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रोजा तोड़कर महिला की जान बचाने के लिए किया ब्लड डोनेशन
Updated Thu, 24 May 2018 12:49 AM IST
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महिला की जान बचाने के लिए रोजा तोड़कर दिया रक्त
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिशान अहमद ने रोजा तोड़कर एक महिला की जान बचाने के लिए ब्लड डोनेट कर एक मिसाल कायम की है। मुलाना अस्पताल में भर्ती अफसरा बेगम की हालत बेहद गंभीर थी और वह आईसीयू में भर्ती थी। डिलीवरी केस में ऑपरेशन के बाद संक्रमण से ग्रस्त होने के कारण रक्त की बेहद कमी हो गई थी और उसे दस यूनिट रक्त चढ़ चुका था। डॉक्टरों ने उसके देवर अफजल को कहा कि अभी एक यूनिट की और जरूरत है। अगर जल्दी ही बी पॉजिटिव रक्त नहीं मिला तो महिला की जान जा सकती है। जिस पर उसने श्री ब्लड डोनर्स संस्था से फोन पर रक्त उपलब्ध करवाने के लिए संपर्क किया। जैसे ही संस्था ने अपने रक्त ग्रुप में मैसेज किया तो संस्था के सक्रिय सदस्य जिशान अहमद तुरंत रक्त देने के लिए यमुनानगर से मुलाना अस्पताल चला गया। जबकि जिशान ने रोजा रखा हुआ था। इसके बावजूद भी इंसानियत के नाते एक महिला की जान बचाने के लिए उसने अपना रोजा तोड़ दिया और रक्त देकर महिला की जान बचा कर मानवता की एक मिसाल कायम की।
फोटो नंबर 24
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिशान अहमद ने रोजा तोड़कर एक महिला की जान बचाने के लिए ब्लड डोनेट कर एक मिसाल कायम की है। मुलाना अस्पताल में भर्ती अफसरा बेगम की हालत बेहद गंभीर थी और वह आईसीयू में भर्ती थी। डिलीवरी केस में ऑपरेशन के बाद संक्रमण से ग्रस्त होने के कारण रक्त की बेहद कमी हो गई थी और उसे दस यूनिट रक्त चढ़ चुका था। डॉक्टरों ने उसके देवर अफजल को कहा कि अभी एक यूनिट की और जरूरत है। अगर जल्दी ही बी पॉजिटिव रक्त नहीं मिला तो महिला की जान जा सकती है। जिस पर उसने श्री ब्लड डोनर्स संस्था से फोन पर रक्त उपलब्ध करवाने के लिए संपर्क किया। जैसे ही संस्था ने अपने रक्त ग्रुप में मैसेज किया तो संस्था के सक्रिय सदस्य जिशान अहमद तुरंत रक्त देने के लिए यमुनानगर से मुलाना अस्पताल चला गया। जबकि जिशान ने रोजा रखा हुआ था। इसके बावजूद भी इंसानियत के नाते एक महिला की जान बचाने के लिए उसने अपना रोजा तोड़ दिया और रक्त देकर महिला की जान बचा कर मानवता की एक मिसाल कायम की।
फोटो नंबर 24