हरियाणा: अप्रैल में गर्मी का मार्च पास्ट, तापमान दो जिलों में 45 डिग्री सेल्सियस पार, टूटा रिकॉर्ड
हिसार का पारा 45.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं फरीदाबाद के भूपानी में 45.2 डिग्री सेल्यियस दर्ज किया गया। तापमान ने हिसार में पिछले 12 वर्षों का सर्वाधिक तापमान दर्ज किया गया।
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अप्रैल आधा भी नहीं बीता कि भीषण गर्मी का मार्च पास्ट शुरू हो गया है। कड़ी धूप के बीच लू भी बेहद परेशान करने लगी है। शनिवार को प्रदेशभर में अधिकतम तापमान कुछ जगहों को छोड़कर 43 डिग्री सेल्सियस के पार ही रहा। हिसार और फरीदाबाद में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से भी उपर दर्ज किया गया है।
हिसार में अधिकतम तापमान ने अप्रैल माह के पिछले 12 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यहां भारतीय मौसम विभाग द्वारा फार्म एरिया में लगाए गए स्वचालित मौसम मापक यंत्र में अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री दर्ज किया गया है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है।
फरीदाबाद के भूपानी में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री, गुरुग्र्राम और हिसार के बालसमंद में 44.5 डिग्री, सिरसा में 44.4 डिग्री और महेंद्रगढ़ में अधिकतम तापमान 44.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। सबसे कम अधिकतम तापमान पंचकूला में 38.3 डिग्री और अंबाला में 40.0 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक अधिक है।
दो दिन गर्मी के ऑरेंज अलर्ट पर दक्षिण-पश्चिमी हरियाणा
भारतीय मौसम विभाग चंडीगढ़ के अनुसार, अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने वाला है। मौसम शुष्क रहेगा। 13 अप्रैल के बाद ही राज्य में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट संभव है। उत्तरी हरियाणा के जिलों पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र में 3 अप्रैल तक येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा पश्चिमी जिलों हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, भिवानी, चरखी दादरी और दक्षिणी व पूर्वी जिलों महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, नूंह, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत में 10 अप्रैल तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद इन जिलों में 13 अप्रैल तक गर्मी का येलो अलर्ट रहेगा।
सोनीपत में अप्रैल माह में टूटा 10 साल का रिकॉर्ड, लू चलने से सड़कों पर पसरा सन्नाटा
सोनीपत में न्यूनतम और अधिकतम तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अप्रैल के दूसरे सप्ताह में न्यूनतम तापमान 25 और अधिकतम 44 पर पहुंच चुका है। यह अभी तक 10 साल में सबसे ज्यादा है। इससे पहले 2019 में तापमान 23 और 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। घटते वन क्षेत्र और जलस्रोत के कारण तापमान में बढ़ोतरी हो रही है। यह ग्लोबल वार्मिंग का ही रूप है। हरियाली और जलक्षेत्र कम होने से गर्म हवाएं तेजी से ऊपर उठती हैं। उसके स्थान की पूर्ति के लिए राजस्थान की ओर से हवाएं आती हैं। वह हवा रेतीले क्षेत्र के कारण पहले से ही बहुत गर्म हैं। इससे लोगों को लू का सामना करना पड़ रहा है।
खलिहानों को बिजली के तारों से दूर रखने की अपील
गर्मी के प्रकोप के बीच फसलों में विभिन्न कारणों से लग रही आग के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में लग रहे बिजली कट भी लोगों पर पर दोहरी मार डाल रहे हैं। चरखी दादरी में भी शनिवार को बिजली निगम ने फसल कटाई के चलते बिजली आपूर्ति सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक बाधित रखने की घोषणा की है। निगम के एसडीओ नरेंद्र कुमार ने किसानों से गेहूं व सरसों के खलिहानों को बिजली के ट्रांसफार्मर व तारों से दूर रखने की अपील की है।
प्रदेश में विभिन्न स्थानों का तापमान
- चंडीगढ़ 39.1 डिग्री सेल्सियस
- अंबाला 41.7 डिग्री सेल्सियस
- हिसार शहर 43.2 डिग्री
- करनाल 43.6 डिग्री सेल्सियस
- नारनौल 43.6 डिग्री
- रोहतक 43.6 डिग्री
- भिवानी 41.7 डिग्री
- फरीदाबाद 45.2 डिग्री
- गुरुग्राम 43.6 डिग्री
- झज्जर 43.2 डिग्री
- जींद 43.9 डिग्री
- कैथल 41.4 डिग्री
- महेंद्रगढ़ 44.00 डिग्री
- सिरसा 44.4 डिग्री
- पंचकूला 38.3 डिग्री
47.9 रहा है अप्रैल का आज तक का रिकॉर्ड तापमान
हिसार जिले में पिछले 12 वर्षों में दूसरी बार हुआ है जब अप्रैल माह में ही अधिकतम तापमान 45 डिग्री के पार कर गया हो। 2017 में भी हिसार का अधिकतम तापमान 21 अप्रैल को 45 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था। वहीं, जिले में अब तक के ओवरऑल रिकार्ड की बात करें तो 27 अप्रैल 1958 को हिसार का तापमान 47.9 डिग्री तक पहुंच गया था।
हिसार में अप्रैल माह का पिछले 12 वर्षों का तापमान
- 30 अप्रैल 2021 - 43.4 डिग्री सेल्सियस
- 16 अप्रैल 2020 - 40.6
- 25 अप्रैल 2019 - 42.5
- 26 अप्रैल 2018 - 43.9
- 21 अप्रैल 2017 - 45.0
- 17 अप्रैल 2016 - 43.2
- 26 अप्रैल 2015 - 41.7
- 30 अप्रैल 2014 - 42.7
- 17 अप्रैल 2013 - 40.0
- 10 अप्रैल 2012 - 39.5
- 29 अप्रैल 2011 - 42.0
- 27 अप्रैल 1958 - 47.9