{"_id":"5a6f72bc4f1c1b89268b730f","slug":"15172535112-yamuna-nagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंदबुद्धि महिला से रेप मामले में धीमी गति से जांच कर रही पुलिस : गौड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंदबुद्धि महिला से रेप मामले में धीमी गति से जांच कर रही पुलिस : गौड
Updated Tue, 30 Jan 2018 12:56 AM IST
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मंदबुद्धि महिला से रेप मामले में पुलिस की धीमी जांच : गौड
बोली, पुलिस कर्मी पर आरोप लगने के बाद से डरे हुए हैं प्रत्यक्षदर्शी महिला व अन्य गवाह
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। राज्य महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड ने आरोप लगाया कि सिविल अस्पताल में मंदबुद्धि महिला से हुए दुष्कर्म के मामले में पुलिस धीमी गति से जांच कर रही है। महिला से दुष्कर्म हुआ था। आरोपी पुलिसकर्मी था या कोई और, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिसकर्मी पर आरोप लगने के बाद प्रत्यक्षदर्शी महिला और अन्य गवाह डर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शी महिला ने अपने बयान दिए हैं। इसमें उसने बताया कि उसने एक व्यक्ति को मंदबुद्धि महिला से अश्लील हरकतें करते हुए देखा, लेकिन वह पुलिस कर्मी है या नहीं इसका नहीं पता। मंदबुद्धि से दुष्कर्म के मामले में गौड सोमवार दूसरी बार यहां पहुंचीं।
आयोग सदस्या नम्रता गौड ने माना कि अस्पताल में मंदबुद्धि महिला से दुष्कर्म हुआ था। उन्होंने कहा कि जिस दिन दुष्कर्म हुआ उस रात पुलिस कर्मचारी ड्यूटी पर थे। उस समय प्रत्यक्षदर्शी महिला ने कहा था आरोपी ने शराब पी रखी थी। वह एक पुलिसकर्मी था। परंतु पुलिस का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मी शराब नहीं पीता। अब ये कैसे साबित होगा पुलिसकर्मी शराब पीता है या नहीं। जिस रात मामले को लेकर हंगामा हुआ था तब आरोपी पुलिसकर्मी का मेडिकल ही नहीं कराया गया। यह पुलिस की बड़ी लापरवाही है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले से जुड़े लोगों के बयान अब अपने सामने लेंगी। उन्होंने इसके लिए अस्पताल के एमएस डॉ. विजय दहिया को भी एसपी कार्यालय में बुलाया और बातचीत की। पूरे मामले में पुलिस चुप्पी साधे हुए हैं।
डरी हुई है प्रत्यक्षदर्शी महिला
गौड ने कहा कि मामले में तीन जनवरी को जब वह यहां आई थी तो प्रत्यक्षदर्शी महिला दिल्ली गई हुई थी। उस समय उससे बात नहीं हो पाई थी। दिल्ली से आने के बाद महिला ने पुलिस को बयान दिए। बयानों में उसने बताया कि 26 दिसंबर की रात को एक व्यक्ति महिला के साथ अश्लील हरकतें कर रहा था। उसके शोर मचाने पर आरोपी वहां से भाग निकला था। उस समय कुछ लोगों ने बताया था कि वह पुलिसकर्मी है। बयानों में महिला ने बताया कि आरोपी व्यक्ति पुलिस कर्मी है या कोई और इसका उसे नहीं पता। उसे बस एक व्यक्ति मंदबुद्धि महिला के पास देखा था। गौड ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शी के बयानों से लग रहा है कि वह डरी हुई है।
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ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी इस बार भी नहीं मिले
तीन जनवरी को जब महिला आयोग सदस्य नम्रता गौड़ यहां आई थीं तब भी जिस कर्मी पर आरोप लगा था वह और उस रात ड्यूटी पर तैनात कर्मी उन्हें नहीं मिले थे। इस बार भी दोनों कर्मी उन्हें यहां नहीं मिले। इन्हीं दो में से एक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। गौड ने कहा कि वह सरप्राइज विजिट पर आई है। वह जानना चाहती थी कि इस मामले में पुलिस की जांच कहा तक पहुंची। आशंका जताई जा रही है कि पुलिस भी दोनों कर्मियों को महिला आयोग सदस्य के सामने नहीं लाना चाहती।
पुलिस के पास नहीं पुख्ता जानकारी
गौड ने कहा कि अभी तक हुई जांच में पुलिस के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। प्रत्यक्षदर्शी महिला व अन्य गवाहों के बयान भी पूरे नहीं है। वह इस मामले में स्वयं जांच करेंगी। हर गवाह के खुद बयान लेंगी। ड्यूटी पर तैनात दोनों पुलिस कर्मियों के भी ब्यान लिए जाएंगे। दोनों का मेडिकल भी कराया जाएगा। जब तक जांच पूरी नहीं होती वह आराम से बैठने वाली नहीं है।
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बोली, पुलिस कर्मी पर आरोप लगने के बाद से डरे हुए हैं प्रत्यक्षदर्शी महिला व अन्य गवाह
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। राज्य महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड ने आरोप लगाया कि सिविल अस्पताल में मंदबुद्धि महिला से हुए दुष्कर्म के मामले में पुलिस धीमी गति से जांच कर रही है। महिला से दुष्कर्म हुआ था। आरोपी पुलिसकर्मी था या कोई और, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिसकर्मी पर आरोप लगने के बाद प्रत्यक्षदर्शी महिला और अन्य गवाह डर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शी महिला ने अपने बयान दिए हैं। इसमें उसने बताया कि उसने एक व्यक्ति को मंदबुद्धि महिला से अश्लील हरकतें करते हुए देखा, लेकिन वह पुलिस कर्मी है या नहीं इसका नहीं पता। मंदबुद्धि से दुष्कर्म के मामले में गौड सोमवार दूसरी बार यहां पहुंचीं।
आयोग सदस्या नम्रता गौड ने माना कि अस्पताल में मंदबुद्धि महिला से दुष्कर्म हुआ था। उन्होंने कहा कि जिस दिन दुष्कर्म हुआ उस रात पुलिस कर्मचारी ड्यूटी पर थे। उस समय प्रत्यक्षदर्शी महिला ने कहा था आरोपी ने शराब पी रखी थी। वह एक पुलिसकर्मी था। परंतु पुलिस का कहना है कि आरोपी पुलिसकर्मी शराब नहीं पीता। अब ये कैसे साबित होगा पुलिसकर्मी शराब पीता है या नहीं। जिस रात मामले को लेकर हंगामा हुआ था तब आरोपी पुलिसकर्मी का मेडिकल ही नहीं कराया गया। यह पुलिस की बड़ी लापरवाही है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले से जुड़े लोगों के बयान अब अपने सामने लेंगी। उन्होंने इसके लिए अस्पताल के एमएस डॉ. विजय दहिया को भी एसपी कार्यालय में बुलाया और बातचीत की। पूरे मामले में पुलिस चुप्पी साधे हुए हैं।
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डरी हुई है प्रत्यक्षदर्शी महिला
गौड ने कहा कि मामले में तीन जनवरी को जब वह यहां आई थी तो प्रत्यक्षदर्शी महिला दिल्ली गई हुई थी। उस समय उससे बात नहीं हो पाई थी। दिल्ली से आने के बाद महिला ने पुलिस को बयान दिए। बयानों में उसने बताया कि 26 दिसंबर की रात को एक व्यक्ति महिला के साथ अश्लील हरकतें कर रहा था। उसके शोर मचाने पर आरोपी वहां से भाग निकला था। उस समय कुछ लोगों ने बताया था कि वह पुलिसकर्मी है। बयानों में महिला ने बताया कि आरोपी व्यक्ति पुलिस कर्मी है या कोई और इसका उसे नहीं पता। उसे बस एक व्यक्ति मंदबुद्धि महिला के पास देखा था। गौड ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शी के बयानों से लग रहा है कि वह डरी हुई है।
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ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी इस बार भी नहीं मिले
तीन जनवरी को जब महिला आयोग सदस्य नम्रता गौड़ यहां आई थीं तब भी जिस कर्मी पर आरोप लगा था वह और उस रात ड्यूटी पर तैनात कर्मी उन्हें नहीं मिले थे। इस बार भी दोनों कर्मी उन्हें यहां नहीं मिले। इन्हीं दो में से एक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया गया था। गौड ने कहा कि वह सरप्राइज विजिट पर आई है। वह जानना चाहती थी कि इस मामले में पुलिस की जांच कहा तक पहुंची। आशंका जताई जा रही है कि पुलिस भी दोनों कर्मियों को महिला आयोग सदस्य के सामने नहीं लाना चाहती।
पुलिस के पास नहीं पुख्ता जानकारी
गौड ने कहा कि अभी तक हुई जांच में पुलिस के पास कोई पुख्ता जानकारी नहीं है। प्रत्यक्षदर्शी महिला व अन्य गवाहों के बयान भी पूरे नहीं है। वह इस मामले में स्वयं जांच करेंगी। हर गवाह के खुद बयान लेंगी। ड्यूटी पर तैनात दोनों पुलिस कर्मियों के भी ब्यान लिए जाएंगे। दोनों का मेडिकल भी कराया जाएगा। जब तक जांच पूरी नहीं होती वह आराम से बैठने वाली नहीं है।