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इंजेक्शन लगाकर कुश्ती के दांवपेंच दिखाने उतरे पहलवान

Tue, 03 Mar 2020 07:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 03 Mar 2020 07:30 PM IST
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wrestlers descended to show the stakes of wrestling by injecting
सुभाष स्टेडियम के प्रांगण में प्रयोग के बाद फेंकी गई सीरिंज - फोटो : Sonipat
सोनीपत। खेल को भले ही निष्पक्ष होकर खेलने की हर कोई सीख देता हो। लेकिन सुभाष स्टेडियम में मंगलवार को हुई जिला अखाड़ा केसरी व कुमार कुश्ती प्रतियोगिता में खेल भावना दिखाई नहीं दी। वहां कुछ पहलवानों ने अपनी नशों में इंजेक्शन लगाकर कुश्ती के दांवपेंच दिखाए। पहलवानों ने नशों में इंजेक्शन लगाकर सीरिंज को स्टेडियम के अंदर ही फेंक दिया। वहां फुर्ती के इंजेक्शन लगाए गए या डोपिंग के इंजेक्शनों का इस्तेमाल किया गया। इसकी अगर जांच होने के बाद ही पता चल सकता है। लेकिन यह जरूर है कि जब खेल की पहली कड़ी में पहलवान निष्पक्ष खेल नहीं खेलते तो उनसे आगे किस तरह की उम्मीद की जा सकती है और ऐसे चंद पहलवानों की वजह से खेल भावना के साथ खेलने उतरे पहलवानों तक को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है।
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सोनीपत के सुभाष स्टेडियम में सोमवार को दो दिवसीय जिला अखाड़ा केसरी व कुमार कुश्ती प्रतियोगिता शुरू कराई गई थी, जिसमें मंगलवार को फाइनल मुकाबले खेले गए। इस प्रतियोगिता में जिले भर के पहलवानों ने हिस्सा लिया और वहां 450 पहलवान हिस्सा लेने के लिए आए थे। जिला खेल विभाग की ओर से यह प्रतियोगिता कराई गई, क्योंकि इसमें जीत दर्ज करने वाले पहलवानों को राज्य स्तर की प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिलेगा। उसके बाद जीतने वाले नेशनल तो फिर जीत मिलती है तो अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक भी पहुंचने की उम्मीद रहती है। इस उम्मीद को रखने वाले कुछ पहलवानों ने मंगलवार को सुभाष स्टेडियम में कुछ अलग तरह की कुश्ती लड़ी। स्टेडियम के मैदान में रेसलिंग मैट डालकर कुश्ती प्रतियोगिता कराई जा रही थी और उससे चंद कदम दूर स्टेडियम के अंदर ही कुछ पहलवान अपनी नसों में इंजेक्शन लगाकर दांवपेंच दिखाने के लिए मैट पर उतर रहे थे। वह इंजेक्शन भी कोई दूसरा नहीं, बल्कि पहलवानों के साथ आए लोग ही लगा रहे थे। स्टेडियम के अंदर जिला खेल अधिकारी कार्यालय से चंद कदम की दूरी पर सीढ़ियों के नीचे नई इस्तेमाल की हुई सीरिंज पड़ी हुई थीं तो उसके पास ही कूड़े में कई अन्य सीरिंज पड़ी थीं। जिससे साफ था कि वहां इन सीरिंज का इस्तेमाल क्यों किया गया है? यह केवल विपक्षी पहलवान को किसी भी तरह हराकर आगे बढ़ने के लिए इस्तेमाल किया गया।
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इस कारण लगाते हैं इंजेक्शन
किसी भी खेल प्रतियोगिता में खिलाड़ी केवल इसलिए इंजेक्शन लगाता है, जिससे उसके शरीर की ताकत बढ़ जाए। इसके लिए एनर्जी से लेकर स्टेयराइड तक के इंजेक्शन लिए जाते हैं जो केवल डोपिंग टेस्ट में सामने आते हैं। इस श्रेणी में काफी स्टेयराइड आते हैं, जिनका इंजेक्शन लगाने या सेवन करने से शरीर में कुछ समय के लिए फुर्ती आ जाती है। उसे खिलाड़ी अपनी कुश्ती होने से कुछ समय पहले लगाते हैं, क्योंकि उसका असर कुछ समय के लिए होता है। उस कारण ही ऐसा करने वाले खिलाड़ी के सामने विपक्षी टिक नहीं पाता है और वह चंद मिनटों में दूसरे को हरा सकता है।
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यह होते हैं इंजेक्शन के नुकसान
खिलाड़ी जब किसी स्टेयराइड या फुर्ती के इंजेक्शन का इस्तेमाल करते हैं तो शुरूआती समय में उनको उसके दुष्प्रभाव दिखाई नहीं देते हैं। लेकिन कुछ समय बाद उसके दुष्प्रभाव शुरू हो जाते हैं। उससे शरीर के हारमोन्स बिगड़ जाते हैं और उसको तरह-तरह की बीमारी होने लगती हैं। उससे उस खिलाड़ी का भविष्य खत्म होने के कगार पर पहुंच जाता है। इस कारण ही समय-समय पर खिलाड़ियों को जागरूक करने के लिए एंटी डोपिंग सेमिनार में लेकर जाते हैं, जिससे वह इसके दुष्प्रभावों की जानकारी ले सकें और इस तरह के स्टेयराइड व फुर्ती के इंजेक्शन से दूर रहें।
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जिला व प्रदेश स्तर पर नहीं होता टेस्ट
जिला व प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं में डोपिंग टेस्ट के लिए सैंपल नहीं लिया जाता है। इस कारण ही खिलाड़ियों ने इन प्रतियोगिताओं में स्टेयराइड व फुर्ती के इंजेक्शन लेने शुरू कर दिए हैं। क्योंकि इनके बाद वह नेशनल तक तो पहुंच जाते हैं और उनको नेशनल तक जाने के लिए काफी समय भी प्रैक्टिस करने को मिल जाता है।
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45 किलो के पहलवान संग भिड़ाया ज्यादा वजन वाला, हंगामा
जिला अखाड़ा केसरी व कुमार कुश्ती प्रतियोगिता में वजन का खेल भी खूब किया गया। जहां 45 किलो के पहलवान अखिल के साथ पहले ही दौर में ज्यादा वजन का पहलवान भिड़ा दिया गया। जिससे अखिल हार गया और वह रोने लगा तो उसके परिजनों ने खेल अधिकारी निर्मला गुलिया से शिकायत की। जिसके बाद अखिल की उसके ही वजन वाले पहलवान से कुश्ती कराई गई और उसने सिल्वर मेडल जीत लिया।

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कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान सख्ती की गई थी और वहां ध्यान रखा जा रहा था कि कोई पहलवान इंजेक्शन का इस्तेमाल नहीं करे। इसके लिए कई कर्मियों को जिम्मेदारी दी गई थी। उसके बावजूद भी किसी ने इंजेक्शन लगाया है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
-निर्मला गुलिया, जिला खेल अधिकारी

सुभाष स्टेडियम में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान सीढिय़ों के नीचे पड़ी सीरिंज

सुभाष स्टेडियम में आयोजित कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान सीढिय़ों के नीचे पड़ी सीरिंज- फोटो : Sonipat

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