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डाक्टरों की कमी बढ़ा रही मरीजों का दर्द
Updated Sun, 01 Apr 2018 12:12 AM IST
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डाक्टरों की कमी बढ़ा रही मरीजों का दर्द
अस्पताल में है चार डाक्टरों के पद
रादौर। सरकारी अस्पताल नाहरपुर में क्षेत्र के लोगों को डॉक्टरों की कमी के कारण इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सरकारी अस्पताल नाहरपुर में चार डॉक्टरों के पद है। लेकिन अस्पताल केवल एक लेडी डॉक्टर के सहारे चल रहा है। कुछ समय पहले अस्पताल में दूसरे डॉक्टर को तैनात किया गया था। लेकिन कुछ दिनों बाद उसे सीएमओ कार्यालय यमुनानगर भेज दिया गया। डॉक्टर के छुट्टी पर होने या कोर्ट में जाने पर अस्पताल में मरीजों के लिए डॉक्टर की कोई सुविधा नही मिल पाती। ऐसे में डॉक्टरों की कमी के कारण सरकारी अस्पताल नाहरपुर में इलाज के लिए आने वाले रोगियों को बिना इलाज के ही वापिस लौटना पड़ रहा है। अस्पताल में इलाज की सुविधा न मिलने के कारण क्षेत्र के लोग यमुनानगर के निजी अस्पतालों में मंहगे दामों पर अपना इलाज करवाने के लिए मजबूर हैं। शनिवार को अस्पताल में इलाज के लिए आई समीना अकालगढ ने बताया कि वह पांच महीने से गर्भवती है। वह पिछले कई दिनों से अस्पताल में इलाज के लिए आ रही है। लेकिन उसे सुविधा नहीं मिल रही है। इसी प्रकार शादीपुर निवासी शकीला आठ महीने से गर्भवती है। उसे भी इलाज की सुविधा नहीं मिली है। लाल छप्पर से आई गीता देवी ने बताया कि उसके शरीर में दर्द रहता है। उसे भी इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। धर्मसिंह राणा नागल, अमरजीत राणा नाहरपुर, गोपीराय खजूरी, सूनील कुमार मारूपुर ने बताया कि पहले नाहरपुर अस्पताल में बेहतर इलाज होता था। लेकिन सरकार ने अब अस्पताल में चार डॉक्टरों की बजाय केवल एक लेडी डॉक्टर लगाई हुई है। अस्पताल में डॉ न मिलने से मरीजों को भारी दिक्कत हो रही है। इस बारे सरकारी अस्पताल नाहरपुर की लेडी डॉ. सुशीला ने बताया कि वह अस्पताल में एकमात्र डॉक्टर है। जबकि अस्पताल में डॉक्टरों के चार पद है। उसके छुट्टी पर जाने व कोर्ट में जाने पर अस्पताल में कोई नहीं होता। इस बारे में अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।
अस्पताल में है चार डाक्टरों के पद
रादौर। सरकारी अस्पताल नाहरपुर में क्षेत्र के लोगों को डॉक्टरों की कमी के कारण इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। सरकारी अस्पताल नाहरपुर में चार डॉक्टरों के पद है। लेकिन अस्पताल केवल एक लेडी डॉक्टर के सहारे चल रहा है। कुछ समय पहले अस्पताल में दूसरे डॉक्टर को तैनात किया गया था। लेकिन कुछ दिनों बाद उसे सीएमओ कार्यालय यमुनानगर भेज दिया गया। डॉक्टर के छुट्टी पर होने या कोर्ट में जाने पर अस्पताल में मरीजों के लिए डॉक्टर की कोई सुविधा नही मिल पाती। ऐसे में डॉक्टरों की कमी के कारण सरकारी अस्पताल नाहरपुर में इलाज के लिए आने वाले रोगियों को बिना इलाज के ही वापिस लौटना पड़ रहा है। अस्पताल में इलाज की सुविधा न मिलने के कारण क्षेत्र के लोग यमुनानगर के निजी अस्पतालों में मंहगे दामों पर अपना इलाज करवाने के लिए मजबूर हैं। शनिवार को अस्पताल में इलाज के लिए आई समीना अकालगढ ने बताया कि वह पांच महीने से गर्भवती है। वह पिछले कई दिनों से अस्पताल में इलाज के लिए आ रही है। लेकिन उसे सुविधा नहीं मिल रही है। इसी प्रकार शादीपुर निवासी शकीला आठ महीने से गर्भवती है। उसे भी इलाज की सुविधा नहीं मिली है। लाल छप्पर से आई गीता देवी ने बताया कि उसके शरीर में दर्द रहता है। उसे भी इलाज की सुविधा नहीं मिल पा रही है। धर्मसिंह राणा नागल, अमरजीत राणा नाहरपुर, गोपीराय खजूरी, सूनील कुमार मारूपुर ने बताया कि पहले नाहरपुर अस्पताल में बेहतर इलाज होता था। लेकिन सरकार ने अब अस्पताल में चार डॉक्टरों की बजाय केवल एक लेडी डॉक्टर लगाई हुई है। अस्पताल में डॉ न मिलने से मरीजों को भारी दिक्कत हो रही है। इस बारे सरकारी अस्पताल नाहरपुर की लेडी डॉ. सुशीला ने बताया कि वह अस्पताल में एकमात्र डॉक्टर है। जबकि अस्पताल में डॉक्टरों के चार पद है। उसके छुट्टी पर जाने व कोर्ट में जाने पर अस्पताल में कोई नहीं होता। इस बारे में अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।