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खादर में बवाल करने वाले यूपी के किसानों पर शिकंजा कसा तो अग्रिम जमानत को हाईकोर्ट पहुंचे
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कुंडली । यमुना खादर में बवाल करने वाले यूपी के बागपत जिले के नंगला बहलोलपुर के किसानों पर शिकंजा कसना शुरू हो गया है। उनपर शिकंजा कसना शुरू होते ही वह अग्रिम जमानत के लिए हाईकोई में पहुंच गए हैं। सोनीपत कोर्ट से जमानत कैंसिल होने के बाद वह हाईकोर्ट में पहुंचे हैं। नंगला बहलोलपुर के लगभग 30 किसान हैं, जिन्होंने खुर्मपुर के किसानों पर यमुना खादर में हमला किया था। जिनमें से 4 गिरफ्तार हो गए थे तो अन्य ने अग्रिम जमानत को कोर्ट में याचिका डाली है। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि पहले कई मुकदमे होने के बावजूद भी यूपी के किसान लगातार बवाल करते रहे। अब जिस तरह से शिकंजा कसता जा रहा है, उससे जरूर वह शांत हो सकते हैं।
खुर्मपुर के 200 किसानों की यमुना खादर में लगभग 60 एकड़ खेती की जमीन है। इस जमीन की नवंबर 2019 में डीसी के आदेश पर पैमाइश कराई गई थी और 24 एकड़ जमीन पर यूपी के बागपत जिले के नंगला बहलोलपुर के गांव के किसानों का कब्जा मिला था। उस जमीन पर प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस को लेकर जाने के बाद खुर्मपुर के किसानों का कब्जा दिला दिया था। उस समय भी यूपी के किसानों ने खूब बवाल किया था और उनके खिलाफ कुंडली थाने में एक मुकदमा 2 दिसंबर 2019 को दर्ज हुआ था तो दूसरा मुकदमा 8 दिसंबर को दर्ज हुआ था। उस समय 17 को नामजद व लगभग 13 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज हुआ था। जिनमें से चार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद भी नंगला बहलोलपुर के किसान अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं और अप्रैल में गेहूं की फसल कटाई के समय दोबारा से बवाल कर दिया तो एक सप्ताह पहले भी यमुना खादर में मारपीट की गई। इस तरह दिसंबर में दर्ज हुए मुकदमों में अन्य बचे हुए किसानों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पीड़ित जिला पार्षद नंदकिशोर चौहान ने बताया कि यूपी के किसानों ने दिसंबर में दर्ज हुए मुकदमों में अग्रिम जमानत के लिए सोनीपत कोर्ट में याचिका डाली थी, लेकिन यहां से उनकी जमानत याचिका कैंसिल हो गई। उसके बाद अब हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका डाली गई है। जिला पार्षद नंदकिशोर चौहान ने कहा कि कुंडली थाना पुलिस से मिलकर अन्य मुकदमों में उनकी गिरफ्तारी की मांग की जाएगी, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी नहीं होती है तो वह लगातार यमुना खादर में आकर बवाल करते रहेंगे।
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खुर्मपुर के 200 किसानों की यमुना खादर में लगभग 60 एकड़ खेती की जमीन है। इस जमीन की नवंबर 2019 में डीसी के आदेश पर पैमाइश कराई गई थी और 24 एकड़ जमीन पर यूपी के बागपत जिले के नंगला बहलोलपुर के गांव के किसानों का कब्जा मिला था। उस जमीन पर प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस को लेकर जाने के बाद खुर्मपुर के किसानों का कब्जा दिला दिया था। उस समय भी यूपी के किसानों ने खूब बवाल किया था और उनके खिलाफ कुंडली थाने में एक मुकदमा 2 दिसंबर 2019 को दर्ज हुआ था तो दूसरा मुकदमा 8 दिसंबर को दर्ज हुआ था। उस समय 17 को नामजद व लगभग 13 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज हुआ था। जिनमें से चार को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद भी नंगला बहलोलपुर के किसान अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं और अप्रैल में गेहूं की फसल कटाई के समय दोबारा से बवाल कर दिया तो एक सप्ताह पहले भी यमुना खादर में मारपीट की गई। इस तरह दिसंबर में दर्ज हुए मुकदमों में अन्य बचे हुए किसानों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पीड़ित जिला पार्षद नंदकिशोर चौहान ने बताया कि यूपी के किसानों ने दिसंबर में दर्ज हुए मुकदमों में अग्रिम जमानत के लिए सोनीपत कोर्ट में याचिका डाली थी, लेकिन यहां से उनकी जमानत याचिका कैंसिल हो गई। उसके बाद अब हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका डाली गई है। जिला पार्षद नंदकिशोर चौहान ने कहा कि कुंडली थाना पुलिस से मिलकर अन्य मुकदमों में उनकी गिरफ्तारी की मांग की जाएगी, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी नहीं होती है तो वह लगातार यमुना खादर में आकर बवाल करते रहेंगे।
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