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हरियाणा में 43 लाख लोग करते तंबाकू सेवन, प्रतिवर्ष 28 हजार मारे जाते बे-मौत: रस्तोगी

Thu, 21 Dec 2017 01:09 AM IST
Updated Thu, 21 Dec 2017 01:09 AM IST
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हरियाणा में 43 लाख लोग करते तंबाकू सेवन, प्रतिवर्ष 28 हजार मारे जाते बे-मौत: रस्तोगी
हरियाणा में 43 लाख लोग करते तंबाकू सेवन, प्रतिवर्ष 28 हजार मारे जाते बे-मौत: रस्तोगी
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पुलिस लाइन में हेल्थ फाउंडेशन के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर ने पुलिस अधिकारियों को किया जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हरियाणा में करीब 43 लाख लोग तंबाकू का सेवन करते हैं और इससे करीब 28 हजार लोग प्रतिवर्ष बे-मौत मर रहे हैं। ये बात हेल्थ फाउंडेशन (एसएचएफ) के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. सोमिल रस्तोगी ने जिला पुलिस लाइन में आयोजित कार्यशाला में कही। उन्होने पुलिस अधिकारियों को तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों के दुष्प्रभावों के संबंध में जागरूक करते हुए कहा कि तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों में निकोटिन होता है, जो हेरोइन से भी अधिक खतरनाक है। इनमें केवल पांच प्रतिशत से कम लोग ही निकोटिन को छोड़ पाते हैं। इसलिए हम सभी को मिलकर इसके लिए सकारात्मक ढंग से काम करना होगा। पुलिस अधिकारियों का भी दायित्व है कि वह इसे रोकने के लिए सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा-2003) का पूरी तरह से अनुपालना कराए। जिससे बच्चों व युवाओं को इससे बचाया जा सके। डॉ. सोमिल रस्तोगी ने कहा कि किशोर उम्र के जो लडके-लड़कियां धूम्रपान करतें हैं, उनमें से एक तिहाई से अधिक तंबाकू से जुड़ी बीमारियों के कारण मौत का शिकार बन जाते हैं। उन्होंने बताया कि ग्लोबल एडल्ट टोबेको के सर्वे के अनुसार भारत में तंबाकू की लत 17 साल की उम्र में लग जाती है। ग्लोबल यूथ टोबेको के सर्वे में सामने आया कि भारत के 20 प्रतिशत से अधिक बच्चे तंबाकू के उत्पादों का प्रयोग करते हैं। डॉ. रस्तोगी ने कहा कि सभी आधुनिक और प्रगतिशील राज्यों ने अपने नागरिकों के लिए एक स्वस्थ वातावरण प्रदान करने के लिए कोटपा कानून को लागू किया है। कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों की पुलिस ने तंबाकू की खपत को कम करने में सराहनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने कोटपा एक्ट की धारा 4, 5, 6अ, 6ब, 7 व (किशोर न्याय अधिनियम) जेजे एक्ट के बारे में जानकारी दी। वहीं, पुलिस अधिकारियों को बताया कि सार्वजनिक स्थानों पर कोटपा एक्ट में की जाने वाली कार्रवाई का प्रभावी असर सामने आता है।

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पुलिस द्वारा जागरुकता अभियान के बाद कोटपा एक्ट के तहत की जाएगी कार्रवाई: कार्यशाला में बतौर मुख्यातिथि जगाधरी डीएसपी राजेंद्र कुमार ने उपस्थित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों से कहा कि धूम्रपान करने से हमारे शरीर में कई प्रकार की बीमारियां उत्पन्न होती हैं। इनकी वजह से कम ही आयु में मृत्यु हो जाती है और बीमारियों के ईलाज पर काफी धन भी खर्च होता है, इसलिए हमें चाहिए कि न तो खुद धुम्रपान करेंगे और लोगों को भी इस बारे जागरूक करेंगे। सभी पुलिस थानों द्वारा जागरुकता अभियान के बाद नियमित रुप से कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। ताकि युवाओं को इस प्रकार की बुराई से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थल जैसे शासकीय कार्यालय, मनोरंजन केंद्र, पुस्तकालय, अस्पताल, स्टेडियम, होटल, शॉपिंग मॉल, कॉफी हाउस, निजी कार्यालय, न्यायालय परिसर, रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप, सभागृह, लोक परिवहन, शिक्षण संस्थान, टी-स्टॉल, ढाबा और अन्य सार्वजनिक स्थान पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। इन स्थानों पर धूम्रपान करने वालों पर 200 रुपये जुर्माने का प्रावधान है।
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