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उपभोक्ता फोरम ने हैल्थ इंश्योरेंस कंपनी को अस्पताल के बिल का पैसा ब्याज सहित अदा करने के दिए आदेश

Sat, 13 Jan 2018 12:34 AM IST
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:34 AM IST
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उपभोक्ता फोरम ने हैल्थ इंश्योरेंस कंपनी को अस्पताल के बिल का पैसा ब्याज सहित अदा करने के दिए आदेश
बीमा होने पर भी इंश्योरेंस के पैसे देने से किया था मना, फोरम ने दिए अदा करने के निर्देश
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यमुनानगर। हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने के बाद उपभोक्ता को हार्ट की प्रोब्लम होने पर कंपनी की ओर से इंश्योरेंस का पैसा नहीं दिया गया। इस पर उपभोक्ता ने उपभोक्ता फोरम का सहारा लिया। फोरम ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी पर अस्पताल के बिल का भुगतान ब्याज सहित करने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ता के हक में फैसला आने पर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी द्वारा उसे दो लाख 70 हजार रुपये की राशि अदा कर दी गई है।

रामपुरा कालोनी निवासी सोमप्रकाश ने बताया कि उसने 2010 में बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की मेडिक्लेम कैशलेस हेल्थ पॉलिसी खरीदी थी। पॉलिसी में उसके पूरे परिवार के सदस्यों का हेल्थ बीमा हुआ था। पॉलिसी की किस्त वह लगातार जमा करवा रहा था। 15 फरवरी 2012 में अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई। जब उसने पीजीआई जाकर चेकअप करवाया तो पता चला कि हार्ट में दिक्कत है। इसलिए उसे उसे ऑपरेशन करवाना पड़ेगा। सोमप्रकाश ने बताया कि पीजीआई से घर लौटकर उसने बीमा कंपनी के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने आपरेशन पर खर्च होने वाली राशि को अदा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद उसने गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में जाकर 16 मई 2012 को हार्ट का आपरेशन करवाया। इस पर उसका दो लाख 20 हजार रुपये का खर्च आया। आपरेशन करवाकर जब वह घर लौटा तो उसने अस्पताल के बिल संबंधित सभी जरूरी दस्तावेज इंश्योरेंस कंपनी के पास जमा करवाकर क्लेम की राशि अदा करने को कहा। मगर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के अधिकारियों ने क्लेम की राशि देने से मना कर दिया। इस पर उसने कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता फोरम पर शिकायत दर्ज करवाई। फोरम ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उपभोक्ता के पक्ष में फै सला सुनाते हुए इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिए कि वह दो लाख 20 हजार रुपये की राशि सात प्रतिशत ब्याज के साथ अदा करे। उपभोक्ता सोमप्रकाश ने बताय कि उसे इंश्योरेंस कंपनी की ओर से दो लाख 70 हजार रुपये की राशि प्राप्त हुई है।
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