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सोमनदी में उफान से 12 गांवों की 300 एकड़ फसल नष्ट
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12 village crops destroyed due to boom in somnadi
- फोटो : Yamuna Nagar
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सोमनदी में उफान के बाद आसपास गांवों में पानी का नुकसान नजर आना शुरू हो गया है। सबसे अधिक नुकसान गांव मलिकपुर बांगर के आसपास के क्षेत्र हो हुआ है। आसपास के गांवों की सैकड़ों एकड़ फसल में गाद, रेत और मिट्टी जमा होने से किसानों की धान की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। वहीं दर्जन से अधिक गांवों के किसानों की लगभग चार सौ एकड़ से अधिक धान, गन्ने व पशुओं के चारे की फसल खराब होने के कगार पर पहुंच गई है। उपमंडल प्रशासन की उदासीनता यही से प्रदर्शित होती है कि लगभग एक सप्ताह गुजर जाने के बाद भी किसी भी प्रशासनिक अधिकारी ने नुकसान का जायजा लेने की जहमत नही उठाई।
ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से विशेष गिरदावारी करा उचित मुआवजे की मांग की है। उपमंडल के गांव मलिकपुर बांगर के किसानों का कहना है कि सोमनदी के पश्चित छोर पर रणजीतपुर से गांव भमनौली तक लगभग 13 किलोमीटर तक पटड़ी लगाई गई है। लेकिन, गांव मलिकपुर बांगर की सीमा से लेकर पुल तक पटडी का निर्माण ना होने से नदी का उफान आसपास के लगभग तीन सौ एकड़ से अधिक फसल को अपनी चपेट में ले लेता है। जिस कारण हर साल किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पटडी निर्माण कर बाढ़ के पानी का सुमचित प्रबंध करने की मांग की है।
गांव मलिकपुर बांगर के किसान विजय राणा, अमीर चंद, मोहील राणा, चुनी लाल, रिषी पाल, शमशेर राणा, नरेन्द्र राणा, संदीप शर्मा, कुलदीप राणत्ना, राकेश राण, राजेश शर्मा, राहुल राणा, वीर बहादुर का कहना है कि सोमनदी पर बने पुल की समय से सफाई ना होने के कारण व गांव की ओर सोमनदी की लगभग पंद्रह सौ फुट पटड़ी का निर्माण ना होने के कारण नदी के उफान का सारा पानी खेतों की ओर रूख कर जाता है ओर भारी तबाही मचाता है। समय रहते पुख्ता प्रबंध नही किए गए तो नदी के उफान का पानी खेतों के रास्ते गांव के ग्रामीणों के घरों में प्रवेश कर तबाही मचा देगा।
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गांव काठगढ़ से रामपुर गेढ़ा को जोड़ने वाले पुल के आस पास के अवैध खनन माफिया के द्वारा नियम को ताक पर रख कर खनन करने से आस पास के क्षेत्र के किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। गांव के किसान सेठपाल, रिषीपाल, फकीर चंद, पहल सिंह, सरूप सिंह, नीटू, ओम प्रकाश, बचना राम ने बताया कि अवैध खनन माफिया के द्वारा नदी के दोनेां ओर नियमों को ताक पर रखकर खनन किया जाता है जिसके कारण मानसून सीजन में नदी के उफान आने परे पानी का रूख किसानेां के ख्ेातों की ओर हो जाता है ओर भारी तबाही मचाता है। लगभग एक सप्ताह पूर्व सोमनदी में आए उफान से आस पास के किसानों के लगभग साठ एकड़ से अधिक धान गन्ने व पशुओं के चारे की फसल का नुकसान हो चुका है। समय रहते पुख्ता प्रबंध नही किए गए तो सोमनदी में दोबारा बाढ़ आने से किसानों केा भारी नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है सोमनदी के उफान की खबर से जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने मौके का दौरा कर अपने कार्य की इतिश्री कर ली लेकिन खेतों में पानी को घुसने से रोकने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नही किए है। जिसके कारण किसानों को दिन रात अपनी फसल को बचाने की चिंता सता रही है। ग्रामीणों ने उपमंडल प्रशासन से नदी के किनारे खेतों के समीप पटड़ी का निर्माण करने की मांग रखी है।
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ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से विशेष गिरदावारी करा उचित मुआवजे की मांग की है। उपमंडल के गांव मलिकपुर बांगर के किसानों का कहना है कि सोमनदी के पश्चित छोर पर रणजीतपुर से गांव भमनौली तक लगभग 13 किलोमीटर तक पटड़ी लगाई गई है। लेकिन, गांव मलिकपुर बांगर की सीमा से लेकर पुल तक पटडी का निर्माण ना होने से नदी का उफान आसपास के लगभग तीन सौ एकड़ से अधिक फसल को अपनी चपेट में ले लेता है। जिस कारण हर साल किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पटडी निर्माण कर बाढ़ के पानी का सुमचित प्रबंध करने की मांग की है।
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गांव मलिकपुर बांगर के किसान विजय राणा, अमीर चंद, मोहील राणा, चुनी लाल, रिषी पाल, शमशेर राणा, नरेन्द्र राणा, संदीप शर्मा, कुलदीप राणत्ना, राकेश राण, राजेश शर्मा, राहुल राणा, वीर बहादुर का कहना है कि सोमनदी पर बने पुल की समय से सफाई ना होने के कारण व गांव की ओर सोमनदी की लगभग पंद्रह सौ फुट पटड़ी का निर्माण ना होने के कारण नदी के उफान का सारा पानी खेतों की ओर रूख कर जाता है ओर भारी तबाही मचाता है। समय रहते पुख्ता प्रबंध नही किए गए तो नदी के उफान का पानी खेतों के रास्ते गांव के ग्रामीणों के घरों में प्रवेश कर तबाही मचा देगा।
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गांव काठगढ़ से रामपुर गेढ़ा को जोड़ने वाले पुल के आस पास के अवैध खनन माफिया के द्वारा नियम को ताक पर रख कर खनन करने से आस पास के क्षेत्र के किसानों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। गांव के किसान सेठपाल, रिषीपाल, फकीर चंद, पहल सिंह, सरूप सिंह, नीटू, ओम प्रकाश, बचना राम ने बताया कि अवैध खनन माफिया के द्वारा नदी के दोनेां ओर नियमों को ताक पर रखकर खनन किया जाता है जिसके कारण मानसून सीजन में नदी के उफान आने परे पानी का रूख किसानेां के ख्ेातों की ओर हो जाता है ओर भारी तबाही मचाता है। लगभग एक सप्ताह पूर्व सोमनदी में आए उफान से आस पास के किसानों के लगभग साठ एकड़ से अधिक धान गन्ने व पशुओं के चारे की फसल का नुकसान हो चुका है। समय रहते पुख्ता प्रबंध नही किए गए तो सोमनदी में दोबारा बाढ़ आने से किसानों केा भारी नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है सोमनदी के उफान की खबर से जिला प्रशासन के आला अधिकारियों ने मौके का दौरा कर अपने कार्य की इतिश्री कर ली लेकिन खेतों में पानी को घुसने से रोकने के लिए कोई पुख्ता प्रबंध नही किए है। जिसके कारण किसानों को दिन रात अपनी फसल को बचाने की चिंता सता रही है। ग्रामीणों ने उपमंडल प्रशासन से नदी के किनारे खेतों के समीप पटड़ी का निर्माण करने की मांग रखी है।