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हरियाणा के सदन में दो महिलाओं ने संभाला मोर्चा
चंडीगढ़/प्रवीण पाण्डेय
Updated Tue, 10 Sep 2013 01:29 AM IST
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हरियाणा विधानसभा में सत्तापक्ष के सामने अपनी बात सशक्त ढंग से रखने वाले विपक्ष के कद्दावर नेता भले ही सदन में मौजूद नहीं थे, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी में दो महिला विधायकों ने पूरी तरह मोर्चा संभाला।
भाजपा विधायक कविता जैन और हजकां विधायक रेणुका बिश्नोई ने सदन में शोक प्रस्ताव पढ़े जाने के तुरंत बाद ही स्पीकर से निलंबित विधायकों को सदन में आने की अनुमति देने की मांग की।
कविता जैन स्पीकर के समक्ष निलंबित विधायकों को बुलाए जाने की मांग को लेकर अड़ गईं। इसी दौरान संसदीय कार्यमंत्री सुरजेवाला ने तकनीकी तौर पर दोनों विधायकों को समझाने का प्रयास करते हुए यह मुद्दा शून्यकाल के दौरान रखने को कहा, लेकिन महिला विधायकों ने नहीं सुनी।
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दोनों विधायक स्पीकर से आश्वासन चाह रही थीं। वहीं सीडी मामले की जांच को लेकर सदन में नारे भी लगाए गए।
इस दौरान रणदीप सुरजेवाला और सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा ने भी दोनों महिलाओं के बात रखने के ढंग पर आपत्ति की, लेकिन वे अड़ी रहीं।
बात बढ़ती देख सुरजेवाला ने फिर से तकनीकी पहलू को आगे रखते हुए सवाल किया कि वे मामले की जांच करवाने को तैयार हैं, बशर्ते कविता जैन इस मामले में लिखित शिकायत दें।
बाद में प्रेस गैलरी में पत्रकारों से बातचीत में कविता जैन ने कहा कि सदन में सब कुछ रिकार्डेड होता है, वहां कोई बात लिखकर देने की जरूरत नहीं है।
उन्हें सदन में अपनी बात नहीं रखने दी गई, सत्तापक्ष के विधायकों ने दबाव बनाने का प्रयास किया है। विधानसभा के बाहर बैठे भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज ने भी उनकी बात का समर्थन किया है।
बर्खास्त हो सदस्यता
रिश्वत सीडी कांड में फंसे पांच कांग्रेसी विधायकों की बर्खास्तगी के लिए इनेलो ने कई जिलों में प्रदर्शन किया। इनेलो कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जींद, हिसार, पलवल, फतेहाबाद, रेवाड़ी, झज्जर और पंचकूला में जोरदार प्रदर्शन किया और जिला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इनेलो पदाधिकारियों ने मांग की कि सीडी में जो कांग्रेसी हैं, उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जाए।
ये कांग्रेसी फंसे हैं विवाद में
शुक्रवार को इनेलो ने सीपीएस और बवानीखेड़ा से विधायक रामकिशन फौजी की सीडी जारी की। आरोप है कि इस सीडी में वे सीएलयू के लिए पांच करोड़ रुपये मांग रहे हैं।
इसके बाद शनिवार को इनेलो ने हांसी के विधायक विनोद भ्याणा, बरवाला विधायक रामनिवास घोड़ेला, उकलाना विधायक व सैलजा समर्थक नरेश सेलवाल और रतिया विधायक जरनैल सिंह की सीडी जारी की।
इनके अलावा नलवा विधायक संपत सिंह के बेटे गौरव सिंह, संजय छोक्कर और जलेब खान के बेटे साजिद खाद के नाम की भी सीडी इनेलो ने सार्वजनिक की। इनेलो ने सभी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए हैं।
सीडी कांड की जांच लोकायुक्त करेंगे
चंडीगढ़। हरियाणा के दो मुख्य संसदीय सचिवों रामकिशन फौजी और विनोद भ्याणा, तीन विधायकों रामनिवास घोड़ेला, नरेश सेलवाल और जरनैल सिंह, मुख्य संसदीय सचिव जलेब खान के बेटे साजिद खान और विधायक संपत सिंह के बेटे गौरव संपत सिंह की सीडी मामले की जांच लोकायुक्त करेंगे। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को विधानसभा में की।
मुख्यमंत्री ने शून्यकाल में संबंधित विधायकों द्वारा यह मामला उठाए जाने और जांच कराने की मांग पर लोकायुक्त से जांच की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोकायुक्त के पास संदर्भ भेजेगी कि जिस मामले में सीडी की बात की गई है, उसमें पैसे का लेनदेन हुआ या नहीं और जिस काम के लिए पैसे की बात कही गई है, वह काम हुआ है या नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा, चाहे विधायक हो या कोई और। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा सरकार को बदनाम करने और लोगों को गुमराह करने के लिए षड्यंत्र रचा गया था।
अगर किसी के पास सुबूत होते तो उन्होंने लोकायुक्त के पास शिकायत क्यों नहीं की? यह मामला विधानसभा में क्यों नहीं उठाया।
विधानसभा के बाहर सत्र शुरू होने से पहले कथित सीडी जारी करने के पीछे असली मकसद क्या था? मुख्यमंत्री ने कहा कि दरअसल विधानसभा में चौटाला परिवार से संबंधित ट्रस्टों, सोसायटियों की जमीन से संबंधित रिपोर्ट सदन में पेश होनी थी इसलिए विपक्ष ने सीडी प्रकरण के जरिए कार्यवाही में बाधा डाली।
इनेलो सरकार ने झूठे मामले दर्ज किए
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा में कहा कि इनेलो सरकार में झूठे मामले दर्ज होते थे। आनंद सिंह दांगी के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए थे। कई अन्य के खिलाफ भी दर्ज हुए। मगर वे (सीएम) राजनीतिक द्वेष से ऐसा काम नहीं करते। इनेलो नेताओं को यह बात रास नहीं आ रही है कि कांग्रेस की दूसरी बार सरकार कैसे बन गई। इनेलो सरकार जाने के बाद दस विधायक भी नहीं बन पाए थे। नौ विधायक ही बने थे।
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भाजपा विधायक कविता जैन और हजकां विधायक रेणुका बिश्नोई ने सदन में शोक प्रस्ताव पढ़े जाने के तुरंत बाद ही स्पीकर से निलंबित विधायकों को सदन में आने की अनुमति देने की मांग की।
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कविता जैन स्पीकर के समक्ष निलंबित विधायकों को बुलाए जाने की मांग को लेकर अड़ गईं। इसी दौरान संसदीय कार्यमंत्री सुरजेवाला ने तकनीकी तौर पर दोनों विधायकों को समझाने का प्रयास करते हुए यह मुद्दा शून्यकाल के दौरान रखने को कहा, लेकिन महिला विधायकों ने नहीं सुनी।
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दोनों विधायक स्पीकर से आश्वासन चाह रही थीं। वहीं सीडी मामले की जांच को लेकर सदन में नारे भी लगाए गए।
इस दौरान रणदीप सुरजेवाला और सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री हरमोहिंद्र सिंह चट्ठा ने भी दोनों महिलाओं के बात रखने के ढंग पर आपत्ति की, लेकिन वे अड़ी रहीं।
बात बढ़ती देख सुरजेवाला ने फिर से तकनीकी पहलू को आगे रखते हुए सवाल किया कि वे मामले की जांच करवाने को तैयार हैं, बशर्ते कविता जैन इस मामले में लिखित शिकायत दें।
बाद में प्रेस गैलरी में पत्रकारों से बातचीत में कविता जैन ने कहा कि सदन में सब कुछ रिकार्डेड होता है, वहां कोई बात लिखकर देने की जरूरत नहीं है।
उन्हें सदन में अपनी बात नहीं रखने दी गई, सत्तापक्ष के विधायकों ने दबाव बनाने का प्रयास किया है। विधानसभा के बाहर बैठे भाजपा विधायक दल के नेता अनिल विज ने भी उनकी बात का समर्थन किया है।
बर्खास्त हो सदस्यता
रिश्वत सीडी कांड में फंसे पांच कांग्रेसी विधायकों की बर्खास्तगी के लिए इनेलो ने कई जिलों में प्रदर्शन किया। इनेलो कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जींद, हिसार, पलवल, फतेहाबाद, रेवाड़ी, झज्जर और पंचकूला में जोरदार प्रदर्शन किया और जिला अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इनेलो पदाधिकारियों ने मांग की कि सीडी में जो कांग्रेसी हैं, उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द की जाए।
ये कांग्रेसी फंसे हैं विवाद में
शुक्रवार को इनेलो ने सीपीएस और बवानीखेड़ा से विधायक रामकिशन फौजी की सीडी जारी की। आरोप है कि इस सीडी में वे सीएलयू के लिए पांच करोड़ रुपये मांग रहे हैं।
इसके बाद शनिवार को इनेलो ने हांसी के विधायक विनोद भ्याणा, बरवाला विधायक रामनिवास घोड़ेला, उकलाना विधायक व सैलजा समर्थक नरेश सेलवाल और रतिया विधायक जरनैल सिंह की सीडी जारी की।
इनके अलावा नलवा विधायक संपत सिंह के बेटे गौरव सिंह, संजय छोक्कर और जलेब खान के बेटे साजिद खाद के नाम की भी सीडी इनेलो ने सार्वजनिक की। इनेलो ने सभी पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए हैं।
सीडी कांड की जांच लोकायुक्त करेंगे
चंडीगढ़। हरियाणा के दो मुख्य संसदीय सचिवों रामकिशन फौजी और विनोद भ्याणा, तीन विधायकों रामनिवास घोड़ेला, नरेश सेलवाल और जरनैल सिंह, मुख्य संसदीय सचिव जलेब खान के बेटे साजिद खान और विधायक संपत सिंह के बेटे गौरव संपत सिंह की सीडी मामले की जांच लोकायुक्त करेंगे। इसकी घोषणा मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोमवार को विधानसभा में की।
मुख्यमंत्री ने शून्यकाल में संबंधित विधायकों द्वारा यह मामला उठाए जाने और जांच कराने की मांग पर लोकायुक्त से जांच की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लोकायुक्त के पास संदर्भ भेजेगी कि जिस मामले में सीडी की बात की गई है, उसमें पैसे का लेनदेन हुआ या नहीं और जिस काम के लिए पैसे की बात कही गई है, वह काम हुआ है या नहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगा, चाहे विधायक हो या कोई और। उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा सरकार को बदनाम करने और लोगों को गुमराह करने के लिए षड्यंत्र रचा गया था।
अगर किसी के पास सुबूत होते तो उन्होंने लोकायुक्त के पास शिकायत क्यों नहीं की? यह मामला विधानसभा में क्यों नहीं उठाया।
विधानसभा के बाहर सत्र शुरू होने से पहले कथित सीडी जारी करने के पीछे असली मकसद क्या था? मुख्यमंत्री ने कहा कि दरअसल विधानसभा में चौटाला परिवार से संबंधित ट्रस्टों, सोसायटियों की जमीन से संबंधित रिपोर्ट सदन में पेश होनी थी इसलिए विपक्ष ने सीडी प्रकरण के जरिए कार्यवाही में बाधा डाली।
इनेलो सरकार ने झूठे मामले दर्ज किए
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने विधानसभा में कहा कि इनेलो सरकार में झूठे मामले दर्ज होते थे। आनंद सिंह दांगी के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए थे। कई अन्य के खिलाफ भी दर्ज हुए। मगर वे (सीएम) राजनीतिक द्वेष से ऐसा काम नहीं करते। इनेलो नेताओं को यह बात रास नहीं आ रही है कि कांग्रेस की दूसरी बार सरकार कैसे बन गई। इनेलो सरकार जाने के बाद दस विधायक भी नहीं बन पाए थे। नौ विधायक ही बने थे।