराई तक हैं। कांग्रेस की सरकार ने साल 2010 में यहां खनन पर रोक लगा दी गई थी। 2015 में भाजपा की सरकार बनने पर यहां फिर से खनन का काम शुरू करवाया गया और बीजेपी नेताओं ने भी खनन के क्षेत्र में अपना सिक्का जमाना शुरू कर दिया। जिसके चलते अब कांग्रेस और भाजपा के नेताओं में खींचतान बढ़ गई। बेलगढ़ में 24 अप्रैल को रास्ते को लेकर विवाद हो गया था। झगड़े के दौरान फायरिंग भी हुई थी। इसके आरोप में पूर्व मंत्री निर्मल सिंह को गिरफ्तार भी किया गया था। 21 दिन बाद पूर्व मंत्री को जमानत पर रिहा कर दिया गया। 29 मई को निर्मल सिंह डीसी कार्यालय के सामने अपने समर्थकों समेत धरने पर बैठे और डीसी के नाम अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए ज्ञापन सौंपा।
फोटो नंबर 39, 40, 41, 42