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14 घंटे बाद नहर से निकाली कार, तीन शव बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर।
Updated Tue, 05 Aug 2014 12:12 AM IST
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बाड़ीमाजरा पुल के समीप पश्चिमी यमुना नहर में गिरी कार को रेस्क्यू टीम द्वारा सोमवार को दोपहर बारह बजे निकाल लिया गया। कार से मधु कॉलोनी निवासी अनिल खेड़ा (47), उनके बेटे हर्षित (12) और बेटी तान्या (16) के शव मिले।
जबकि हादसे के समय कार में सवार उनकी पत्नी चंचल उर्फ कोमल (43) और तीन वर्षीय भतीजी आहाना का कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
मधु कॉलोनी निवासी मंगतराम खेडा (न्यू मार्केट स्थित खेड़ा क्लॉथ हाउस के संचालक) ने बताया कि रविवार की देर शाम में उनका बड़ा बेटा अनिल खेड़ा पत्नी व दो बच्चों और भतीजी के साथ ऑल्टो कार में सवार होकर घर से बाड़ीमाजरा पुल के समीप घाट पर बने मंदिर के लिए निकले थे।
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देर रात जब वह घर नहीं लौटे तो उन्होंने अनिल से फोन पर संपर्क करना चाहा, लेकिन उसका फोन नहीं लग पाया। काफी कोशिश करने के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला, तो उन्हाेंने इस बारे में पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। जहां से उन्हें पता चला कि बाड़ीमाजरा पुल के समीप एक कार मिलने की सूचना है। उनके परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन रात में रेसक्यू टीम द्वारा कार को नहर से नहीं निकाला जा सका था।
सोमवार दोपहर करीब बारह बजे क्रेन से कार को निकाला गया, जिसमें से तीन शव बरामद किए गए। जिनकी शिनाख्त परिजनों द्वारा अनिल खेडा और उनके बेटे हर्षित व बेटी तान्या के रूप में की गई। रेसक्यू टीम द्वारा नहर में उनकी पत्नी चंचल उर्फ कोमल और तीन वर्षीय भतीजी आहाना की तलाश जारी है।
हादसे में उजड़ गया खुशहाल परिवार
मृतक अनिल के छोटे भाई हरीश के मुताबिक उनके बड़े भाई अनिल और वे एक ही मकान में रहते थे। न्यू मार्केट स्थित खेड़ा क्लॉथ हाउस के संचालक मंगत राम खेड़ा के बेटे अनिल के परिवार के साथ हुए हादसे की सूचना मिलते ही सोमवार को व्यापारी वर्ग के दर्जनाें लोग और इस्जेक कंपनी में कार्यरत अनिल के साथी कर्मचारी भी परिजनाें को सांत्वना देने पहुंचे। सिविल अस्पताल में शवों के पोस्टमार्टम के दौरान मंगतराम खेड़ा अैर उनके छोटे बेटे हरीश के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। परिजनों के अनुसार परिवार में हरीश की तीन वर्षीय बेटी आहाना के शामिल होने पर घर में खुशी का माहौल था, जिसे अभी जगाधरी के सेंट पीटर्स पब्लिक स्कूल में प्री-नर्सरी कक्षा में एडमिशन दिलाया था। लेकिन हादसे के बाद खुशी का माहौल मातम में तब्दील हो गया। हादसे में मारे गए अनिल खेड़ा इस्जेक कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे, जबकि अनिल की पत्नी चंचल उर्फ कोमल सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल में हिंदी की अध्यापिका थी।
अनिल के दोनों बच्चे पढ़ाई में रहते थे अव्वल
मृतक अनिल की बड़ी बेटी तान्या डॉक्टर बनना चाहती थी, सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से दसवीं कक्षा में अच्छे नंबर से पास होने के बाद उसने थापर ग्राउंड स्थितस्वामी विवेकानंद पब्ल्कि स्कूल में मेडिकल से ग्यारहवीं कक्षा में एडमिशन लिया। परिजनों के मुताबिक तान्या बचपन से ही डॉक्टर बनने का ख्वाब बुनने लगी थी और पूरी लगन से पढ़ाई कर क्लास में टॉपर रहती थी। वहीं, अनिल का छोटा बेटा हर्षित भी पढ़ाई में अव्वल रेंक पर रहता था, जो सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल में सातवीं में पढ़ रहा था।
सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों को सांत्वना देने पहुंची सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर टेसवीन ने बताया कि दोनों ही बच्चे तान्या और हर्षित पढ़ाई में अव्वल रहते थे। उनकी मां चंचल उर्फ कोमल पिछले 16 वर्षों से सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल में हिंदी की अध्यापिका थीं और सभी के साथ उनका व्यवहार काफी मिलनसार रहा। इस शोक की घड़ी में स्कूल स्टाफ उनके परिवार के साथ है।
इसी कारण स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मिक शांति की प्रार्थना की गई और मंगलवार की छुट्टी घोषित कर दी गई है। सिस्टर टेस्वीन के साथ स्कूल स्टाफ से मैनेजर सिस्टर एमी, संजय कुठियाल, मानव शर्मा, उर्वशी, शैलजा सूद, माधवी, रविंद्र शर्मा, संगीता, बिंदू जूनेजा, गुरदीप सिंह, पावना, जीवन कुमार, अमित वर्मा, सुमित वर्मा भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
पुलिस गाड़ी स्लिप होना बता रही हादसे का कारण
हादसे के बाद मामले की जांच में जुटी पुलिस के मुताबिक घटनास्थल पर जमा कीचड़ के कारण कार स्लिप होकर नहर में जा गिरी। पुलिस प्रवक्ता जगबीर सिंह ने बताया कि अभी तक प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पाया है कि कार स्लिप होने या फिर अनियंत्रित होने के कारण पश्चिमी यमुना नहर में गिरी है। कार को नहर से निकालने के बाद उससे बरामद तीन शवाें को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें परिजनों के हवाले कर दिया है। अन्य शवों की तलाश जारी है।
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जबकि हादसे के समय कार में सवार उनकी पत्नी चंचल उर्फ कोमल (43) और तीन वर्षीय भतीजी आहाना का कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया।
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मधु कॉलोनी निवासी मंगतराम खेडा (न्यू मार्केट स्थित खेड़ा क्लॉथ हाउस के संचालक) ने बताया कि रविवार की देर शाम में उनका बड़ा बेटा अनिल खेड़ा पत्नी व दो बच्चों और भतीजी के साथ ऑल्टो कार में सवार होकर घर से बाड़ीमाजरा पुल के समीप घाट पर बने मंदिर के लिए निकले थे।
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देर रात जब वह घर नहीं लौटे तो उन्होंने अनिल से फोन पर संपर्क करना चाहा, लेकिन उसका फोन नहीं लग पाया। काफी कोशिश करने के बाद भी जब उनका कुछ पता नहीं चला, तो उन्हाेंने इस बारे में पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। जहां से उन्हें पता चला कि बाड़ीमाजरा पुल के समीप एक कार मिलने की सूचना है। उनके परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन रात में रेसक्यू टीम द्वारा कार को नहर से नहीं निकाला जा सका था।
सोमवार दोपहर करीब बारह बजे क्रेन से कार को निकाला गया, जिसमें से तीन शव बरामद किए गए। जिनकी शिनाख्त परिजनों द्वारा अनिल खेडा और उनके बेटे हर्षित व बेटी तान्या के रूप में की गई। रेसक्यू टीम द्वारा नहर में उनकी पत्नी चंचल उर्फ कोमल और तीन वर्षीय भतीजी आहाना की तलाश जारी है।
हादसे में उजड़ गया खुशहाल परिवार
मृतक अनिल के छोटे भाई हरीश के मुताबिक उनके बड़े भाई अनिल और वे एक ही मकान में रहते थे। न्यू मार्केट स्थित खेड़ा क्लॉथ हाउस के संचालक मंगत राम खेड़ा के बेटे अनिल के परिवार के साथ हुए हादसे की सूचना मिलते ही सोमवार को व्यापारी वर्ग के दर्जनाें लोग और इस्जेक कंपनी में कार्यरत अनिल के साथी कर्मचारी भी परिजनाें को सांत्वना देने पहुंचे। सिविल अस्पताल में शवों के पोस्टमार्टम के दौरान मंगतराम खेड़ा अैर उनके छोटे बेटे हरीश के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। परिजनों के अनुसार परिवार में हरीश की तीन वर्षीय बेटी आहाना के शामिल होने पर घर में खुशी का माहौल था, जिसे अभी जगाधरी के सेंट पीटर्स पब्लिक स्कूल में प्री-नर्सरी कक्षा में एडमिशन दिलाया था। लेकिन हादसे के बाद खुशी का माहौल मातम में तब्दील हो गया। हादसे में मारे गए अनिल खेड़ा इस्जेक कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे, जबकि अनिल की पत्नी चंचल उर्फ कोमल सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल में हिंदी की अध्यापिका थी।
अनिल के दोनों बच्चे पढ़ाई में रहते थे अव्वल
मृतक अनिल की बड़ी बेटी तान्या डॉक्टर बनना चाहती थी, सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल से दसवीं कक्षा में अच्छे नंबर से पास होने के बाद उसने थापर ग्राउंड स्थितस्वामी विवेकानंद पब्ल्कि स्कूल में मेडिकल से ग्यारहवीं कक्षा में एडमिशन लिया। परिजनों के मुताबिक तान्या बचपन से ही डॉक्टर बनने का ख्वाब बुनने लगी थी और पूरी लगन से पढ़ाई कर क्लास में टॉपर रहती थी। वहीं, अनिल का छोटा बेटा हर्षित भी पढ़ाई में अव्वल रेंक पर रहता था, जो सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल में सातवीं में पढ़ रहा था।
सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों को सांत्वना देने पहुंची सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर टेसवीन ने बताया कि दोनों ही बच्चे तान्या और हर्षित पढ़ाई में अव्वल रहते थे। उनकी मां चंचल उर्फ कोमल पिछले 16 वर्षों से सेक्रेट हार्ट कॉन्वेंट स्कूल में हिंदी की अध्यापिका थीं और सभी के साथ उनका व्यवहार काफी मिलनसार रहा। इस शोक की घड़ी में स्कूल स्टाफ उनके परिवार के साथ है।
इसी कारण स्कूल में प्रार्थना सभा के दौरान दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मिक शांति की प्रार्थना की गई और मंगलवार की छुट्टी घोषित कर दी गई है। सिस्टर टेस्वीन के साथ स्कूल स्टाफ से मैनेजर सिस्टर एमी, संजय कुठियाल, मानव शर्मा, उर्वशी, शैलजा सूद, माधवी, रविंद्र शर्मा, संगीता, बिंदू जूनेजा, गुरदीप सिंह, पावना, जीवन कुमार, अमित वर्मा, सुमित वर्मा भी परिवार को सांत्वना देने पहुंचे।
पुलिस गाड़ी स्लिप होना बता रही हादसे का कारण
हादसे के बाद मामले की जांच में जुटी पुलिस के मुताबिक घटनास्थल पर जमा कीचड़ के कारण कार स्लिप होकर नहर में जा गिरी। पुलिस प्रवक्ता जगबीर सिंह ने बताया कि अभी तक प्रारंभिक जांच में पुलिस ने पाया है कि कार स्लिप होने या फिर अनियंत्रित होने के कारण पश्चिमी यमुना नहर में गिरी है। कार को नहर से निकालने के बाद उससे बरामद तीन शवाें को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद उन्हें परिजनों के हवाले कर दिया है। अन्य शवों की तलाश जारी है।