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ब्राह्मण परिसंघ की मीटिंग में मृत्युभोज को रोकने पर चर्चा
Updated Mon, 07 May 2018 12:56 AM IST
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ब्राह्मण परिसंघ की मीटिंग में मृत्युभोज को रोकने पर चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हरियाणा ब्राह्मण परिसंघ की 435वीं मासिक मीटिंग परिसंघ के संस्थापक पुरुषोत्तम दास शर्मा के निवास पर हुई। भगवान परशुराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित बैठक की शुरुआत की गई। मीटिंग के दौरान सभी सदस्यों ने समाज से मृत्यु भोज को समाप्त किए जाने पर जोर दिया। लोगों का तर्क है कि इससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
शर्मा ने कहा कि मृत व्यक्ति के हिंदू धर्म के अनुसार सभी संस्कार किए जाएं। परंतु मृत्यु पर रोना विलाप नहीं करना चाहिए, इससे मृत व्यक्ति की आत्मा को कष्ट होता है। शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म संसार में सनातन है। उन्होंने कहा कि परशुराम शिव के शिष्य हैं अत: रुद्र रूप हैं। विष्णु अंशी के कारण हरि स्वरूप हैं। इसलिए भगवान परशुराम ही ब्रह्मा-विष्णु-महेश रूपायक हैं। उन्होंने कहा कि हमें भगवान परशुराम से प्रेरणा लेनी चाहिए, विशेषकर ब्राह्मणों को शिक्षा लेनी चाहिए। इस मौके पर रेनू कालिया, गंगा, रविंद्र पुंज, राजेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
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ब्राह्मण परिसंघ की मीटिंग में मृत्युभोज को रोकने पर चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हरियाणा ब्राह्मण परिसंघ की 435वीं मासिक मीटिंग परिसंघ के संस्थापक पुरुषोत्तम दास शर्मा के निवास पर हुई। भगवान परशुराम की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित बैठक की शुरुआत की गई। मीटिंग के दौरान सभी सदस्यों ने समाज से मृत्यु भोज को समाप्त किए जाने पर जोर दिया। लोगों का तर्क है कि इससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है।
शर्मा ने कहा कि मृत व्यक्ति के हिंदू धर्म के अनुसार सभी संस्कार किए जाएं। परंतु मृत्यु पर रोना विलाप नहीं करना चाहिए, इससे मृत व्यक्ति की आत्मा को कष्ट होता है। शर्मा ने बताया कि हिंदू धर्म संसार में सनातन है। उन्होंने कहा कि परशुराम शिव के शिष्य हैं अत: रुद्र रूप हैं। विष्णु अंशी के कारण हरि स्वरूप हैं। इसलिए भगवान परशुराम ही ब्रह्मा-विष्णु-महेश रूपायक हैं। उन्होंने कहा कि हमें भगवान परशुराम से प्रेरणा लेनी चाहिए, विशेषकर ब्राह्मणों को शिक्षा लेनी चाहिए। इस मौके पर रेनू कालिया, गंगा, रविंद्र पुंज, राजेंद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
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