{"_id":"5afc85fa4f1c1bdc408b5dd8","slug":"152649880619-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी में नियमों की धज्जियां उड़ा हो रहे रेत खनन पर गुस्साईं गुमथला की महिलाओं ने किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदी में नियमों की धज्जियां उड़ा हो रहे रेत खनन पर गुस्साईं गुमथला की महिलाओं ने किया प्रदर्शन
Updated Thu, 17 May 2018 12:56 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेत खनन पर गुस्साई गुमथला की महिलाओं ने किया प्रदर्शन
एसडीएम कार्यालय पर प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
नदी में नियमों की धज्जियां उड़ा हो रहे
अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। यमुना नदी के घाटों पर नियमों की धज्जियां उड़ा कर किए जा रहे रेत खनन पर गुस्साईं गांव गुमथला की 50 से अधिक महिलाओं ने रादौर में एसडीएम कार्यालय पर सरकार व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने रादौर एसडीएम डॉ. पूजा भारती को मुख्यमंत्री खट्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें नियमों को तोडने वाले घाट के ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की गई। महिलाओं ने प्रशासन के अधिकारियों को चेतावनी दी कि जल्द इस बारे कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र के लोग अनिश्चितकालीन आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इसके लिए सरकार व प्रशासन जिम्मेवार होंगे।
गांव गुमथला निवासी राजकुमार, मुकेश कुमार, मीनादेवी, रमेशो, युवराज, सतीश कुमार, राजीव, अभी, अंजू, फुल सिंह, बलिंद्र कुमार, मांगेराम, राजेश कुमार, विशाल, भीम ने बताया कि गुमथला बाढ़ प्रभावित गांव है, जो यमुना नदी के किनारे पर बसा हुआ है। सरकार ने यमुना नदी के घाटों पर रेत खनन करने के लिए ठेकेदारों को ठेका दिया हुआ है। नियमानुसार घाटों पर पोकलेन व जेसीबी मशीनों से खनन के कार्य करना मना है। बावजूद इसके यमुना नदी के घाटों पर जमकर नियम तोड़े जा रहे हैं। आरोप है कि यह सब प्रशासनिक अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगती से हो रहा है। ठेकेदार एनजीटी के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। शिकायत करने के बावजूद अधिकारी ठेकेदारों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जिस कारण यमुना नदी में बाढ़ आने पर गुमथला सहित अन्य गांव के अस्तित्व को भी खतरा पैदा हो गया है। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि नियम तोडने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
फोटो-21 व 22
विज्ञापन
एसडीएम कार्यालय पर प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
नदी में नियमों की धज्जियां उड़ा हो रहे
अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। यमुना नदी के घाटों पर नियमों की धज्जियां उड़ा कर किए जा रहे रेत खनन पर गुस्साईं गांव गुमथला की 50 से अधिक महिलाओं ने रादौर में एसडीएम कार्यालय पर सरकार व प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान महिलाओं ने रादौर एसडीएम डॉ. पूजा भारती को मुख्यमंत्री खट्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें नियमों को तोडने वाले घाट के ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की गई। महिलाओं ने प्रशासन के अधिकारियों को चेतावनी दी कि जल्द इस बारे कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र के लोग अनिश्चितकालीन आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इसके लिए सरकार व प्रशासन जिम्मेवार होंगे।
गांव गुमथला निवासी राजकुमार, मुकेश कुमार, मीनादेवी, रमेशो, युवराज, सतीश कुमार, राजीव, अभी, अंजू, फुल सिंह, बलिंद्र कुमार, मांगेराम, राजेश कुमार, विशाल, भीम ने बताया कि गुमथला बाढ़ प्रभावित गांव है, जो यमुना नदी के किनारे पर बसा हुआ है। सरकार ने यमुना नदी के घाटों पर रेत खनन करने के लिए ठेकेदारों को ठेका दिया हुआ है। नियमानुसार घाटों पर पोकलेन व जेसीबी मशीनों से खनन के कार्य करना मना है। बावजूद इसके यमुना नदी के घाटों पर जमकर नियम तोड़े जा रहे हैं। आरोप है कि यह सब प्रशासनिक अधिकारियों व ठेकेदारों की मिलीभगती से हो रहा है। ठेकेदार एनजीटी के नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। शिकायत करने के बावजूद अधिकारी ठेकेदारों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। जिस कारण यमुना नदी में बाढ़ आने पर गुमथला सहित अन्य गांव के अस्तित्व को भी खतरा पैदा हो गया है। इससे ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने सरकार से मांग की कि नियम तोडने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन
फोटो-21 व 22