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सरकारी बसें थीं कम, अब निजी बसें भी हटी, पढ़ाई छोडने को मजबूर बेटियां
Updated Thu, 10 May 2018 01:20 AM IST
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सरकारी बसें थीं कम, अब निजी बसें भी हटी, पढ़ाई छोड़ने को मजबूर बेटियां
-प्राइवेट बसें हटी, रोडवेज की सर्विस कम, घरवाले कहते हैं पढ़ाई छोड़ दो
छछरौली। छछरौली से ताजेवाला वाया खिजराबाद रूट से प्राइवेट बसें हटने से दैनिक यात्रियों व स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। इन बसों के संचालकों ने लंबे रूट का परमिट लेकर यहां से अपनी बसें हटा ली है। इस रूट पर रोडवेज की बसें पहले से ही कम हैं, जो आती हैं, उनकी इतनी भीड़ होती है कि चढ़ना मुश्किल होता है। यही हाल यमुनानगर से छछरौली रूट का है। जिला मुख्यालय तक जाने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। कॉलेज स्टूडेंट पायल, पूजा, सानिया, ममता आदि का कहना है कि बस पकड़ने के लिए आधा से पौना घंटा पहले घर से निकलना पड़ता है। छुट्टी के बाद भी काफी इंतजार के बाद बस मिलती है। अक्सर वे स्कूल व घर पहुंचने में लेट हो जाती हैं। ऐसे में घरवाले कहते हैं कि पढ़ाई छोड़ दो या फिर डिस्टेंस क्लासें शुरू कर दो। उन्होंने प्रशासन व रोडवेज अधिकारियों से इस रूट पर सुबह व छुट्टी के टाइम नियमित बस चलवाने की मांग की है।
इसलिए आ रही है दिक्कत दैनिक यात्री अरविंद, इस्लाम, करण, पालाराम, महबूब, नरेश, राजीव, रोहित, अजेय, रिंकू, बंटी आदि ने बताया कि पहले छछरौली खिजराबाद रूट पर सरकारी बसों के साथ साथ पांच प्राइवेट बसें भी चलती थी। अब इनके संचालकों ने अपना रूट परमिट चेंज करवा लिया। जबकि रोडवेज की बसें पहले ही कम थी, जो आती है वे इंटरस्टेट होती है, जो गांव के स्टैंड पर नहीं रूकती।
60 गांवों के लोग परेशान
उन्होंने बताया कि जगाधरी से ताजेवाला तक नेशनल हाइवे पर करीब पांच दर्जन गांव पड़ते हैं। जिनसे करीब 500 बच्चे छछरौली, जगाधरी व यमुनानगर के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने जाते हैं। प्राइवेट बसें इन सभी गांवों के स्टॉप पर रुकती थी। इससे स्कूल के बच्चे बड़ी आसानी से स्कूल आ जा रहे थे। जबकि रोडवेज की बसें सिर्फ छछरौली, खिजराबाद व ताजेवाला बसीस्टाप पर ही रूकती हैं। उसके अलावा रोडवेज की बस किसी भी गांव के पास नही रूकती।
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वर्जन
-छछरौली रूट पर जो प्राइवेट बसें चल रही थी, उनके संचालकों ने लंबे रूट का परमिट लेकर अपनी बसें हटा ली। जिसकी वजह से सवारियों को दिक्कत आ रही है। रोडवेज की बसें अपने तय शेड्यूल पर चल रही है। इस रूट पर बसों की संख्या बढ़ाने को लेकर उच्चाधिकारियों से बात हुई है।
शेरखान, इंचार्ज बस स्टैंड, छछरौली।
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-प्राइवेट बसें हटी, रोडवेज की सर्विस कम, घरवाले कहते हैं पढ़ाई छोड़ दो
छछरौली। छछरौली से ताजेवाला वाया खिजराबाद रूट से प्राइवेट बसें हटने से दैनिक यात्रियों व स्कूली बच्चों की परेशानी बढ़ गई है। इन बसों के संचालकों ने लंबे रूट का परमिट लेकर यहां से अपनी बसें हटा ली है। इस रूट पर रोडवेज की बसें पहले से ही कम हैं, जो आती हैं, उनकी इतनी भीड़ होती है कि चढ़ना मुश्किल होता है। यही हाल यमुनानगर से छछरौली रूट का है। जिला मुख्यालय तक जाने के लिए लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। कॉलेज स्टूडेंट पायल, पूजा, सानिया, ममता आदि का कहना है कि बस पकड़ने के लिए आधा से पौना घंटा पहले घर से निकलना पड़ता है। छुट्टी के बाद भी काफी इंतजार के बाद बस मिलती है। अक्सर वे स्कूल व घर पहुंचने में लेट हो जाती हैं। ऐसे में घरवाले कहते हैं कि पढ़ाई छोड़ दो या फिर डिस्टेंस क्लासें शुरू कर दो। उन्होंने प्रशासन व रोडवेज अधिकारियों से इस रूट पर सुबह व छुट्टी के टाइम नियमित बस चलवाने की मांग की है।
इसलिए आ रही है दिक्कत दैनिक यात्री अरविंद, इस्लाम, करण, पालाराम, महबूब, नरेश, राजीव, रोहित, अजेय, रिंकू, बंटी आदि ने बताया कि पहले छछरौली खिजराबाद रूट पर सरकारी बसों के साथ साथ पांच प्राइवेट बसें भी चलती थी। अब इनके संचालकों ने अपना रूट परमिट चेंज करवा लिया। जबकि रोडवेज की बसें पहले ही कम थी, जो आती है वे इंटरस्टेट होती है, जो गांव के स्टैंड पर नहीं रूकती।
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60 गांवों के लोग परेशान
उन्होंने बताया कि जगाधरी से ताजेवाला तक नेशनल हाइवे पर करीब पांच दर्जन गांव पड़ते हैं। जिनसे करीब 500 बच्चे छछरौली, जगाधरी व यमुनानगर के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने जाते हैं। प्राइवेट बसें इन सभी गांवों के स्टॉप पर रुकती थी। इससे स्कूल के बच्चे बड़ी आसानी से स्कूल आ जा रहे थे। जबकि रोडवेज की बसें सिर्फ छछरौली, खिजराबाद व ताजेवाला बसीस्टाप पर ही रूकती हैं। उसके अलावा रोडवेज की बस किसी भी गांव के पास नही रूकती।
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-छछरौली रूट पर जो प्राइवेट बसें चल रही थी, उनके संचालकों ने लंबे रूट का परमिट लेकर अपनी बसें हटा ली। जिसकी वजह से सवारियों को दिक्कत आ रही है। रोडवेज की बसें अपने तय शेड्यूल पर चल रही है। इस रूट पर बसों की संख्या बढ़ाने को लेकर उच्चाधिकारियों से बात हुई है।
शेरखान, इंचार्ज बस स्टैंड, छछरौली।