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Haryana: अध्यापक करेंगे बीएलओ ड्यूटी, शिक्षा विभाग का चुनाव आयोग ने नकारा सुझाव
Wed, 10 Dec 2025 10:56 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Wed, 10 Dec 2025 10:56 PM IST
सार
भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार ग्रुप-सी कर्मचारी, आंगनबाड़ी वर्कर, संविदा शिक्षक और केंद्र सरकार के कर्मचारी भी बीएलओ बनाए जा सकते हैं।
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चुनाव आयोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से शिक्षा विभाग को निर्देश जारी किया गया है कि जिन अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों को सुपरवाइजर या बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की जिम्मेदारी सौंपी गई है वे निर्धारित समय सीमा में अपना कार्य पूरा करें। यह आदेश मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए जारी किया गया है।
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कुछ दिन पहले शिक्षा विभाग से शिक्षकों को बीएलओ की ड्यूटी से मुक्त करने के निर्देश जारी हुए थे। इस पर चुनाव विभाग ने साफ किया है कि बीएलओ ड्यूटी को आवश्यक और अनिवार्य माना जाएगा। आयोग के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने 2007 के फैसले में कहा है कि सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी चुनाव और मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में लगाए जा सकते हैं।
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भारत निर्वाचन आयोग की गाइडलाइन के अनुसार ग्रुप-सी कर्मचारी, आंगनबाड़ी वर्कर, संविदा शिक्षक और केंद्र सरकार के कर्मचारी भी बीएलओ बनाए जा सकते हैं।
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