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बोले सो निहाल के जयकारों से गूंजा वातावरण
Updated Fri, 24 Nov 2017 01:15 AM IST
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बोले सो निहाल के जयकारों से गूंजा वातावरण
हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर निकाला नगर कीर्तन
गुरुद्वारा बूडिय़ा साहिब में सजाया गया कीर्तन दरबार
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य पर रविवार सुबह सेवापंथी गुरुद्वारा डेरा संतपुरा से नगर कीर्तन निकाला गया। वहीं, गुरुद्वारा बूडिय़ा साहिब में दीवान सजाया गया, जिसमें रागी जत्थों ने गुरु महाराज की शहादत का बखान किया।
तड़के डेरा संतपुरा से पांच प्यारों की अगुवाई व श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया में पैदल नगर कीर्तन आरंभ हुआ। संत जगमोहन सिंह ने अरदास कर व बोले सो निहाल के जयकारों के साथ नगर कीर्तन को रवाना किया। नगर कीर्तन में विशेष पालकी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सुशोभित किया गया था। आगे गतका पार्टी के सदस्य गतके का जौहर दिखाते चल रहे थे। विभिन्न जत्थेबंदियों व गुरु सिंह सभाओं से जुड़े सदस्यों ने शब्द कीर्तन कर गुरु तेग बहादुर महाराज की शहादत को नमन किया। सतंपुरा से लेकर बूडिय़ा साहिब तक रास्ते में जगह-जगह स्वागत द्वार लगाए गए थे। जगह-जगह नगर कीर्तन पर फूलों की वर्षा की गई। नगर कीर्तन के गुरुद्वारा बूडिय़ा साहिब पहुंचने पर शाही समाधा ट्रस्ट के किरण अमोल सिंह, नीतू अमोल सिंह व प्रिंस अमोल की तरफ से राजन अमोल सिंह ने पांच प्यारों व जत्थेदारों को सिरोपा पहनाकर सम्मानित किया। शहीद दिवस के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा साहिब में दीवान सजाया गया। रघुबीर सिंह बिटटू, रुबी ङ्क्षसह ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब में 21 नवंबर से श्री अखंड पाठ आरंभ किया गया था, जिसका समापन वीरवार सुबह किया गया। इसके बाद खुले पंडाल में कीर्तन दरबार सजाया गया। इसमें दरबार साहिब के हजुरी रागी भाई ओंकार सिंह, भाई राजेंद्र सिंह तथा जगाधरी के रागी भई जसपाल सिंह व भाई भूपिंद्र सिंह ने गुरु तेग बहादुर जी के त्याग व बलिदान का बखान किया। कीर्तन दरबार की समाप्ति के बाद शाम को गुरुद्वारा साहिब से नगर कीर्तन निकाला गया, जो पूरे बूड़िया इलाके से होकर गुजरा। नगर कीर्तन का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। नगर कीर्तन का समापन गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर हुआ।
फोटो-13,14,15,16,17
हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर निकाला नगर कीर्तन
गुरुद्वारा बूडिय़ा साहिब में सजाया गया कीर्तन दरबार
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हिंद की चादर गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस के उपलक्ष्य पर रविवार सुबह सेवापंथी गुरुद्वारा डेरा संतपुरा से नगर कीर्तन निकाला गया। वहीं, गुरुद्वारा बूडिय़ा साहिब में दीवान सजाया गया, जिसमें रागी जत्थों ने गुरु महाराज की शहादत का बखान किया।
तड़के डेरा संतपुरा से पांच प्यारों की अगुवाई व श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया में पैदल नगर कीर्तन आरंभ हुआ। संत जगमोहन सिंह ने अरदास कर व बोले सो निहाल के जयकारों के साथ नगर कीर्तन को रवाना किया। नगर कीर्तन में विशेष पालकी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सुशोभित किया गया था। आगे गतका पार्टी के सदस्य गतके का जौहर दिखाते चल रहे थे। विभिन्न जत्थेबंदियों व गुरु सिंह सभाओं से जुड़े सदस्यों ने शब्द कीर्तन कर गुरु तेग बहादुर महाराज की शहादत को नमन किया। सतंपुरा से लेकर बूडिय़ा साहिब तक रास्ते में जगह-जगह स्वागत द्वार लगाए गए थे। जगह-जगह नगर कीर्तन पर फूलों की वर्षा की गई। नगर कीर्तन के गुरुद्वारा बूडिय़ा साहिब पहुंचने पर शाही समाधा ट्रस्ट के किरण अमोल सिंह, नीतू अमोल सिंह व प्रिंस अमोल की तरफ से राजन अमोल सिंह ने पांच प्यारों व जत्थेदारों को सिरोपा पहनाकर सम्मानित किया। शहीद दिवस के उपलक्ष्य में गुरुद्वारा साहिब में दीवान सजाया गया। रघुबीर सिंह बिटटू, रुबी ङ्क्षसह ने बताया कि गुरुद्वारा साहिब में 21 नवंबर से श्री अखंड पाठ आरंभ किया गया था, जिसका समापन वीरवार सुबह किया गया। इसके बाद खुले पंडाल में कीर्तन दरबार सजाया गया। इसमें दरबार साहिब के हजुरी रागी भाई ओंकार सिंह, भाई राजेंद्र सिंह तथा जगाधरी के रागी भई जसपाल सिंह व भाई भूपिंद्र सिंह ने गुरु तेग बहादुर जी के त्याग व बलिदान का बखान किया। कीर्तन दरबार की समाप्ति के बाद शाम को गुरुद्वारा साहिब से नगर कीर्तन निकाला गया, जो पूरे बूड़िया इलाके से होकर गुजरा। नगर कीर्तन का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। नगर कीर्तन का समापन गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर हुआ।
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