{"_id":"afeaf1fb924a54aa611d23c2e41293ba","slug":"the-country-s-future-eating-insects","type":"story","status":"publish","title_hn":"कीड़े खाकर पल रहा देश का भविष्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कीड़े खाकर पल रहा देश का भविष्य
महेंद्रगढ़/ब्यूरो।
Updated Wed, 23 Oct 2013 09:33 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में रिवासा के राजकीय मिडल स्कूल में बच्चों को मिड-डे-मील के साथ कीड़े-मकोड़े परोसने के विरोध में ग्रामीणों ने बुधवार को विद्यालय प्रशासन का घेराव कर रोष जताया।
अभिभावकों ने कहा कि मिड-डे-मील के नाम पर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं विद्यालय के मुख्य अध्यापक वेदप्रकाश आर्य ने स्वीकार किया कि उन्हें राशन की आगे से ही दूषित सप्लाई की जा रही है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल सरपंच शीशराम, पंच भीम सिंह, पंच ओमबीर, रामप्रताप, अशोक व विनोद आदि ने बताया कि पिछले लगभग तीन माह से सरकार की ओर से स्कूल में भेजे जा रहे मिड-डे-मील के राशन में बड़ी संख्या में कीड़े-मकोड़े होते हैं। इसके अलावा राशन में कंकड़ और मिट्टी भी मिली होती है।
विज्ञापन
इस राशन को शिक्षक बच्चों से साफ करवाते है, लेकिन इसके बावजूद राशन खाने योग्य नहीं होता। इसी राशन को तैयार कर बच्चों को परोस दिया जाता है। बच्चे इस राशन को खाने की बजाय अपने बर्तनों में लेकर घर आते है।
बच्चों के बर्तनों को देखने पर कीड़े साफ दिखाई देते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार राशन सप्लाई के ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आज तक इस विषय में कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस कारण उन्हें आज मजबूर होकर विद्यालय प्रशासन का घेराव करना पड़ा है। यदि अब भी स्कूल प्रशासन ने बच्चों को दूषित भोजन परोसा तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विद्यालय के मुख्य अध्यापक वेदप्रकाश आर्य और मिड-डे-मील की इंचार्ज कविता ने इस बात को स्वीकार किया कि इन दिनों उन्हें राशन की आगे से ही दूषित सप्लाई की जा रही है।
इस संबंध में उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत भी की है मगर इसमें किसी प्रकार का कोई सुधार अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि गेहूं और चावल में घुन लगा हुआ है जिससे यह अनाज थोथा हो चुका है मगर फिर भी वे इसकी सफाई करके बच्चों को परोस रहे हैं।
विज्ञापन
अभिभावकों ने कहा कि मिड-डे-मील के नाम पर बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं विद्यालय के मुख्य अध्यापक वेदप्रकाश आर्य ने स्वीकार किया कि उन्हें राशन की आगे से ही दूषित सप्लाई की जा रही है।
विज्ञापन
प्रदर्शनकारियों में शामिल सरपंच शीशराम, पंच भीम सिंह, पंच ओमबीर, रामप्रताप, अशोक व विनोद आदि ने बताया कि पिछले लगभग तीन माह से सरकार की ओर से स्कूल में भेजे जा रहे मिड-डे-मील के राशन में बड़ी संख्या में कीड़े-मकोड़े होते हैं। इसके अलावा राशन में कंकड़ और मिट्टी भी मिली होती है।
विज्ञापन
इस राशन को शिक्षक बच्चों से साफ करवाते है, लेकिन इसके बावजूद राशन खाने योग्य नहीं होता। इसी राशन को तैयार कर बच्चों को परोस दिया जाता है। बच्चे इस राशन को खाने की बजाय अपने बर्तनों में लेकर घर आते है।
बच्चों के बर्तनों को देखने पर कीड़े साफ दिखाई देते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे कई बार राशन सप्लाई के ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आज तक इस विषय में कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस कारण उन्हें आज मजबूर होकर विद्यालय प्रशासन का घेराव करना पड़ा है। यदि अब भी स्कूल प्रशासन ने बच्चों को दूषित भोजन परोसा तो इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विद्यालय के मुख्य अध्यापक वेदप्रकाश आर्य और मिड-डे-मील की इंचार्ज कविता ने इस बात को स्वीकार किया कि इन दिनों उन्हें राशन की आगे से ही दूषित सप्लाई की जा रही है।
इस संबंध में उन्होंने विभाग के उच्च अधिकारियों को शिकायत भी की है मगर इसमें किसी प्रकार का कोई सुधार अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि गेहूं और चावल में घुन लगा हुआ है जिससे यह अनाज थोथा हो चुका है मगर फिर भी वे इसकी सफाई करके बच्चों को परोस रहे हैं।