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गन्ने के दाम में मामूली वृद्धि से भड़के किसान, जलाई गन्ने की होली

Fri, 27 Oct 2017 12:42 AM IST
Updated Fri, 27 Oct 2017 12:42 AM IST
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गन्ने के दाम में मामूली वृद्धि से भड़के किसान, जलाई गन्ने की होली
गन्ने के दाम में मामूली वृद्धि से भड़के किसान, जलाई गन्ने की होली
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सरकार की ओर से गन्ने के भाव में मात्र दस रुपये की बढ़ोतरी से किसानों का पारा चढ़ गया है। इस पर भाकियू से लेकर आरएसएस के आनुषांगिक संगठन भाकिसं तक ने एतराज जताया है। इसको लेकर गुरुवार को भारतीय किसान यूनियन (रतनमान गुट) ने जहां दामला में गन्ने की होली जलाकर रोष प्रकट किया। वहीं, भारतीय किसान संघ नेताओं ने गन्ने के भाव में मामूली बढ़ोतरी को किसानों के साथ भद्दा मजाक करार दिया।
गांव दामला में भाकियू जिला प्रधान सुभाष गुर्जर की अध्यक्षता में किसानों ने गन्ने की होली जलाई और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला प्रधान सुभाष गुर्जर ने कहा कि सरकार की नजर ए करम के चलते उद्योगपति मालामाल हो रहे हैं, मगर किसानों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल में गन्ने के भाव में मामूली बढ़ोतरी हुई है। जबकि फसलों को तैयार करने के लिए खाद, कीटनाशक, दवाई, डीजल, बिजली, बीज आदि में 45 प्रतिशत तक की बढोतरी हो चुकी है। सरकार ने इस बार केवल दस रुपये की ही गन्ने में बढ़ोतरी की है। जिससे गन्ने के दाम मात्र 320 रुपये ही है। उन्होंने मांग की कि गन्ने के भाव चार सौ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से दिया जाए। प्रदर्शन में पवन गोयल, राम कर्ण, यशपाल, सुरजीत सिंह, अमरनाथ, सुरेंद्र सिंह, सुशील कुमार, बलिंद्र कांबोज, सुरेश कांबोज, नरेश कुमार, प्रीतम सिंह, रणसिंह, विजय पाल आदि मौजूद रहे।
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मिलों पर रहम, किसानों पर सितम क्यों : रतन सिंह
उधर, भारतीय किसान संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरियाणा रतन सिंह देवधर ने कहा कि सरकार ने गन्ने के भाव में 10 रुपये प्रति क्विंटल की मामूली बढ़ोतरी कर किसानों के साथ भद्दा मजाक किया है। जो सरकार दो वर्ष पूर्व शुगर मिलों को 30 रुपये प्रति क्विंटल अनुदान देने को तैयार हो गयी थी क्योंकि चीनी के भाव 27 रुपये प्रति किलो थे और शुगर मिल किसानों को 270 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर देने को तैयार नहीं थे। जब सरकार शुगर मिलों के घाटे में शामिल हो सकती है तो आज वही सरकार किसानों के साथ अन्याय क्यों कर रही है जबकि चीनी के भाव 40 रुपये प्रति किलो चल रहे हैं। सवाल किया कि, मिलों पर रहम और किसानों पर सितम क्यों। वहीं किसान संघ के युवा प्रदेश अध्यक्ष विकास राणा ने कहा वर्तमान हरियाणा की भाजपा सरकार निकम्मी सरकार है। इसके मंत्री और विधायक लोगों के बीच में जाकर झूठी बातें सुना कर वाह वाही लूटने का काम कर रहे हैं जबकि सच्चाई ये है कि ये सरकार किसान विरोधी सरकार है। संघ के जिला अध्यक्ष रामबीर सिंह ने कहा कि चीनी के भाव को देखते हुए वे सरकार से मांग करते हैं कि तुरंत गन्ने का भाव 400 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
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