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संशोधित : विश्व रेबीज दिवस : नागरिक अस्पताल में चार माह बाद मिले एंटी रेबीज के इंजेक्शन, आज से लगेंगे
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सोनीपत। विश्व रेबीज दिवस से एक दिन पहले नागरिक अस्पताल में इंजेक्शन पहुंचने से कुत्ते और बंदर से काटने से परेशान लोगों को राहत मिली है। नागरिक अस्पताल समेत सभी सामुदायिक केंद्रों में करीब चार माह से एंटी रेबीज के इंजेक्शन नहीं थे। अस्पताल में मंगलवार शाम को इंजेक्शन की 13500 डोज पहुंची है। घायल लोगों को मेडिकल स्टोरों व निजी अस्पतालों से इंजेक्शन महंगे दामों पर खरीदने पड़ रहे थे। नागरिक अस्पताल से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इंजेक्शन की डोज भेजी गई है।
नागरिक अस्पताल में 4 जून को ही एंटी रेबीज के इंजेक्शन खत्म हो गए थे। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी इंजेक्शन न होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। गलियों में घूमने वाले कुत्तों के काटने से लोगों को परेशानी हो रही थी। अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने वाले अधिकतर लोग पालतू कुत्तों के काटे जाने से आ रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रत्येक माह दो हजार लोग एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने आते थे, लेकिन चार माह से इंजेक्शन न होने के कारण घायल अस्पताल से वापस जा रहे थे। ऐसे में लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों व मेडिकल स्टोर से 300 रुपये में एक इंजेक्शन खरीदकर लगवाना पड़ रहा था। कुत्ते व बंदर के काटने से परेशान लोगों के लिए मंगलवार शाम राहत भरी खबर आई है। शाम को नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज की 2700 वॉयल पहुंची है। एक वॉयल में पांच डोज होती है। जिससे 13500 डोज अस्पताल में पहुंच गई है। सरकारी अस्पताल में यह बीपीएल कार्ड धारकों के लिए फ्री लगाया जाएगा। वहीं सामान्य मरीज को यह इंजेक्शन 100 रुपये में लगाया जाएगा। अब तक लोगों को यह इंजेक्शन फ्री लगवाने के लिए दिल्ली के नरेला स्थित राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में जाना पड़ रहा था।
जानवर के काटने पर यह करें उपचार
रेबीज कुत्ते, बिल्ली, बंदर आदि जानवरों के काटने के कारण हो सकता है। जब शरीर पर किसी जानवर के द्वारा काट लिया जाता है तो व्यक्ति को उस घाव को 15 मिनट तक साफ पानी से साबुन लगाकर धोना चाहिए। उसके बाद अस्पताल में जाकर एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने चाहिए। शरीर पर हुए घाव पर मिर्च, सरसों का तेल के अलावा कोई अन्य पदार्थ न लगाएं। समय-समय पर लोगों को पालतू जानवरों का टीकाकरण करवाना चाहिए।
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अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में काफी समय से एंटी रेबीज के इंजेक्शन खत्म थे। मंगलवार शाम को 2700 वॉयल पहुंच गई है। जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी भेजा जा रहा है। इंजेक्शन के लिए मुख्यालय को डिमांड भेज रखी थी। जिसके चलते मंगलवार शाम को इंजेक्शन उपलब्ध हो गए हैं। बुधवार को इंजेक्शन लगने शुरू हो जाएंगे।
डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन
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नागरिक अस्पताल में 4 जून को ही एंटी रेबीज के इंजेक्शन खत्म हो गए थे। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी इंजेक्शन न होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। गलियों में घूमने वाले कुत्तों के काटने से लोगों को परेशानी हो रही थी। अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने वाले अधिकतर लोग पालतू कुत्तों के काटे जाने से आ रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में प्रत्येक माह दो हजार लोग एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने आते थे, लेकिन चार माह से इंजेक्शन न होने के कारण घायल अस्पताल से वापस जा रहे थे। ऐसे में लोगों को उपचार के लिए निजी अस्पतालों व मेडिकल स्टोर से 300 रुपये में एक इंजेक्शन खरीदकर लगवाना पड़ रहा था। कुत्ते व बंदर के काटने से परेशान लोगों के लिए मंगलवार शाम राहत भरी खबर आई है। शाम को नागरिक अस्पताल में एंटी रेबीज की 2700 वॉयल पहुंची है। एक वॉयल में पांच डोज होती है। जिससे 13500 डोज अस्पताल में पहुंच गई है। सरकारी अस्पताल में यह बीपीएल कार्ड धारकों के लिए फ्री लगाया जाएगा। वहीं सामान्य मरीज को यह इंजेक्शन 100 रुपये में लगाया जाएगा। अब तक लोगों को यह इंजेक्शन फ्री लगवाने के लिए दिल्ली के नरेला स्थित राजा हरिश्चंद्र अस्पताल में जाना पड़ रहा था।
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जानवर के काटने पर यह करें उपचार
रेबीज कुत्ते, बिल्ली, बंदर आदि जानवरों के काटने के कारण हो सकता है। जब शरीर पर किसी जानवर के द्वारा काट लिया जाता है तो व्यक्ति को उस घाव को 15 मिनट तक साफ पानी से साबुन लगाकर धोना चाहिए। उसके बाद अस्पताल में जाकर एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने चाहिए। शरीर पर हुए घाव पर मिर्च, सरसों का तेल के अलावा कोई अन्य पदार्थ न लगाएं। समय-समय पर लोगों को पालतू जानवरों का टीकाकरण करवाना चाहिए।
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अस्पताल व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में काफी समय से एंटी रेबीज के इंजेक्शन खत्म थे। मंगलवार शाम को 2700 वॉयल पहुंच गई है। जिन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी भेजा जा रहा है। इंजेक्शन के लिए मुख्यालय को डिमांड भेज रखी थी। जिसके चलते मंगलवार शाम को इंजेक्शन उपलब्ध हो गए हैं। बुधवार को इंजेक्शन लगने शुरू हो जाएंगे।
डॉ. जयकिशोर, सिविल सर्जन