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सिर्फ सम्मेलनों से नहीं होगा व्यापारियों का भला
Updated Sun, 08 Apr 2018 12:24 AM IST
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मंच चाहे जो भी व्यापारियों के हितों की आवाज हो बुलंद
-अमर उजाला ने जाना व्यापारियों के दिलों का हाल, सिर्फ सम्मेलनों से नहीं होगा व्यापारियों का भला
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रोहतक में होने वाले व्यापारी सम्मेलन को सत्ता पक्ष का माना जा रहा है। जिले के व्यापारियों का मानना है कि मंच चाहे जो भी हो, वहां से न सिर्फ व्यापारियों के हितों की आवाज बुलंद होनी चाहिए। साथ ही ऐसे मंचों से की गई मांग को पूरा करवाने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाने चाहिए। व्यापारी वर्ग को आज कौन सी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और वे इस सरकार से क्या चाहते हैं, यह जानने के लिए अमर उजाला ने व्यापारियों से बात की।
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सरकार को सबसे अधिक व्यापारियों से ही मिलता है, लेकिन सरकार की ओर से व्यापारी खासकर छोटे व्यापारियों को कोई राहत या सुरक्षा नहीं दी जा रही है। दुकान में आग लग जाए या चोरी हो जाए, सारा नुकसान व्यापारी को ही वहन करना पड़ता है। इसके लिए नीति बनानी चाहिए।
- महेंद्र गोयल, प्रेजीडेंट, एफएमसीजी डिस्ट्रिक्ट डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन
फोटो-18
ट्रांसपोर्ट व्यापारी बहुत ज्यादा परेशान हैं। किसानों के उपयोग में लाए जाने वाले ट्रैक्टर का व्यापारिक उपयोग हो रहा है, जिससे किसान दुखी हैं। पड़ोसी राज्य से आने वाले ओवरलोड व बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रालियां सरकार को राजस्व भी नही देते हैं। वहीं, हादसों का कारण बनते हैं। सरकार ऐसे ट्रैक्टरों को प्रदेश में आना वर्जित करें।
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-तारा चंद सैनी, ट्रांसपोर्टर, जिला ट्रांसपोर्ट अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा
फोटो-14
प्रदेश सरकार से गुजारिश है कि 70 साल पुराना बनाया मार्केट कमेटी का लाइसेंस जो किराना व्यापारियों पर जबरन थोपा हुआ है, उसको समाप्त कर व्यापारी को राहत दी जाए। प्रदेश के नगर निगमों द्वारा जो ट्रेड लाइसेंस के नाम पर व्यापारियों को जबरन लाइसेंस थोपा जा रहा है, वह व्यापारियों का शोषण मात्र है।
-संजय मित्तल, कार्यकारी अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा
फोटो-15
सरकार विदेश से आने वाले व्यापारियों को कम ऋण पर ब्याज उपलब्ध करवा रही है। उन्हें लाइसेंस प्रणाली में भी छूट है, लेकिन स्थानीय व्यापारियों की सरकार अनदेखा कर रही है। उन्हें कोई राहत नहीं दी जा रही है। सरकार स्थानीय व्यापारियों को सहायता करें क्योंकि छोटे उद्योगों से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं।
- सुभाष गुप्ता, प्रदेश कोषाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा
फोटो-13
बंद के दौरान जबरन बाजार बंद करवाए जाते हैं। इससे व्यापारियों को आर्थिक हानि व मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। बंद के दौरान दुकानों में तोड़फोड़ होने पर सरकार व्यापारियों को कोई मुआवजा नहीं देती है। सरकार को ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए और व्यापारियों को भी तोड़फोड़ का मुआवजा मिलना चाहिए।
- संजय अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा
फोटो-12
जगाधरी के मैटल उद्योग की राष्ट्रीय पहचान बनाने के लिए इस उद्योग को सरकारी सहायता मुहैया करवाई जाए। इस उद्योगों से बड़ी संख्या में रोजगार भी मिलता है। वहीं, हर साल सरकार को करोड़ों रुपये राजस्व भी मिलता है, लेकिन इस उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी प्रयास काफी कम हुए हैं।
-सुंदर लाल बत्तरा, महासचिव, द जगाधरी मैटल मैन्युफक्चर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन
फोटो-19
सरकार व्यापारियों की पेंशन भी निश्चित करें। सरकारी कर्मचारी 60 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्त हो जाते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए सरकार पेंशन भी देती है। सरकार व्यापारियों को भी पेंशन दें, जिससे बुढ़ापा सुरक्षित हो।
-सन्नी गौतम, किराना दुकानदार
फोटो-16
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-अमर उजाला ने जाना व्यापारियों के दिलों का हाल, सिर्फ सम्मेलनों से नहीं होगा व्यापारियों का भला
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रोहतक में होने वाले व्यापारी सम्मेलन को सत्ता पक्ष का माना जा रहा है। जिले के व्यापारियों का मानना है कि मंच चाहे जो भी हो, वहां से न सिर्फ व्यापारियों के हितों की आवाज बुलंद होनी चाहिए। साथ ही ऐसे मंचों से की गई मांग को पूरा करवाने के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाने चाहिए। व्यापारी वर्ग को आज कौन सी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और वे इस सरकार से क्या चाहते हैं, यह जानने के लिए अमर उजाला ने व्यापारियों से बात की।
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सरकार को सबसे अधिक व्यापारियों से ही मिलता है, लेकिन सरकार की ओर से व्यापारी खासकर छोटे व्यापारियों को कोई राहत या सुरक्षा नहीं दी जा रही है। दुकान में आग लग जाए या चोरी हो जाए, सारा नुकसान व्यापारी को ही वहन करना पड़ता है। इसके लिए नीति बनानी चाहिए।
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- महेंद्र गोयल, प्रेजीडेंट, एफएमसीजी डिस्ट्रिक्ट डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन
फोटो-18
ट्रांसपोर्ट व्यापारी बहुत ज्यादा परेशान हैं। किसानों के उपयोग में लाए जाने वाले ट्रैक्टर का व्यापारिक उपयोग हो रहा है, जिससे किसान दुखी हैं। पड़ोसी राज्य से आने वाले ओवरलोड व बिना नंबर के ट्रैक्टर-ट्रालियां सरकार को राजस्व भी नही देते हैं। वहीं, हादसों का कारण बनते हैं। सरकार ऐसे ट्रैक्टरों को प्रदेश में आना वर्जित करें।
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-तारा चंद सैनी, ट्रांसपोर्टर, जिला ट्रांसपोर्ट अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा
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प्रदेश सरकार से गुजारिश है कि 70 साल पुराना बनाया मार्केट कमेटी का लाइसेंस जो किराना व्यापारियों पर जबरन थोपा हुआ है, उसको समाप्त कर व्यापारी को राहत दी जाए। प्रदेश के नगर निगमों द्वारा जो ट्रेड लाइसेंस के नाम पर व्यापारियों को जबरन लाइसेंस थोपा जा रहा है, वह व्यापारियों का शोषण मात्र है।
-संजय मित्तल, कार्यकारी अध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा
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सरकार विदेश से आने वाले व्यापारियों को कम ऋण पर ब्याज उपलब्ध करवा रही है। उन्हें लाइसेंस प्रणाली में भी छूट है, लेकिन स्थानीय व्यापारियों की सरकार अनदेखा कर रही है। उन्हें कोई राहत नहीं दी जा रही है। सरकार स्थानीय व्यापारियों को सहायता करें क्योंकि छोटे उद्योगों से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होते हैं।
- सुभाष गुप्ता, प्रदेश कोषाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा
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बंद के दौरान जबरन बाजार बंद करवाए जाते हैं। इससे व्यापारियों को आर्थिक हानि व मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। बंद के दौरान दुकानों में तोड़फोड़ होने पर सरकार व्यापारियों को कोई मुआवजा नहीं देती है। सरकार को ऐसे लोगों पर कठोर कार्रवाई करनी चाहिए और व्यापारियों को भी तोड़फोड़ का मुआवजा मिलना चाहिए।
- संजय अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष, उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा
फोटो-12
जगाधरी के मैटल उद्योग की राष्ट्रीय पहचान बनाने के लिए इस उद्योग को सरकारी सहायता मुहैया करवाई जाए। इस उद्योगों से बड़ी संख्या में रोजगार भी मिलता है। वहीं, हर साल सरकार को करोड़ों रुपये राजस्व भी मिलता है, लेकिन इस उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी प्रयास काफी कम हुए हैं।
-सुंदर लाल बत्तरा, महासचिव, द जगाधरी मैटल मैन्युफक्चर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन
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सरकार व्यापारियों की पेंशन भी निश्चित करें। सरकारी कर्मचारी 60 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्त हो जाते हैं। उनकी सुरक्षा के लिए सरकार पेंशन भी देती है। सरकार व्यापारियों को भी पेंशन दें, जिससे बुढ़ापा सुरक्षित हो।
-सन्नी गौतम, किराना दुकानदार
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