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बहादुरगढ़: टीकरी बॉर्डर पर दो और प्रदर्शनकारियों की मौत, तीन दिन में जा चुकी है सात किसानों की जान
Sat, 30 Oct 2021 10:48 AM IST
प्रमोद कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (झज्जर)
संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (झज्जर)
Published by: प्रमोद कुमार
Updated Sat, 30 Oct 2021 10:48 AM IST
सार
बहादुरगढ़ में टीकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन में शामिल दो और प्रदर्शनकारियों की मौत होने का मामला सामने आया है। एक किसान पंजाब के फिरोजपुर और दूसरा हरियाणा के जींद का रहने वाला है। किसानों की मौत के पीछे कारण क्या रहे, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। बता दें कि तीन दिन में अब तक सात किसानों की मौत हो चुकी है। पुलिस जांच कर रही है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
तीन नए केंद्रीय कृषि संबंधी कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसान आंदोलनकारियों के बहादुरगढ़ स्थित टीकरी बॉर्डर पड़ाव में शुक्रवार रात को भी दो किसानों की मौत हो गई। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया। मृतकों में एक किसान पंजाब का और दूसरा हरियाणा का निवासी था। दोनों की मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। किसान आंदोलनकारियों के पड़ाव में नजफगढ़ रोड फ्लाईओवर के पास टेंट में शुक्रवार रात को लगभग एक बजे पंजाब के जिला फिरोजपुर के गांव काबर बच्चा के निवासी जगतार सिंह पुत्र तेजाराम (57 वर्ष) को मृत अवस्था में पाया गया।
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परिजनों के आने पर होंगे बयान
उधर, बाईपास पर किसान चौक के निकट बिजली के पोल नंबर 260 के पास भी जिला जींद के गांव शाहपुर कंडेला के एक किसान की मौत हो गई। किसान करण सिंह (60 वर्ष) की मृत्यु शनिवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे हुई। इससे पहले वह चाय के लिए दूध लेकर आए थे। लौटने के कुछ ही मिनट बाद उनकी तबीयत खराब हो गई और मृत्यु हो गई। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है। मृतकों के परिजनों के आने के बाद उनके बयानों के आधार पर शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही मौत के कारणों का खुलासा होने की संभावना है।
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तीन महिलाओं को कुचल दिया था डंपर ने
वीरवार से शनिवार तक तीन दिन की अवधि में सात आंदोलनकारियों की मौत हो चुकी है। वीरवार सुबह पंजाब लौट रही मानसा जिले की तीन किसान महिलाओं की शहर में झज्जर रोड पर डंपर से कुचले जाने के कारण मौत हो गई थी। उसके बाद वीरवार को ही बठिंडा जिले के एक ही गांव के दो किसानों की उनके टेंट में दो घंटे के अंतराल में मौत हो गई थी। वीरवार की घटनाओं में मरे पांचों आंदोलनकारियों के शवों का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया गया। बठिंडा जिले के किसानों की मौत के कारण भी फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।