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अवैध खनन पर एनजीटी की शरण लेंगे ग्रामीण
Updated Thu, 12 Oct 2017 12:39 AM IST
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अवैध खनन पर एनजीटी की शरण लेंगे ग्रामीण
अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग रोकने में सरकारी मशीनरी को नाकाम होते देख ग्रामीणों की उम्मीद एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण, दिल्ली) पर टिक गई। यमुना नदी के घाटों पर चल रहे अवैध खनन और ओवरलोडिंग को लेकर बुधवार को गांव गुमथला राव में क्षेत्र के लोगों की पंचायत हुई। इसमें ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि, जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग नहीं होने देंगे। पंचायत में इसको रोकने के लिए एनजीटी में शिकायत करने पर भी सहमति बनी।
गांव गुमथला के पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह भूरा, हरियाणा एंटी करप्शन सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट वरयामसिंह, सलिंद्र सिंह, पारस, कुलवंत सिंह आदि के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने पंचायत में भाग लिया। बैठक में प्रशासन के अधिकारियों की ओर से घाट के ठेकेदारों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया गया। वहीं, ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई न किए जाने पर पुलिस विभाग के प्रति ग्रामीणों ने नारेबाजी की। ग्रामीणों ने पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अब यमुना नदी के घाटों पर अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा और न ही ओवरलोड वाहनों को क्षेत्र की सड़कों पर चलने दिया जाएगा। गांव के लोग अपने घाटों और अपनी सड़कों की खुद सुरक्षा करेंगे।
ठोकरों को नुकसान की भरपाई ठेकेदार से करें
एडवोकेट वरयाम सिंह ने बताया कि एक वर्ष पहले यमुनानदी के कई घाटों पर ठेकेदारों की ओर से खनन करने के लिए ठेका लिया गया था। इस एक वर्ष के दौरान घाट के ठेकेदारों ने यमुनानदी में 10-10 फीट तक रेत खनन करने की बजाय 30 से 40 फीट तक अवैध खनन कर डाला है। बडे़ पैमाने पर अवैध खनन किए जाने से जठलाना क्षेत्र के यमुना नदी किनारे बसे गांव के लिए खतरा पैदा हो गया है। गांव के लोग कई महीनों से अवैध खनन की शिकायतें करते आ रहे हैं, लेकिन अधिकारी शिकायतों को नजर अंदाज कर देते हैं। वहीं यमुनानदी के घाटों पर पत्थरों की ठोकरों को हो रहे नुकसान की भरपाई ठेकेदारों से करने की मांग की गई। इस अवसर पर सर्वजीतसिंह, बलजीत सिंह, प्रगट ङ्क्षसह, बलविंद्र सिंह, सलिन्द्रसिंह, निरवैरसिंह, भागसिंह, गुलाबसिंह, शुभम, पारस, गुरदेवसिंह, अवतारसिंह, चमकौर सिह, गुरमुख सिंह, पाल सिंह, सुरेश कुमछार, कृष्णा, बादल सिंह, लाडी व निशान सिंह आदि मौजूद थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग रोकने में सरकारी मशीनरी को नाकाम होते देख ग्रामीणों की उम्मीद एनजीटी (राष्ट्रीय हरित अधिकरण, दिल्ली) पर टिक गई। यमुना नदी के घाटों पर चल रहे अवैध खनन और ओवरलोडिंग को लेकर बुधवार को गांव गुमथला राव में क्षेत्र के लोगों की पंचायत हुई। इसमें ग्रामीणों ने एक सुर में कहा कि, जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग नहीं होने देंगे। पंचायत में इसको रोकने के लिए एनजीटी में शिकायत करने पर भी सहमति बनी।
गांव गुमथला के पूर्व सरपंच सुरजीत सिंह भूरा, हरियाणा एंटी करप्शन सोसायटी के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट वरयामसिंह, सलिंद्र सिंह, पारस, कुलवंत सिंह आदि के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने पंचायत में भाग लिया। बैठक में प्रशासन के अधिकारियों की ओर से घाट के ठेकेदारों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया गया। वहीं, ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई न किए जाने पर पुलिस विभाग के प्रति ग्रामीणों ने नारेबाजी की। ग्रामीणों ने पंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि अब यमुना नदी के घाटों पर अवैध खनन नहीं होने दिया जाएगा और न ही ओवरलोड वाहनों को क्षेत्र की सड़कों पर चलने दिया जाएगा। गांव के लोग अपने घाटों और अपनी सड़कों की खुद सुरक्षा करेंगे।
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ठोकरों को नुकसान की भरपाई ठेकेदार से करें
एडवोकेट वरयाम सिंह ने बताया कि एक वर्ष पहले यमुनानदी के कई घाटों पर ठेकेदारों की ओर से खनन करने के लिए ठेका लिया गया था। इस एक वर्ष के दौरान घाट के ठेकेदारों ने यमुनानदी में 10-10 फीट तक रेत खनन करने की बजाय 30 से 40 फीट तक अवैध खनन कर डाला है। बडे़ पैमाने पर अवैध खनन किए जाने से जठलाना क्षेत्र के यमुना नदी किनारे बसे गांव के लिए खतरा पैदा हो गया है। गांव के लोग कई महीनों से अवैध खनन की शिकायतें करते आ रहे हैं, लेकिन अधिकारी शिकायतों को नजर अंदाज कर देते हैं। वहीं यमुनानदी के घाटों पर पत्थरों की ठोकरों को हो रहे नुकसान की भरपाई ठेकेदारों से करने की मांग की गई। इस अवसर पर सर्वजीतसिंह, बलजीत सिंह, प्रगट ङ्क्षसह, बलविंद्र सिंह, सलिन्द्रसिंह, निरवैरसिंह, भागसिंह, गुलाबसिंह, शुभम, पारस, गुरदेवसिंह, अवतारसिंह, चमकौर सिह, गुरमुख सिंह, पाल सिंह, सुरेश कुमछार, कृष्णा, बादल सिंह, लाडी व निशान सिंह आदि मौजूद थे।
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