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लोक अदालत ने निजी अस्पताल पर लगाया जुर्माना
सिरसा/ब्यूरो
Updated Fri, 06 Dec 2013 09:33 PM IST
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हरियाणा के जिला सिरसा में लोक अदालत ने बच्चे की जन्मतिथि गलत बताने पर सरकुलर रोड स्थित एक निजी अस्पताल की संचालिका पर 5000 रुपये जुर्माना लगाया है। यह राशि याचिकाकर्त्ता को दी जाएगी।
गोबिंद नगर की गली नंबर पांच निवासी साहिल भाटिया ने स्थायी अदालत में एक याचिका दाखिल कर कहा कि सरकुलर रोड स्थित बांसल नर्सिंग होम में उसका चार मार्च 1992 को जन्म हुआ था।
अस्पताल संचालिका डॉ. प्रोमिला बांसल की गलती से रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु के पास उसका जन्म तीन मार्च 1992 दर्ज किया गया। उसके स्कूल रिकार्ड और सर्टिफिकेट में उसकी जन्मतिथि चार मार्च 1992 ही अंकित है।
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इस मामले में जब उसने जन्मतिथि में सुधार के लिए आवेदन किया तो नगर परिषद स्थित रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु ने इस दलील के साथ उसका आवेदन खारिज कर दिया कि बांसल नर्सिंग होम द्वारा उसकी जन्मतिथि तीन मार्च 1992 दर्शाई गई थी। इसी के आधार पर रजिस्ट्रार ने जन्म प्रमाणपत्र जारी किया है।
इसके बाद साहिल भाटिया ने लोक अदालत की शरण ली। लोक अदालत ने रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु तथा बांसल नर्सिंग होम की संचालिका डॉ. प्रोमिला बांसल को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए।
रजिस्ट्रार की ओर से तो अदालत में अपना पक्ष रखा गया, लेकिन अस्पताल संचालिका की ओर से कोई जबाव नहीं दिया गया।
अदालत ने डॉ. प्रोमिला बांसल को इसके लिए जिम्मेवार ठहराते हुए याचिकाकर्त्ता को 5000 रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए। अदालत ने साहिल भाटिया की जन्मतिथि रिकार्ड में सही करने के निर्देश दिए।
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गोबिंद नगर की गली नंबर पांच निवासी साहिल भाटिया ने स्थायी अदालत में एक याचिका दाखिल कर कहा कि सरकुलर रोड स्थित बांसल नर्सिंग होम में उसका चार मार्च 1992 को जन्म हुआ था।
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अस्पताल संचालिका डॉ. प्रोमिला बांसल की गलती से रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु के पास उसका जन्म तीन मार्च 1992 दर्ज किया गया। उसके स्कूल रिकार्ड और सर्टिफिकेट में उसकी जन्मतिथि चार मार्च 1992 ही अंकित है।
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इस मामले में जब उसने जन्मतिथि में सुधार के लिए आवेदन किया तो नगर परिषद स्थित रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु ने इस दलील के साथ उसका आवेदन खारिज कर दिया कि बांसल नर्सिंग होम द्वारा उसकी जन्मतिथि तीन मार्च 1992 दर्शाई गई थी। इसी के आधार पर रजिस्ट्रार ने जन्म प्रमाणपत्र जारी किया है।
इसके बाद साहिल भाटिया ने लोक अदालत की शरण ली। लोक अदालत ने रजिस्ट्रार जन्म एवं मृत्यु तथा बांसल नर्सिंग होम की संचालिका डॉ. प्रोमिला बांसल को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए।
रजिस्ट्रार की ओर से तो अदालत में अपना पक्ष रखा गया, लेकिन अस्पताल संचालिका की ओर से कोई जबाव नहीं दिया गया।
अदालत ने डॉ. प्रोमिला बांसल को इसके लिए जिम्मेवार ठहराते हुए याचिकाकर्त्ता को 5000 रुपये मुआवजा देने के निर्देश दिए। अदालत ने साहिल भाटिया की जन्मतिथि रिकार्ड में सही करने के निर्देश दिए।